फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Kabirdham News ›   Impact of DPI strict stance 11 teachers in Kabirdham relieved return their parent schools

DPI की सख्ती का असर: कबीरधाम में 11 शिक्षक मूल स्कूलों के लिए रिलिव, VSK एप से हाजिरी नहीं तो रुकेगा वेतन

Sat, 18 Jul 2026 02:05 PM IST
कबीरधाम ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, कबीरधाम
अमर उजाला नेटवर्क, कबीरधाम Published by: कबीरधाम ब्यूरो Updated Sat, 18 Jul 2026 02:05 PM IST
सार

स्कूल शिक्षा विभाग में प्रतिनियुक्ति और संलग्नीकरण खत्म करने के आदेश का असर कबीरधाम में दिखाई देने लगा है। लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) के सख्त निर्देश के बाद जिला शिक्षा अधिकारी  ने 11 शिक्षक और कर्मचारियों को संलग्नीकरण संस्था से कार्यमुक्त कर उनके मूल पदस्थापना स्थल पर भेजने का आदेश जारी किया है।

विज्ञापन
Impact of DPI strict stance 11 teachers in Kabirdham relieved return their parent schools
डीईओ ऑफिस कबीरधाम

विस्तार

स्कूल शिक्षा विभाग में प्रतिनियुक्ति और संलग्नीकरण खत्म करने के आदेश का असर कबीरधाम में दिखाई देने लगा है। लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) के सख्त निर्देश के बाद जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने 11 शिक्षक और कर्मचारियों को संलग्नीकरण संस्था से कार्यमुक्त कर उनके मूल पदस्थापना स्थल पर भेजने का आदेश जारी किया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में ऐसे और आदेश जारी हो सकते हैं।

विज्ञापन


डीपीआई ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रतिनियुक्ति अथवा संलग्नीकरण समाप्त होने के बाद संबंधित शिक्षक तत्काल अपने मूल विद्यालय में कार्यभार ग्रहण करें। यदि कोई शिक्षक मूल संस्था में लौटकर VSK ऐप के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं करता है तो उसके विरुद्ध ब्रेक इन सर्विस की कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं, ऐसे शिक्षकों का जुलाई माह का वेतन भी रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन


डीपीआई के आदेश के बाद जिले में संलग्नीकरण वाले स्कूलों से शिक्षकों को तेजी से रिलिव किया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि शासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। जिन शिक्षकों का संलग्नीकरण समाप्त हो चुका है, उन्हें हर हाल में मूल विद्यालय में उपस्थित होना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


क्या है ब्रेक इन सर्विस?
ब्रेक इन सर्विस का मतलब सेवा में व्यवधान माना जाता है। यदि कर्मचारी बिना वैध कारण के निर्धारित स्थान पर कार्यभार ग्रहण नहीं करता है, तो उसकी सेवा अवधि प्रभावित हो सकती है। इसका असर वेतन, वार्षिक वेतनवृद्धि और भविष्य के सेवा लाभों पर भी पड़ सकता है।

डीईओ ऑफिस कबीरधाम

 

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed