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भिलाई: 28 लाख रुपये की ठगी के आरोप में बिल्डर का भाई गिरफ्तार, भाई के नाम से बनाए फर्जी दस्तावेज
Sat, 24 Oct 2026 05:44 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, दुर्ग-भिलाई
अमर उजाला नेटवर्क, दुर्ग-भिलाई
Published by: अमन कोशले
Updated Sat, 24 Oct 2026 05:44 PM IST
सार
भिलाई में बिल्डर के भाई पर 28 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगा है। फर्जी दस्तावेजों से दो दुकानें बेचने के मामले में सुपेला पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
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पुलिस के गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दुर्ग जिले के भिलाई पुलिस ने चौहान ग्रुप के मालिक और बिल्डर अजय चौहान के सगे भाई को 28 लाख रुपये की ठगी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। सुपेला पुलिस ने आरोपी संजय चौहान (47) निवासी शास्त्री नगर, भिलाई को गिरफ्तार करके न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आरोपी पर अपने बड़े भाई के नाम से फर्जी अनापत्ति प्रमाण पत्र और लेटरपैड तैयार कर दो दुकानों का सौदा करने तथा रकम हड़पने का गंभीर आरोप है।
कूटरचित दस्तावेज से दो दुकानों का किया सौदा
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी संजय चौहान ने इस ठगी को अंजाम देने के लिए सुव्यवस्थित षड्यंत्र रचा। चौहान ग्रुप के मालिक अजय चौहान क्षेत्र के जाने-माने बिल्डर हैं। आरोपी संजय चौहान ने अपने भाई अजय चौहान के नाम का अनुचित लाभ उठाते हुए उनके नाम से फर्जी लेटरपैड तैयार कराया। इसके बाद उसने अनापत्ति प्रमाण पत्र पर अजय चौहान के फर्जी हस्ताक्षर कर दिए। इसी कूटरचित दस्तावेज को सही बताकर आरोपी ने चौहान प्लाजा स्थित दुकान संख्या 110 और 111 को बेचने का सौदा तय कर लिया। पीड़ित साजिद खान ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि दुकानों की बिक्री के लिए बिल्डर अजय चौहान की ओर से जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र बेहद अनिवार्य था। संजय चौहान ने फर्जी दस्तावेज दिखाकर दुकानों का सौदा किया और साजिद खान से नकद व बैंक खातों के माध्यम से अलग-अलग किश्तों में कुल 28 लाख रुपये की राशि ले ली।
उच्च न्यायालय के रोक के बावजूद बेची दुकानें
सुपेला पुलिस की जांच और प्रस्तुत दस्तावेज के अवलोकन से एक और बड़ा तथ्य सामने आया। जिस संपत्ति की खरीद-बिक्री का यह सौदा रचा गया था, उस पर बिलासपुर उच्च न्यायालय ने 8 मार्च, 2001 को ही रोक लगा दी थी। उच्च न्यायालय द्वारा लगाई गई इस कानूनी रोक के बावजूद आरोपी संजय चौहान ने 23 अक्तूबर, 2019 को दुकानों की बिक्री का लेनदेन पूरा कर लिया। जब शिकायतकर्ता साजिद खान को धोखाधड़ी की भनक लगी, तो उन्होंने पूरे मामले की लिखित शिकायत सुपेला थाने में दर्ज कराई।
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धोखाधड़ी और कूटरचना की धाराओं में मामला दर्ज
पुलिस ने साजिद खान द्वारा प्रस्तुत शिकायत और संबंधित दस्तावेज की प्राथमिक जांच की। जांच के दौरान प्रथम दृष्टया फर्जी दस्तावेज तैयार करने और धोखाधड़ी करने की पुष्टि होने पर सुपेला पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। पुलिस ने आरोपी संजय चौहान के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और धारा 468 के तहत मामला दर्ज किया। इसके बाद सुपेला पुलिस ने आरोपी संजय चौहान को उसके निवास स्थान शास्त्री नगर से गिरफ्तार कर लिया। आवश्यक वैधानिक प्रक्रियाओं को पूरा करने के पश्चात पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से न्यायालय ने उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
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कूटरचित दस्तावेज से दो दुकानों का किया सौदा
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी संजय चौहान ने इस ठगी को अंजाम देने के लिए सुव्यवस्थित षड्यंत्र रचा। चौहान ग्रुप के मालिक अजय चौहान क्षेत्र के जाने-माने बिल्डर हैं। आरोपी संजय चौहान ने अपने भाई अजय चौहान के नाम का अनुचित लाभ उठाते हुए उनके नाम से फर्जी लेटरपैड तैयार कराया। इसके बाद उसने अनापत्ति प्रमाण पत्र पर अजय चौहान के फर्जी हस्ताक्षर कर दिए। इसी कूटरचित दस्तावेज को सही बताकर आरोपी ने चौहान प्लाजा स्थित दुकान संख्या 110 और 111 को बेचने का सौदा तय कर लिया। पीड़ित साजिद खान ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि दुकानों की बिक्री के लिए बिल्डर अजय चौहान की ओर से जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र बेहद अनिवार्य था। संजय चौहान ने फर्जी दस्तावेज दिखाकर दुकानों का सौदा किया और साजिद खान से नकद व बैंक खातों के माध्यम से अलग-अलग किश्तों में कुल 28 लाख रुपये की राशि ले ली।
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उच्च न्यायालय के रोक के बावजूद बेची दुकानें
सुपेला पुलिस की जांच और प्रस्तुत दस्तावेज के अवलोकन से एक और बड़ा तथ्य सामने आया। जिस संपत्ति की खरीद-बिक्री का यह सौदा रचा गया था, उस पर बिलासपुर उच्च न्यायालय ने 8 मार्च, 2001 को ही रोक लगा दी थी। उच्च न्यायालय द्वारा लगाई गई इस कानूनी रोक के बावजूद आरोपी संजय चौहान ने 23 अक्तूबर, 2019 को दुकानों की बिक्री का लेनदेन पूरा कर लिया। जब शिकायतकर्ता साजिद खान को धोखाधड़ी की भनक लगी, तो उन्होंने पूरे मामले की लिखित शिकायत सुपेला थाने में दर्ज कराई।
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धोखाधड़ी और कूटरचना की धाराओं में मामला दर्ज
पुलिस ने साजिद खान द्वारा प्रस्तुत शिकायत और संबंधित दस्तावेज की प्राथमिक जांच की। जांच के दौरान प्रथम दृष्टया फर्जी दस्तावेज तैयार करने और धोखाधड़ी करने की पुष्टि होने पर सुपेला पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। पुलिस ने आरोपी संजय चौहान के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और धारा 468 के तहत मामला दर्ज किया। इसके बाद सुपेला पुलिस ने आरोपी संजय चौहान को उसके निवास स्थान शास्त्री नगर से गिरफ्तार कर लिया। आवश्यक वैधानिक प्रक्रियाओं को पूरा करने के पश्चात पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से न्यायालय ने उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।