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GPM News: गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में फर्जी नामांतरण पर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई, पटवारी निलंबित
अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला पेंड्रा मरवाही
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 06 Jun 2026 09:59 AM IST
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सार
मरवाही तहसील के ग्राम मगुरदा में आदिवासी परिवार की पैतृक भूमि का फर्जी नामांतरण हुआ।
फर्जी जमीन नामांतरण
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मरवाही तहसील के ग्राम मगुरदा में आदिवासी परिवार की पैतृक भूमि का फर्जी नामांतरण हुआ। इस मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर संतोष कुमार देवांगन ने जांच प्रतिवेदन के आधार पर सख्त निर्देश दिए हैं।
हल्का पटवारी रवींद्र कश्यप को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। तहसीलदार प्रीति शर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी हुआ है। मामले में संलिप्त महेश साकत के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश मिले हैं। यह शिकायत ग्राम सेमरदर्दी निवासी सावन सिंह वाकरे और अन्य ने की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी आदिवासी भूमि का फर्जी दस्तावेजों से नामांतरण हुआ। भूमि को अन्य व्यक्तियों के नाम दर्ज कर बेचने की तैयारी थी। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) मरवाही की जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। यह कार्रवाई भू-माफियाओं के विरुद्ध कड़ा संदेश देती है।
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जांच में मिली अनियमितताएं
जांच में पाया गया कि पटवारी ने नामांतरण आवेदन पर कार्रवाई नहीं की। विवादित मामले को अविवादित बताकर ऑनलाइन भुइयां पोर्टल में दर्ज किया गया। नामांतरण प्रक्रिया में आवश्यक नोटिस जारी नहीं हुए। संबंधित पक्षों को सुनवाई का अवसर भी नहीं दिया गया।
अन्य अधिकारियों पर कार्रवाई
विवादित भूमि के नामांतरण के लिए ग्राम सभा का एक प्रस्ताव बना था। इस पर तत्कालीन सरपंच सुखलाल पोर्ते और पंचायत सचिव ज्योति गुप्ता के हस्ताक्षर थे। जांच में यह प्रस्ताव बिना पर्याप्त सत्यापन के पारित पाया गया। कलेक्टर ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को सचिव ज्योति गुप्ता और पूर्व सरपंच सुखलाल पोर्ते पर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।