CG: कांग्रेस बोली- प्रदेश में फल-फूल रहा नशे का कारोबार, दुर्ग के बाद बलरामपुर में भी लहलहा रही नशीली फसल
CG News: छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने नशे के कारोबार को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है।
विस्तार
इस्तीफा दें गृहमंत्री विजय शर्मा: भूपेश बघेल
उन्होंने कहा कि बलरामपुर में जहां अफीम पकड़ी गई है, उस गांव के सरपंच का कहना है कि यहां अफीम की खेती होने की सूचना उसने जनवरी में ही पुलिस को दी थी, लेकिन फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। देश और प्रदेश देख रहा है जिस तरीके से दुर्ग में भाजपा नेता की तरफ की जा रही अफीम की खेती के बाद भी उसे मुख्य आरोपी नहीं बनाया गया, जिस तरीके से बलरामपुर में पुलिस को सूचना के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई, इससे स्पष्ट है कि सूखे नशे का यह नेटवर्क सरकार के संरक्षण में चल रहा है। अगर सरकार के मुखिया को जरा भी नैतिकता का अहसास तो तुरंत ऐसे गृहमंत्री को बर्खास्त कर देना चाहिए। वर्ना 'सुशासन' की आड़ में छिपकर खेला जा रहा सूखे नशे का यह व्यापारिक खेल स्पष्ट करता है कि पूरी सरकार और भाजपा ही इस कारोबार की "पार्टनर इन क्राइम" है. "सूखा नशा ही सुशासन है"।
जानें पूरा मामला
दुर्ग जिले में भाजपा नेता के अफीम की अवैध खेती करने के बाद मंगलवार को बलरामपुर जिले में भी इसकी खेती करने की जानकारी मिली। सूचना पर पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। बताया जाता है कि आदिवासी की जमीन को लीज पर लेकर झारखंड का एक व्यक्ति अफीम की खेती कर रहा था। पुलिस टीम मामले की जांच कर रही है। इस खेती में शामिल लोगों की जांच-पड़ताल करने में जुटी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
क्षेत्र में लंबे समय से अवैध अफीम की खेती की शिकायत मिल रही थी। कुसमी पुलिस ने राजस्व एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ संयुक्त रूप से घोसरा गांव में दबिश दी। इस दौरान जहां बड़े पैमाने पर अफीम की अवैध खेती पाई गई। प्रशासन ने मौके पर ही अफीम की फसल को नष्ट करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच के बाद अवैध अफीम की खेती में शामिल लोगों के खिलाफ एनटीपीएस एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बीजेपी सरकार में नशे के कारोबार का संरक्षण: सुशील आनंद शुक्ला
इस मामले में कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार में नशे के कारोबार का संरक्षण मिला हुआ है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि दुर्ग के समोदा में भाजपा नेता विनायक ताम्रकार की तरफ से अफीम की खेती कराया जाना साबित करता है कि भाजपा सरकार नशे की कारोबार को बढ़ावा दे रही है। बिना सरकार के संरक्षण के यह संभव ही नही की कोई छत्तीसगढ़ जैसी राज्य में अफीम की खेती करने का साहस कर सके। पुलिस ने भाजपा नेताओं को तीसरे नंबर का आरोपी बनाया, इसका मतलब सरकार उसको बचाने की कोशिश में है।
नशे की गिरफ्त में प्रदेश के युवा
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शुक्ला ने कहा कि सरकार और पुलिस की मिलीभगत के कारण ही प्रदेश के युवा नशे की गिरफ्त में आ रहे है। पिछले दो साल में शराब, गांजा, अफीम, हिरोईन जैसे नशों के कारण प्रदेश की युवा पीढ़ी में नशे की लत महामारी का रूप ले चुकी है। चंद पैसों के लिए सत्तासीन लोग नशे के बढ़ते कारोबार को रोकने के बजाय संरक्षण दे रहे हैं।
'रायपुर तक कैसे आया पाकिस्तान से ड्रग?'
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष ने कहा कि बड़ी संख्या में ड्रग्स पकड़ा गया तब दावा किया गया कि पाकिस्तान से ड्रग रायपुर तक आता था। इस ड्रग के कारोबार को संरक्षण कौन दे रहा था? पाकिस्तान से छत्तीसगढ़ तक ड्रग कैसे पहुंच रहा था? राज्य में ड्रग के कारोबार किसके संरक्षण में फला-फूला? कांग्रेस की सरकार थी तब नशे के कारोबार को पूरी तरीके से समाप्त कर दिया गया था। दो साल में फिर से पूरा प्रदेश नशे की गिरफ्त में आ गया है। बिना सत्ता के संरक्षण के ड्रग राजधानी में खुलेआम नहीं बिक सकता, राज्य में भाजपा की दो साल से सरकार है। कौन सत्ताधीश इसके पीछे है इसका भी खुलासा होना चाहिए?
'छत्तीसगढ़ नशे के मामले में पंजाब, गुजरात और पश्चिम बंगाल को पीछे छोड़ा'
शुक्ला ने कहा कि भाजपा के राज में छत्तीसगढ़ नशे के मामले में पंजाब, गुजरात और पश्चिम बंगाल को पीछे छोड़ चुका है। रायपुर के नया राजधानी और वीआईपी रोड जैसे इलाकों में शाम ढलते ही युवा नशे की गिरफ्त में साफ देखे जा सकते है। आउटर के कैफे तो युवाओं को नशा परोसने का केंद्र बन चुका है। पुलिस इसको रोकने के बजाय सहयोगी बनी हुई है। कांग्रेस की सरकार थी तब वर्षों से चल रहे हुक्काबारों को बंद करवाया था, राज्य में सूखे नशे के कारोबार को पूरी तरह समाप्त किया गया था। भाजपा की सरकार बनने के बाद एक बार फिर से नशे का कारोबार शुरू हो गया है।
गृहमंत्री विजय शर्मा इस्तीफ़ा दें!!
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) March 10, 2026
बलरामपुर में जहां अफ़ीम पकड़ी गई है, उस गांव के सरपंच को सुनिए.
सरपंच का कहना है कि यहाँ अफ़ीम की खेती होने की सूचना उसने जनवरी में ही पुलिस को दी थी. लेकिन फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई.
देश और प्रदेश देख रहा है जिस तरीके से दुर्ग में भाजपा… https://t.co/LX1SueLtRe pic.twitter.com/RFBXNGuFMZ