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14 मार्च से शुरू होगी 'गौधाम योजना': राज्यभर में 29 गौधामों का उद्घाटन, बिलासपुर से सीएम साय करेंगे शुभारंभ
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Fri, 13 Mar 2026 06:55 PM IST
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सार
छत्तीसगढ़ में निराश्रित और घुमंतू गौवंश के संरक्षण के लिए राज्य सरकार ‘गौधाम योजना’ शुरू करने जा रही है। इस योजना का औपचारिक शुभारंभ 14 मार्च को विष्णु देव साय द्वारा बिलासपुर से किया जाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ में निराश्रित और घुमंतू गौवंश के संरक्षण के लिए राज्य सरकार ‘गौधाम योजना’ शुरू करने जा रही है। इस योजना का औपचारिक शुभारंभ 14 मार्च को विष्णु देव साय द्वारा बिलासपुर से किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रेक्षागार में होगा।
योजना के तहत प्रदेश के अलग-अलग जिलों में 29 गौधामों का भी उद्घाटन किया जाएगा। इस अवसर पर रामविचार नेताम और विशेषर पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। सरकार ने योजना के तहत राज्य के प्रत्येक विकासखंड में 10 गौधाम स्थापित करने का लक्ष्य तय किया है। इस तरह पूरे प्रदेश में कुल 1460 गौधाम बनाए जाएंगे। इन गौधामों में गौवंश के लिए शेड, फेंसिंग, पेयजल और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
पशुधन विकास विभाग के अनुसार फिलहाल 36 गौधामों को प्रशासकीय स्वीकृति मिल चुकी है, जिनमें से 29 गौधामों का पंजीयन छत्तीसगढ़ राज्य गौसेवा आयोग में किया जा चुका है। इनका उद्घाटन 14 मार्च को तखतपुर विकासखंड के लाखासार गांव से किया जाएगा, जबकि अन्य जिलों के गौधामों का उद्घाटन वर्चुअल माध्यम से होगा।
गौधामों का संचालन पंजीकृत गौशाला समितियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, एनजीओ, ट्रस्ट, फार्मर प्रोड्यूसर कंपनियों और सहकारी समितियों के माध्यम से किया जाएगा। राज्य सरकार गौधामों के संचालन के लिए वित्तीय सहायता भी देगी। इसके तहत पहले वर्ष प्रति गौवंश 10 रुपये प्रतिदिन, दूसरे वर्ष 20 रुपये, तीसरे वर्ष 30 रुपये और चौथे वर्ष से 35 रुपये प्रतिदिन सहायता प्रदान की जाएगी।
इसके अलावा अधोसंरचना निर्माण और मरम्मत के लिए प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये का प्रावधान है। चरवाहों को 10,916 रुपये और गौसेवकों को 13,126 रुपये मासिक मानदेय दिया जाएगा। चारा विकास के लिए प्रति एकड़ 47 हजार रुपये वार्षिक सहायता दी जाएगी, जो अधिकतम 5 एकड़ तक लागू होगी।
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योजना के तहत प्रदेश के अलग-अलग जिलों में 29 गौधामों का भी उद्घाटन किया जाएगा। इस अवसर पर रामविचार नेताम और विशेषर पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। सरकार ने योजना के तहत राज्य के प्रत्येक विकासखंड में 10 गौधाम स्थापित करने का लक्ष्य तय किया है। इस तरह पूरे प्रदेश में कुल 1460 गौधाम बनाए जाएंगे। इन गौधामों में गौवंश के लिए शेड, फेंसिंग, पेयजल और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
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पशुधन विकास विभाग के अनुसार फिलहाल 36 गौधामों को प्रशासकीय स्वीकृति मिल चुकी है, जिनमें से 29 गौधामों का पंजीयन छत्तीसगढ़ राज्य गौसेवा आयोग में किया जा चुका है। इनका उद्घाटन 14 मार्च को तखतपुर विकासखंड के लाखासार गांव से किया जाएगा, जबकि अन्य जिलों के गौधामों का उद्घाटन वर्चुअल माध्यम से होगा।
गौधामों का संचालन पंजीकृत गौशाला समितियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, एनजीओ, ट्रस्ट, फार्मर प्रोड्यूसर कंपनियों और सहकारी समितियों के माध्यम से किया जाएगा। राज्य सरकार गौधामों के संचालन के लिए वित्तीय सहायता भी देगी। इसके तहत पहले वर्ष प्रति गौवंश 10 रुपये प्रतिदिन, दूसरे वर्ष 20 रुपये, तीसरे वर्ष 30 रुपये और चौथे वर्ष से 35 रुपये प्रतिदिन सहायता प्रदान की जाएगी।
इसके अलावा अधोसंरचना निर्माण और मरम्मत के लिए प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये का प्रावधान है। चरवाहों को 10,916 रुपये और गौसेवकों को 13,126 रुपये मासिक मानदेय दिया जाएगा। चारा विकास के लिए प्रति एकड़ 47 हजार रुपये वार्षिक सहायता दी जाएगी, जो अधिकतम 5 एकड़ तक लागू होगी।