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Bijapur: रेत माफियाओं पर एफआईआर करने की मांग, कांग्रेस ने दिया थाने में धरना

अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर Published by: बीजापुर ब्यूरो Updated Fri, 19 Jun 2026 08:27 PM IST
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सार

बीजापुर में बीती रात करीब डेढ़ बजे मिंगाचल नदी पर भारी मात्रा में रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन जारी था। दर्जनों ट्रक तथा भारी मशीनें जेसीबी एवं पोकलैंड नदी से रेत निकाल रही थीं।

Demand for FIR against sand mafia Congress stages sit-in at police station in Bijapur
बीजापुर न्यूज
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विस्तार

बीजापुर में बीती रात करीब डेढ़ बजे मिंगाचल नदी पर भारी मात्रा में रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन जारी था। दर्जनों ट्रक तथा भारी मशीनें जेसीबी एवं पोकलैंड नदी से रेत निकाल रही थीं। यह दृश्य न केवल चौंकाने वाला था, बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र की नाकामी को साफ उजागर कर रहा है, उक्त बातें मीडिया से वार्ता करते हुए बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी ने कही। उन्होंने यह भी कहा कि यह सीधे तौर पर सरकारी राजस्व की चोरी है। जिस पर तत्काल एफआईआर दर्ज कर रेत माफियाओं पर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की।



प्रेस वार्ता में विधायक मंडावी ने आगे कहा सबसे गंभीर बात यह है कि यह अवैध खदान राष्ट्रीय राजमार्ग के बिल्कुल निकट स्थित है, जो थाने से मात्र 3 किलोमीटर की दूरी पर है। नदी के पास सीआरपीएफ कैम्प भी मौजूद हैं। इतनी भारी सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी के बावजूद रेत माफिया खुलेआम लूट मचा रहे हैं और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। उन्होंने सवाल उठाते हुए पूछा, क्या बीजापुर के रेत माफियाओं को प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है? या फिर भारतीय जनता पार्टी के सांसद महेश कश्यप का संरक्षण मिला हुआ है? क्योंकि इस पूरे अवैध कारोबार में भाजपा के नेता गोपाल सिंह पवार, अभिषेक सिंह ठाकुर और सीताराम मोरला जो सांसद महेश कश्यप के करीबी माने जाते हैं, सक्रिय रूप से शामिल हैं।
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विधायक ने कहा कि यह घटना खान और खनिज (विकास एवं नियमन) अधिनियम, 1957 (MMDR Act) का सीधा उल्लंघन है। बिना लाइसेंस या लीज के खनन पूर्णतः अवैध है और इसके लिए सजा तथा भारी जुर्माने का प्रावधान है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ लघु खनिज साधारण रेत (खनन और व्यापार) नियम, 2019 (तथा संशोधन) के तहत ट्रांजिट पास अनिवार्य है और रात के समय बिना अनुमति के खनन गतिविधियां पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। टिकाऊ रेत खनन प्रबंधन दिशानिर्देश 2016 और रेत खनन प्रवर्तन एवं निगरानी दिशानिर्देश 2020 भी रात में सख्त निगरानी और अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई की बात हैं, बावजूद इसके रेत माफिया बेख़ौफ़ होकर रेत के कारोबार में लगे है उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जिला प्रशासन ने 15 जून से अक्टूबर तक नदी नालों में रेत उत्खनन और भंडारण पर प्रतिबंध लगाया हुआ है तो फिर यह किसके आदेश पर रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन किया जा रहा है ? विधायक विक्रम ने कहा कि यह अवैध खनन केवल सरकारी राजस्व की लूट नहीं, बल्कि गंभीर पर्यावरणीय आपदा भी है। इससे नदी का कटाव बढ़ रहा है, जलीय जीव-जंतु प्रभावित हो रहे हैं और आदिवासी समुदायों की आजीविका पर संकट आ रहा है। PESA क्षेत्र में ग्राम सभा की अनुमति के बिना यह कार्य आदिवासी अधिकारों का भी उल्लंघन है।
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विधायक ने की मुख्यमंत्री से मांग:
रेत माफिया, उनके संरक्षक और लापरवाह अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की जाए। पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच हो, सभी मशीनों और वाहनों को जब्त किया जाए तथा दोषियों पर MMDR Act और BNS के प्रावधानों के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। छत्तीसगढ़ सरकार से अपील करते हुए विधायक विक्रम मंडावी ने यह भी कहा कि बीजापुर जिले में रेत खनन पर 24×7 ड्रोन निगरानी लगाई जाए और एक विशेष टास्क फोर्स तैनात की जाए। अवैध रेत खनन में संलिप्त अधिकारियों और माफियाओं पर सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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