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CG : दुर्ग में होम आइसोलेशन में इबोला प्रभावित अफ्रीका से लौटे तीन यात्री, दो भारतीय एक युगांडा का नागरिक
अमर उजाला नेटवर्क, दुर्ग
Published by: Digvijay Singh
Updated Thu, 04 Jun 2026 02:41 PM IST
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सार
छत्तीसगढ़ के दुर्ग में अफ्रीका के इबोला प्रभावित देशों से लौटे तीन लोगों को होम आइसोलेशन में रखा गया है। अधिकारियों ने पीटीआई को बताया कि अफ्रीका के इबोला प्रभावित देशों से लौटे तीन लोगों को होम आइसोलेशन में रखा गया है।
इबोला वायरस का खतरा
- फोटो : Amarujala.com/AI
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विस्तार
छत्तीसगढ़ के दुर्ग में अफ्रीका के इबोला प्रभावित देशों से लौटे तीन लोगों को होम आइसोलेशन में रखा गया है। अधिकारियों ने पीटीआई को बताया कि अफ्रीका के इबोला प्रभावित देशों से लौटे तीन लोगों को होम आइसोलेशन में रखा गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 17 मई को इबोला प्रकोप को 'अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल' घोषित किया था। यह एहतियाती कदम 21 दिनों के लिए उठाया गया है, हालांकि इन यात्रियों में कोई लक्षण नहीं हैं।
दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि एक महिला 31 मई को डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो से दुर्ग पहुंची थी। दो अन्य लोग 2 जून को इथियोपिया और युगांडा से भिलाई आए। इन यात्रियों में दो भारतीय नागरिक और एक युगांडा का नागरिक है।
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कलेक्टर ने आगे कहा कि उनमें लक्षण या संपर्क का कोई इतिहास नहीं है। स्वास्थ्य अधिकारी दिन में दो बार फोन पर उनकी निगरानी कर रहे हैं। वे सुबह-शाम उनकी सेहत की जानकारी इकट्ठा करते हैं। यात्रियों को किसी भी परेशानी पर तुरंत सूचित करने की सलाह दी गई है।
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अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की निगरानी
दुर्ग के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी मनोज दानी ने बताया। इबोला प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों को 21 दिनों के लिए होम आइसोलेशन में रखा जाता है। उन्हें रोज़ाना स्वास्थ्य निगरानी और मेडिकल सलाह दी जाती है। हवाई अड्डों पर अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की चिकित्सकीय जांच की जा रही है। लक्षणों और संपर्क के इतिहास के आधार पर उन्हें जोखिम श्रेणियों में बांटा जाता है।
जोखिम वर्गीकरण और स्थिति
मनोज दानी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को जोखिम श्रेणियों में बांटा जाता है। श्रेणी 1 में बिना लक्षण और संपर्क इतिहास वाले यात्री आते हैं। दुर्ग में लौटे तीनों यात्री इसी श्रेणी 1 में हैं। इसका अर्थ है कि उनमें कोई लक्षण नहीं है और वे इबोला के मरीजों के संपर्क में नहीं आए। छत्तीसगढ़ में अब तक इबोला वायरस संक्रमण का कोई पुष्ट मामला नहीं मिला है।