Jagdalpur: बस्तर के महेंद्र सेठिया को 63 बार रक्तदान के लिए मिला सम्मान, राज्यपाल ने किया सम्मानित
14 जून को विश्व रक्तदाता दिवस पर बस्तर के मारकेल निवासी महेंद्र सेठिया को राज्य स्तर पर सम्मानित किया गया। राज्यपाल रमेन डेका ने उन्हें प्रशस्ति पत्र दिया। महेंद्र ने 20 वर्षों में रिकॉर्ड 63 बार रक्तदान कर 200 से अधिक ग्रामीणों को प्रेरित किया है।
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'रक्तदान महादान', संदेश को धरातल पर उतारकर बस्तर का नाम पूरे प्रदेश में रोशन करने वाले मारकेल निवासी महेंद्र सेठिया को राज्य स्तर पर सम्मानित किया गया है। आज यानी 14 जून को विश्व रक्तदाता दिवस पर महेंद्र सेठिया को सम्मानित किया गया। उन्हें राजधानी रायपुर के लोक भवन में राज्य स्तरीय समारोह में यह सम्मान मिला। महेंद्र ने बस्तर का नाम पूरे प्रदेश में रोशन किया है।
प्रदेश के राज्यपाल रमेन डेका ने उन्हें प्रशस्ति पत्र दिया। महेंद्र सेठिया बस्तर जिले में सर्वाधिक बार रक्तदान करने वाले रक्तवीर हैं। उन्होंने पिछले 20 वर्षों में रिकॉर्ड 63 बार रक्तदान किया है। भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी छत्तीसगढ़ ने इस भव्य समारोह का आयोजन किया। राज्यपाल ने सभी निस्वार्थ रक्तवीरों को समाज का असली नायक बताया। महेंद्र ने 20 वर्ष की उम्र में डॉ. एमपी तिवारी के कहने पर पहला रक्तदान किया था। तब से यह सिलसिला लगातार जारी है। वे साल में तीन से चार बार नियमित रक्तदान करते हैं।
महेंद्र पीड़ित मानवता की सेवा के लिए समर्पित हैं। आधी रात को भी किसी जरूरतमंद का फोन आने पर वे तुरंत अस्पताल पहुंचते हैं। सम्मान पाने के बाद उन्होंने भावुक होकर कहा। रक्तदान कर जान बचाना दुनिया का सबसे सुकून देने वाला काम है। राज्यपाल के हाथों मिला यह सम्मान उनके संकल्प को और मजबूत करेगा।
भ्रांतियां दूर कर 200 को किया प्रेरित
बस्तर के आदिवासी व ग्रामीण अंचलों में रक्तदान को लेकर कई अंधविश्वास हैं। लोग मानते हैं कि रक्तदान से कमजोरी या बीमारियां होती हैं। सामाजिक कार्यकर्ता महेंद्र इन मिथकों को दूर कर रहे हैं। उन्होंने अब तक 200 से अधिक ग्रामीणों को जागरूक कर उनसे रक्तदान कराया है। महेंद्र का मानना है कि सही जानकारी मिलने पर लोग खुद आगे आते हैं।