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CG News: झीरम घाटी बयान के बाद कांग्रेस ने लिया एक्शन, पूर्व वरिष्ठ प्रवक्ता विकास तिवारी को पार्टी से निकाला
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Sun, 11 Jan 2026 06:33 PM IST
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सार
झीरम घाटी घटना को लेकर दिए गए बयान के बाद कांग्रेस के पूर्व वरिष्ठ प्रवक्ता विकास तिवारी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पार्टी ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें कांग्रेस से छह वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया है।
कांग्रेस ने विकास तिवारी को पार्टी से निकाला
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
झीरम घाटी घटना को लेकर दिए गए बयान के बाद कांग्रेस के पूर्व वरिष्ठ प्रवक्ता विकास तिवारी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पार्टी ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें कांग्रेस से छह वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया है। इससे पहले उन्हें प्रवक्ता पद से हटाया जा चुका था।
जानकारी के अनुसार, विकास तिवारी ने झीरम घाटी कांड के संदर्भ में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व मंत्री कवासी लखमा के नार्को टेस्ट की मांग की थी। इसके साथ ही उन्होंने उस समय के भाजपा प्रदेश प्रभारी जेपी नड्डा का भी नार्को टेस्ट कराने की बात कही थी। उनके इस बयान से प्रदेश कांग्रेस में राजनीतिक हलचल मच गई थी।
बयान को पार्टी अनुशासन के खिलाफ मानते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के निर्देश पर तिवारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। तिवारी की ओर से नोटिस का जवाब भी प्रस्तुत किया गया, लेकिन पार्टी नेतृत्व को उनका स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं लगा।
इसके बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस के जनरल सेक्रेटरी मलकीत सिंह गेंदू की ओर से आदेश जारी कर विकास तिवारी को कांग्रेस पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित करने की कार्रवाई की गई। पार्टी सूत्रों के अनुसार यह फैसला अनुशासन बनाए रखने और संगठनात्मक मर्यादाओं के उल्लंघन को लेकर लिया गया है।
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जानकारी के अनुसार, विकास तिवारी ने झीरम घाटी कांड के संदर्भ में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व मंत्री कवासी लखमा के नार्को टेस्ट की मांग की थी। इसके साथ ही उन्होंने उस समय के भाजपा प्रदेश प्रभारी जेपी नड्डा का भी नार्को टेस्ट कराने की बात कही थी। उनके इस बयान से प्रदेश कांग्रेस में राजनीतिक हलचल मच गई थी।
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बयान को पार्टी अनुशासन के खिलाफ मानते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के निर्देश पर तिवारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। तिवारी की ओर से नोटिस का जवाब भी प्रस्तुत किया गया, लेकिन पार्टी नेतृत्व को उनका स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं लगा।
इसके बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस के जनरल सेक्रेटरी मलकीत सिंह गेंदू की ओर से आदेश जारी कर विकास तिवारी को कांग्रेस पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित करने की कार्रवाई की गई। पार्टी सूत्रों के अनुसार यह फैसला अनुशासन बनाए रखने और संगठनात्मक मर्यादाओं के उल्लंघन को लेकर लिया गया है।