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'छत्तीसगढ़ में वेंटीलेटर पर स्वास्थ्य व्यवस्था': आप ने खोला मोर्चा, बोली- दोषी 16 अस्पतालों पर दर्ज हो एफआईआर
Fri, 06 Nov 2026 03:35 PM IST
Lalit Kumar Singh
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: Lalit Kumar Singh
Updated Fri, 06 Nov 2026 03:35 PM IST
सार
आम आदमी पार्टी के नेता विजय झा, जयदीप खनूजा और नंदन सिंह ने छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य व्यवस्था वेंटिलेटर पर है। स्वास्थ्य व्यवस्था में राज्य सरकार पूरी तरह फेल है।
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प्रेस कॉन्फ्रेंस लेते लेती आम आदमी पार्टी
- फोटो : Amar ujala digital
विस्तार
आम आदमी पार्टी के नेता विजय झा, जयदीप खनूजा और नंदन सिंह ने छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य व्यवस्था वेंटिलेटर पर है। स्वास्थ्य व्यवस्था में राज्य सरकार पूरी तरह फेल है। राजधानी रायपुर के सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन की निर्बाध आपूर्ति के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर प्लांट लगाए गए थे, लेकिन माना सिविल अस्पताल में 1.5 करोड़ का प्लांट 3 साल से बंद है।
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उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल में 1.5 करोड़ का प्लांट 2021 से ठप है। गंभीर विषय ये कि प्लांट बंद होने से हर माह 3.5 लाख की खरीदी की जा रही है। हास्यास्पद बात यह है कि जब कम हो रायपुर से ऑक्सीजन प्लांट बंद होने की जानकारी ली जाती है, तो उनका कहना है कि तकनीकी स्टाफ की कमी है। इन्हें दोबारा शुरू करने के लिए लगातार पत्राचार किया जा रहा है। कहीं ना कहीं इस खरीदी में बड़ा भ्रष्टाचार किया जा रहा है? प्रदेश में बहुत चर्चित सीजीएमएससी और एनएचएम के 660 करोड रुपए की रीजेंट व मेडिकल उपकरण खरीदी घोटाले में तीन आईएएस अफसर निर्दोष पाये गये जबकि घोटाले में उनकी भूमिका संदिग्ध रही है तो 660 करोड़ रुपए जो जनता के पैसे थे और सरकार को नुकसान हुआ तो वह पैसे कहां गए और उसका जिम्मेदार कौन है?
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आप नेता जयदीप खनूजा ने कहा कि दो दिन पहले मुख्यमंत्री के गृह जिले जशपुर जिले में एंबुलेंस ना मिलने पर गर्भवती महिला की मौत हो गई क्योंकि सम्बंधित बगीचा विकासखंड में डेढ़ साल से स्वास्थ्य केंद्र बंद है? जब मुख्यमंत्री जी के गृह जिले की स्थिति है तो पूरे प्रदेश स्वास्थ्य व्यवस्था का हाल आप समझ सकते हैं। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'आयुष्मान भारत योजना' के नाम पर छत्तीसगढ़ में चल रहे बड़े फर्जीवाड़े और वित्तीय अनियमितताओं पर कड़ा ऐतराज़ किया है। पार्टी नेताओं ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की जांच में पिछले 2 साल में 70 अस्पतालों को दोषी पाया गया और वर्तमान में 16 निजी अस्पतालों में गंभीर गड़बड़ियां और लूट उजागर हो चुकी हैं, तो सरकार महज खानापूर्ति करते हुए केवल आयुष्मान योजना का पंजीयन रद्द करने तक क्यों सिमटी है? सरकारी पैसे का बंदरबाट करने वाले इन सभी 16 दोषी अस्पतालों के प्रबंधनों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर जेल भेजा जाए।
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आप ने आरोप लगाते हुए बताया कि इन 16 अस्पतालों में राजधानी रायपुर के 8 अस्पताल जिनमें सुयश इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज,एसके केयर अस्पताल,श्री अनंत साई अस्पताल, श्री महावीर अस्पताल, श्रीनिवास अस्पताल, वरदान अस्पताल, हेरिटेज अस्पताल, रावतपुरा सरकार अस्पताल और पल्स अस्पताल, दुर्ग,नेताम अस्पताल एवं इन्फर्टिलिटी सेंटर कोंडागांव, हरि कृष्णा केयर अस्पताल कोरबा, स्वामी चंद्रशेखरानंद अस्पताल बस्तर,जय जगन्नाथ हेल्थकेयर कबीरधाम,अशोक प्रसूति मंदिर बिलासपुर, केयर एन क्योर मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल बिलासपुर, श्री शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस दुर्ग आदि शामिल हैं।
पार्टी ने कहा कि ये सभी निजी अस्पताल एजेंटों के माध्यम से मरीजों को बहला-फुसलाकर लाते थे, बिना किसी चिकित्सीय जरूरत के मरीजों को भर्ती करते थे, फर्जी दस्तावेज तैयार करते थे और इलाज के पैकेजों में गलत कोडिंग कर सरकार के खजाने व आम जनता को चूना लगा रहे थे। इसी सम्बन्ध में रायपुर के 8 अस्पतालों के प्रबंधन पर FIR के लिए आम आदमी पार्टी द्वारा विगत 3 नवम्बर को पुलिस उपायुक्त पश्चिम को ज्ञापन दिया था।
सरकार पर लगाये ये गंभीर आरोप
पार्टी नेताओं ने कहा कि भाजपा सरकार की लचर मॉनिटरिंग के कारण प्रदेश के स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल है। मेडिकल कॉलेज और मेकाहारा जैसे बड़े अस्पतालों में डॉक्टरों के पद खाली हैं, जरुरी जांच मशीने ख़राब पड़ी हुई हैं। निजी अस्पताल आम जनता को लूट रहें हैं और इन निजी अस्पतालों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्होंने गरीबों के मुफ्त इलाज की योजना को लूट का धंधा बना लिया है। केवल कागजी कार्रवाई या औपचारिकता निभाकर भ्रष्ट अस्पतालों को बचाने की कोशिश की जा रही है।
आप ने दी ये चेतावनी
आम आदमी पार्टी ने चेतावनी दी है कि छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री और सरकार को प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करना चाहिए और आम जनता की जान से खेलने वाले निजी अस्पताल और सरकारी खजाने पर बंदरबाट करने वाले ने इन अस्पतालों के प्रबंधन पर आपराधिक मुकदमे दर्ज कर कड़ी कार्रवाई नहीं की, तो पार्टी सड़क पर उतरकर जोरदार आंदोलन करेगी।