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पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग: बस्तर के पत्रकारों ने किया एक दिवसीय धरना, कहा- हितों की रक्षा हमारी लड़ाई

अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर Published by: अनुज कुमार Updated Mon, 15 Jun 2026 04:44 PM IST
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सार

बस्तर जिला पत्रकार संघ के आह्वान पर जगदलपुर में पत्रकारों ने एक दिवसीय धरना दिया और कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। मनीष गुप्ता समेत पत्रकारों ने 2023 के सुरक्षा कानून को पूर्ण रूप से अधिसूचित कर लागू करने की मांग की।

Journalists in Jagdalpur held a one-day sit-in protest at call of Bastar District Journalists' Association
एक दिवसीय धरना - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

बस्तर जिला पत्रकार संघ ने सोमवार को जगदलपुर में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन पत्रकार सुरक्षा कानून को पूर्ण रूप से लागू करने की मांग को लेकर था। संघ के अध्यक्ष मनीष गुप्ता ने कहा कि उनकी लड़ाई पत्रकारों के हितों और सुरक्षा के लिए है।



आंदोलन में बड़ी संख्या में पत्रकार शामिल हुए। उन्होंने छत्तीसगढ़ मीडियाकर्मी सुरक्षा विधेयक, 2023 को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग उठाई। वक्ताओं ने बताया कि यह कानून वर्ष 2023 में विधानसभा से सर्वसम्मति से पारित हुआ था। हालांकि, इसके नियम और प्रक्रियाएं अब तक पूरी तरह अधिसूचित नहीं हो पाई हैं। इससे कानून के प्रावधान जमीनी स्तर पर लागू नहीं हो रहे हैं।
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पत्रकारों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। मनीष गुप्ता ने कहा कि पत्रकारों के खिलाफ बिना पर्याप्त जांच के एफआईआर दर्ज होती है। इससे उन्हें मानसिक, सामाजिक और कानूनी परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। उन्होंने पत्रकारों की सुरक्षा को सरकार की जिम्मेदारी बताया। कानून को शीघ्र लागू करना आवश्यक है।
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कानून का उद्देश्य और चुनौतियां
वक्ताओं ने कहा कि कानून का मूल उद्देश्य पत्रकारों को धमकी, प्रताड़ना, हिंसा तथा दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई से संरक्षण देना है। इसमें शिकायतों और सुरक्षा से जुड़े मामलों की जांच के लिए विशेष समिति के गठन सहित कई प्रावधान हैं। नियमों के अभाव में ये व्यवस्थाएं धरातल पर नहीं उतर सकी हैं। वरिष्ठ उपाध्यक्ष शिव प्रकाश सीजी ने कहा कि बस्तर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में यह कानून सुरक्षा कवच साबित होगा। वरिष्ठ पत्रकार नरेश मिश्रा ने निर्भीक होकर कार्य करने का वातावरण मिलने की बात कही।

पत्रकारों की पुरानी मांग और आगे की कार्रवाई
धर्मेंद्र महापात्र ने बताया कि बस्तर के पत्रकार वर्ष 2010 से इस कानून की मांग कर रहे हैं। समय-समय पर पत्रकारों के साथ मारपीट, धमकी और झूठे मामले सामने आते रहे हैं। वरिष्ठ पत्रकार केशव स्रोत ने पूरी जांच प्रक्रिया के बाद ही कार्रवाई की मांग की। धरना-प्रदर्शन के बाद पत्रकारों ने रैली निकाली और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन कलेक्टर आकाश छिकारा को सौंपा। संघ के कोषाध्यक्ष सुब्बा राव ने कार्यक्रम का संचालन किया।

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