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Kanker: दुधावा तालाब गहरीकरण को लेकर सियासी घमासान, कांग्रेस ने भ्रष्टाचार का लगाया आरोप
अमर उजाला नेटवर्क, कांकेर
Published by: Digvijay Singh
Updated Wed, 04 Jun 2025 04:56 PM IST
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सार
कांकेर नगर के अधन नगर वार्ड में स्थित दुधावा तालाब गहरीकरण कार्य को लेकर नगर में सियासी घमासान मच गया है।
कांग्रेस ने भ्रष्टाचार का लगाया आरोप
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कांकेर नगर के अधन नगर वार्ड में स्थित दुधावा तालाब गहरीकरण कार्य को लेकर नगर में सियासी घमासान मच गया है। कांग्रेस पार्टी ने इस कार्य में बिना निविदा के कार्य शुरू करने और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन से जांच की मांग की है। इसके जवाब में नगर पालिका अध्यक्ष अरुण कौशिक ने कांग्रेस पर तीखा पलटवार करते हुए पूर्व कांग्रेस शासनकाल की भ्रष्टाचार संबंधित फाइलें सार्वजनिक करने का ऐलान किया है।
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कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि तालाब सौंदर्यीकरण के लिए नगर पालिका द्वारा जो कार्य करवाया जा रहा है, वह बिना किसी वैधानिक निविदा प्रक्रिया के शुरू किया गया, जो नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने इसे संदिग्ध और अपारदर्शी प्रक्रिया बताते हुए कहा कि इसमें आर्थिक अनियमितता की आशंका है।
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कांग्रेस ने इस संबंध में जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग की है। नगर पालिका अध्यक्ष अरुण कौशिक ने कांग्रेस के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए कहा दुधावा तालाब का गहरीकरण कार्य नागरिकों की मांग पर और जनसहयोग से प्रारंभ किया गया है। अभी तक किसी निविदा प्रक्रिया की शुरुआत नहीं हुई है, क्योंकि यह कार्य गहरीकरण तक सीमित है। सौंदर्यीकरण के लिए बाद में निविदा जारी की जाएगी। कौशिक ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पालिका की छवि धूमिल करने की कोशिश कर रही है, और यह सब निगम से बाहर हो जाने की बौखलाहट का परिणाम है ।
पालिकाध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि यदि कांग्रेस जांच की मांग करती है, तो पूर्व कांग्रेस शासनकाल में हुए विकास कार्यों की भी जांच कराई जाएगी, विशेषकर नाली, सड़क और अन्य निर्माण कार्यों में हुई ठेकेदारी में अनियमितताओं की। उन्होंने दावा किया कि कई कार्य नियमों के खिलाफ अपनों और रिश्तेदारों के नाम पर ठेके देकर कराए गए, जिससे नगर पालिका को बड़ा नुकसान हुआ।
दुधावा तालाब को लेकर शुरू हुआ विवाद अब केवल एक विकास कार्य तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह नगर पालिका की कार्यप्रणाली, पारदर्शिता और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का मुद्दा बन चुका है। यदि पालिकाध्यक्ष अपने बयान पर अमल करते हैं और कांग्रेस कार्यकाल की जांच शुरू होती है, तो आने वाले समय में नगर राजनीति में बड़ी हलचल और संभावित कानूनी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।