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कोरबा में जानलेवा हमला: पीड़ित पक्ष ने पुलिस पर आरोपियों को बचाने का लगाया आरोप, ASP से लगाई न्याय की गुहार
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
Published by: कोरबा ब्यूरो
Updated Wed, 17 Jun 2026 11:05 AM IST
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कोरबा के उरगा थाना क्षेत्र के ग्राम नवापारा अमलडिहा में 6 जून की रात 8 बजे हुए जानलेवा हमले के बाद पुलिस द्वारा केवल जमानती धाराओं के तहत कार्रवाई करने से पीड़ित पक्ष और स्थानीय लोग आक्रोशित हैं। उनका आरोप है कि इतनी गंभीर घटना के बावजूद पुलिस आरोपियों को संरक्षण दे रही है। पीड़ित पक्ष ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर मामले में गैर-जमानती धाराएं जोड़ने और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पीड़ित राजेश के अनुसार, पुरानी रंजिश को लेकर 6 जून की रात 8 बजे आरोपी तोषन गिरधारी और देवी मन्नेवार पूर्व नियोजित षड्यंत्र के तहत उसके घर में जबरन घुस आए। दोनों ने लाठी-डंडा और अन्य घातक हथियारों से उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में राजेश के सिर पर गंभीर चोट आई। उसके सिर में 10 टांके लगाए गए।
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घटना के अगले दिन 7 जून 2026 को राजेश की शिकायत पर पुलिस थाना उरगा में एफआईआर दर्ज की गई। लेकिन पीड़ित पक्ष का आरोप है कि घटना की प्रकृति, चोटों की गंभीरता और आरोपियों की जान से मारने की मंशा को देखते हुए भी पुलिस ने केवल साधारण और जमानती धाराएं लगाईं। आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है, जिससे पीड़ित परिवार दहशत में है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि पुलिस आरोपियों को संरक्षण दे रही है और कानून का अनुचित लाभ दिलाने का प्रयास कर रही है।
पीड़ित पक्ष ने एएसपी कोरबा को दिए आवेदन में कहा है कि हमले की गंभीरता हत्या के प्रयास के तहत आती है। चिकित्सकीय रिपोर्ट और घटनास्थल के तथ्यों के आधार पर आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 109 सहित अन्य लागू गैर-जमानती धाराएं जोड़ी जाएं। साथ ही सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। पीड़ित ने मांग की है कि विवेचना किसी निष्पक्ष एवं सक्षम अधिकारी से कराई जाए ताकि उन्हें न्याय मिल सके और आरोपियों को कड़ी सजा मिले।
इस घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जानलेवा हमले जैसे मामलों में भी पुलिस जमानती धाराएं लगाकर आरोपियों को खुला छोड़ देगी तो अपराधियों के हौसले और बढ़ेंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।