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Raipur News: भारतमाला मुआवजा घोटाले में पहली गिरफ्तारी, कारोबारी जयप्रकाश गांधी ED की रडार पर

अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर Published by: अमन कोशले Updated Fri, 05 Jun 2026 03:12 PM IST
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सार

भारतमाला परियोजना से जुड़े कथित मुआवजा घोटाले की जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मामले में बड़ा कदम उठाते हुए अभनपुर के कारोबारी जयप्रकाश गांधी को गिरफ्तार कर लिया है। विशेष अदालत में पेशी के बाद उसे दो दिन की रिमांड पर भेजा गया है।

First arrest in Bharatmala compensation scam, businessman Jaiprakash Gandhi on ED's radar
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

भारतमाला परियोजना से जुड़े कथित मुआवजा घोटाले की जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मामले में बड़ा कदम उठाते हुए अभनपुर के कारोबारी जयप्रकाश गांधी को गिरफ्तार कर लिया है। विशेष अदालत में पेशी के बाद उसे दो दिन की रिमांड पर भेजा गया है। एजेंसी अब उससे पूछताछ कर घोटाले से जुड़े वित्तीय लेनदेन और अन्य आरोपियों की भूमिका की जानकारी जुटाएगी।


जांच एजेंसी के अनुसार भारतमाला परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण और मुआवजा वितरण की प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। आरोप है कि किसानों को मिलने वाली मुआवजा राशि में हेरफेर कर करोड़ों रुपये का फायदा उठाया गया। इसी मामले में पहले से मुख्य आरोपी हरमीत सिंह खनूजा समेत कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई जारी है।
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सूत्रों के मुताबिक अप्रैल में ईडी ने अभनपुर सहित कई स्थानों पर छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान जयप्रकाश गांधी और उसके परिजनों से जुड़े ठिकानों से बैंकिंग रिकॉर्ड, जमीन सौदों के दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण कागजात जब्त किए गए थे। जांच के दौरान मिले इन दस्तावेजों के आधार पर एजेंसी ने गिरफ्तारी की कार्रवाई की।
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मामले की जांच रायपुर, धमतरी, दुर्ग और अभनपुर तक पहुंच चुकी है। ईडी ने विभिन्न स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाकर भूमि अधिग्रहण, नामांतरण और मुआवजा भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड एकत्र किए हैं। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ घोटाले का दायरा और विस्तृत हो सकता है।

ईडी ने हरमीत सिंह खनूजा को पूरे प्रकरण का प्रमुख आरोपी बताया है। जांच में आशंका जताई गई है कि कुछ जमीन दलालों और राजस्व विभाग से जुड़े लोगों के साथ मिलकर मुआवजा प्रक्रिया में गड़बड़ियां की गईं। कई मामलों में दस्तावेजों में कथित रूप से हेरफेर, बैक डेट में नामांतरण और रिकॉर्ड में बदलाव किए जाने की जांच की जा रही है।

एजेंसी की जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ किसानों को निर्धारित मुआवजा राशि का पूरा भुगतान नहीं मिला। आरोप है कि राशि का एक हिस्सा अन्य माध्यमों से निकाल लिया गया। इसी कारण मामले को धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) और आर्थिक अपराध के एंगल से भी देखा जा रहा है।

जांच में खेमराज कोसले, पुनउराम देशलहरे और कुंदन बघेल समेत अन्य नाम भी सामने आए हैं। ईडी इन सभी की भूमिका की पड़ताल कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ और दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच के बाद कई नए खुलासे हो सकते हैं। जयप्रकाश गांधी से रिमांड के दौरान जमीन खरीद-बिक्री, मुआवजा भुगतान, बैंक खातों में हुए लेनदेन और अन्य आरोपियों से संबंधों को लेकर विस्तृत पूछताछ की जाएगी। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित घोटाले की योजना कैसे बनाई गई और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।
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