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Chhattisgarh News: गरियाबंद में खाद की कालाबाजारी पर शिकंजा, 280 बोरी DAP के साथ मेटाडोर जब्त
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Thu, 25 Jun 2026 01:08 PM IST
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सार
गरियाबंद जिले में अवैध खाद कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए डीएपी खाद से लदे एक मेटाडोर को जब्त किया है। वाहन से 280 बोरी खाद बरामद की गई है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 3.50 लाख रुपये बताई जा रही है।
गरियाबंद में खाद की कालाबाजारी पर शिकंजा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में अवैध खाद कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए डीएपी खाद से लदे एक मेटाडोर को जब्त किया है। वाहन से 280 बोरी खाद बरामद की गई है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 3.50 लाख रुपये बताई जा रही है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, देवभोग थाना पुलिस रात्रि गश्त पर थी, तभी संदिग्ध मेटाडोर को रोककर उसकी जांच की गई। तलाशी के दौरान वाहन में बड़ी मात्रा में डीएपी खाद लदी मिली। आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर पुलिस ने वाहन और खाद को कब्जे में ले लिया।
पूछताछ में चालक ने बताया कि वह 8 हजार रुपये किराए पर खाद की खेप लेकर जा रहा था। उसके अनुसार, यह खाद उरमाल क्षेत्र के एक लाइसेंसी व्यापारी के कहने पर ओडिशा के सीनापाली से जांगड़ा पहुंचाई जा रही थी, जहां इसे एक मक्का व्यापारी को सौंपा जाना था। प्रारंभिक कार्रवाई के बाद पुलिस ने बरामद 280 बोरी डीएपी खाद को आगे की जांच और आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया के लिए कृषि विभाग के हवाले कर दिया है। विभाग अब खाद के स्रोत, परिवहन अनुमति और संबंधित व्यापारियों की भूमिका की जांच करेगा।
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सूत्रों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और उत्पादन में कमी के कारण इस वर्ष रासायनिक खाद की उपलब्धता प्रभावित हुई है। ऐसे में कुछ लोग अधिक मुनाफा कमाने के लिए खाद की अवैध खरीद-फरोख्त और परिवहन में जुटे हुए हैं। प्रशासन का मानना है कि यह कार्रवाई खाद की कालाबाजारी पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पुलिस और कृषि विभाग मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रहे हैं। यदि अनियमितता की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, देवभोग थाना पुलिस रात्रि गश्त पर थी, तभी संदिग्ध मेटाडोर को रोककर उसकी जांच की गई। तलाशी के दौरान वाहन में बड़ी मात्रा में डीएपी खाद लदी मिली। आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर पुलिस ने वाहन और खाद को कब्जे में ले लिया।
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पूछताछ में चालक ने बताया कि वह 8 हजार रुपये किराए पर खाद की खेप लेकर जा रहा था। उसके अनुसार, यह खाद उरमाल क्षेत्र के एक लाइसेंसी व्यापारी के कहने पर ओडिशा के सीनापाली से जांगड़ा पहुंचाई जा रही थी, जहां इसे एक मक्का व्यापारी को सौंपा जाना था। प्रारंभिक कार्रवाई के बाद पुलिस ने बरामद 280 बोरी डीएपी खाद को आगे की जांच और आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया के लिए कृषि विभाग के हवाले कर दिया है। विभाग अब खाद के स्रोत, परिवहन अनुमति और संबंधित व्यापारियों की भूमिका की जांच करेगा।
सूत्रों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और उत्पादन में कमी के कारण इस वर्ष रासायनिक खाद की उपलब्धता प्रभावित हुई है। ऐसे में कुछ लोग अधिक मुनाफा कमाने के लिए खाद की अवैध खरीद-फरोख्त और परिवहन में जुटे हुए हैं। प्रशासन का मानना है कि यह कार्रवाई खाद की कालाबाजारी पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पुलिस और कृषि विभाग मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रहे हैं। यदि अनियमितता की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।