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Bijapur News: माओवादी गढ़ तर्रेम बना स्वास्थ्य मॉडल, राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन हासिल कर रचा इतिहास
अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर
Published by: बीजापुर ब्यूरो
Updated Tue, 05 May 2026 04:24 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ के बीजापुर में अतिसंवेदनशील गांव तर्रेम ने माओवादी प्रभाव से उबरकर स्वास्थ्य सेवाओं में नई मिसाल कायम की है। आयुष्मान आरोग्य मंदिर तर्रेम को केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से NQAS राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन मिला है।
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बीजापुर न्यूज
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
विकासखंड उसूर का अतिसंवेदनशील ग्राम तर्रेम, जो कभी माओवादी प्रभाव के कारण पिछड़ा था, अब स्वास्थ्य सेवाओं में नई पहचान बना चुका है। जिला मुख्यालय से लगभग 80 किलोमीटर दूर स्थित इस ग्राम में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के चलते लोगों का भरोसा तेजी से बढ़ा है। राज्य सरकार की पहल से क्षेत्र में पहुंच आसान हुई है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार संभव हुआ है।
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आयुष्मान आरोग्य मंदिर तर्रेम में प्रतिदिन 25 से 30 मरीजों की बाह्य रोगी विभाग में जांच होती है। सुरक्षित प्रसव सेवाएं और प्रयोगशाला जांच की सुविधाएं नियमित रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं। अस्पताल प्रबंधन, स्वच्छता और मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार पर विशेष ध्यान दिया जाता है। 102 व 108 एम्बुलेंस सेवाओं का प्रभावी संचालन हो रहा है। आयुष्मान भारत योजना सहित अन्य शासकीय योजनाओं का सफल क्रियान्वयन भी यहां देखा जा रहा है। यह क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव है।
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कलेक्टर संबित मिश्रा के मार्गदर्शन और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बीआर पुजारी के नेतृत्व में यह उपलब्धि हासिल हुई है। आकांक्षी विकासखंड उसूर के आयुष्मान आरोग्य मंदिर तर्रेम को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाणन प्राप्त हुआ है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा 16 फरवरी 2026 से इसका वर्चुअल मूल्यांकन किया गया था। मूल्यांकन में 12 सेवाओं के आधार पर कुल 88.19 फीसदी अंक प्राप्त हुए। स्वास्थ्य केंद्र के समस्त स्टाफ से राष्ट्रीय कार्यक्रमों और ग्रामीणों को दी जा रही सेवाओं पर विस्तार से जानकारी ली गई। सभी कर्मी मूल्यांकन में सफल रहे और अपनी दक्षता साबित की।
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इस महत्वपूर्ण उपलब्धि में अनेक स्वास्थ्य कर्मियों का विशेष योगदान रहा है। जिला कार्यक्रम प्रबंधक वरुण साहू, नर्सिंग ऑफिसर मानसी ताटपल्ली और विकासखंड चिकित्सा अधिकारी डॉ उमेश ठाकुर शामिल हैं। सेक्टर प्रभारी डॉ शिवा गौरी, ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक श्रवण नेताम और डेटा प्रबंधक निरंजन भोई ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समस्त स्वास्थ्य स्टाफ, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, ग्रामीण स्वास्थ्य अधिकारी, सहायक नर्स मिडवाइफ और मितानिनों का भी इसमें विशेष योगदान रहा। उनके अथक प्रयासों से ही तर्रेम स्वास्थ्य सेवाओं का एक मॉडल बन पाया है।