सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Dhamtari News ›   Dhamtari News Farmers are unable to sell all their paddy even after receiving tokens

Dhamtari News: टोकन कटने के बाद भी पूरा धान नहीं बेच पा रहे किसान, रकबा समर्पण करवा रहे अधिकारी

अमर उजाला नेटवर्क, धमतरी Published by: धमतरी ब्यूरो Updated Wed, 21 Jan 2026 10:25 PM IST
विज्ञापन
सार

धान खरीदी अभियान के अंतिम दौर में किसानों को रकबा समर्पण के नाम पर निर्धारित मात्रा से कम धान बेचने का दबाव झेलना पड़ रहा है, जिससे नाराजगी बढ़ गई है। बोडरा पूरी सोसायटी के किसान सूरज दुबे ने 210 क्विंटल धान के लिए टोकन लिया था।

Dhamtari News Farmers are unable to sell all their paddy even after receiving tokens
धान खरीदी केंद्र - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

धान खरीदी के अंतिम चरण में किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए रकबा समर्पण का दबाव झेलना पड़ रहा है। टोकन कटने के बाद भी कई किसान अपनी निर्धारित मात्रा के अनुसार पूरा धान नहीं बेच पा रहे हैं, जिससे उनमें नाराजगी है। इस समस्या के कारण किसानों को अपनी मेहनत की कमाई से वंचित रहना पड़ रहा है।

Trending Videos


बोडरा पूरी सोसायटी के एक किसान, सूरज दुबे, ने 210 क्विंटल धान बेचने के लिए ऑनलाइन टोकन लिया था। जब वह धान बेचने पहुंचा, तो उससे रकबा समर्पण के नाम पर 20 क्विंटल धान कम खरीदा गया। बचे हुए धान को बेचने के लिए अब उसका टोकन भी नहीं काटा जा रहा है। किसान हताश है कि वह इस अतिरिक्त धान का क्या करेगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


किसानों का कहना है कि फसल बोने से पहले गिदावरी के सर्वे के आधार पर एग्रिस्टेक पोर्टल में उनका पंजीयन किया गया था और उसी के अनुसार धान का टोकन काटा गया था। ऐसे में, बाद में भौतिक सत्यापन के नाम पर रकबा समर्पण का दबाव बनाना अनुचित है।

किसानों के अनुसार, चुनाव के समय भाजपा ने प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदने का वादा किया था, लेकिन अब धान कम खरीदने के लिए नए नियम बनाए जा रहे हैं। अधिकारियों द्वारा किसानों को सही जानकारी नहीं दी जा रही है। कुछ किसानों से खेत रेगहा में देने के नाम पर रकबा समर्पण करवाया जा रहा है, तो कुछ से धान दूसरे स्थान पर रखने के बहाने।

बोडरा पूरी के एक किसान के रकबा समर्पण के मामले में जब महिला नोडल अधिकारी से चर्चा की गई, तो उन्होंने कहा कि किसान की सहमति से रकबा समर्पण कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जितने किसानों ने रकबा समर्पित किया है, उसकी सूची एसडीएम को भेजी जाएगी। 

जब यह सवाल पूछा गया कि क्या रकबा समर्पण करने वाले किसानों का धान बाद में खरीदा जाएगा, तो नोडल अधिकारी ने कहा कि इसका निर्णय शासन स्तर पर होगा। फिलहाल, समर्पित रकबे के धान की बाद में खरीदी को लेकर कोई आदेश नहीं आया है, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है। इस स्थिति के कारण किसानों में भारी रोष है और वे अपनी उपज बेचने के लिए सरकारी नीतियों पर सवाल उठा रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed