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Korba: विश्व सर्प दिवस पर सर्प संरक्षण का संदेश, सांप बचेंगे तभी प्रकृति का संतुलन बचेगा, किया गया जागरुक
Thu, 16 Jul 2026 03:11 PM IST
कोरबा ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
Published by: कोरबा ब्यूरो
Updated Thu, 16 Jul 2026 03:11 PM IST
सार
16 जुलाई को विश्व सर्प दिवस के अवसर पर नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी की वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम कोरबा ने आमजन से सर्पों के साथ सह-अस्तित्व और संरक्षण का आग्रह किया है।
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विस्तार
16 जुलाई को विश्व सर्प दिवस के अवसर पर नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी की वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम कोरबा ने आमजन से सर्पों के साथ सह-अस्तित्व और संरक्षण का आग्रह किया है। संस्था पिछले कई वर्षों से वन विभाग के साथ मिलकर जिले में सर्पों का सुरक्षित रेस्क्यू, जन-जागरूकता और मानव-सर्प संघर्ष कम करने का काम कर रही है। संस्था के सदस्यों ने बताया कि अब तक हजारों सर्पों का सुरक्षित रेस्क्यू कर उन्हें उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ा जा चुका है।
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साथ ही स्कूल, कॉलेज, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। लोगों को बताया जा रहा है कि अधिकांश सर्प विषहीन होते हैं और बिना कारण हमला नहीं करते। भय या अंधविश्वास में आकर सर्पों की हत्या करना न केवल पर्यावरण के लिए हानिकारक है, बल्कि वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत दंडनीय अपराध भी है।
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वनमंडलाधिकारी कोरबा प्रेमलता यादव ने कहा कि सर्प प्रकृति के अभिन्न अंग हैं। ये खेतों और जंगलों में चूहे और अन्य हानिकारक जीवों की संख्या नियंत्रित कर फसलों की रक्षा करते हैं और खाद्य श्रृंखला का संतुलन बनाए रखते हैं। यदि सर्पों की संख्या घटेगी तो चूहों की आबादी बढ़ेगी, जिसका असर कृषि, खाद्यान्न भंडारण और मानव स्वास्थ्य पर पड़ेगा।कोरबा जिला जैव विविधता की दृष्टि से समृद्ध है। यहां मध्य भारत में किंग कोबरा की उपस्थिति विशेष महत्व रखती है। यह विश्व का सबसे लंबा विषैला सर्प है और स्वस्थ वन पारिस्थितिकी का प्रतीक माना जाता है। कोरबा वन मंडल और नोवा नेचर सोसायटी मिलकर इसकी निगरानी और आवास सुरक्षा पर काम कर रहे हैं।
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राज्य में किंग कोबरा, इंडियन कोबरा, कॉमन करैत, बैंडेड करैत, रसेल्स वाइपर, सॉ-स्केल्ड वाइपर जैसे विषैले सर्प पाए जाते हैं। वहीं धामन, इंडियन रॉक पाइथन, चेकर्ड कीलबैक, ब्रॉन्जबैक, सैंड बोआ, कॉमन वुल्फ, कैट स्नेक, कॉमन कुकरी जैसे अनेक विषहीन सर्प भी जैव विविधता का हिस्सा हैं। वनमंडलाधिकारी कटघोरा कुमार निशांत ने कहा कि बारिश में सर्पों का बाहर निकलना सामान्य है। सर्प दिखने पर उसे मारने के बजाय सुरक्षित दूरी बनाएं और वन विभाग हेल्पलाइन 18002331416, 8817534455 पर सूचना दें। सर्पदंश होने पर झाड़-फूंक में समय न गंवाकर तुरंत सरकारी अस्पताल पहुंचें।
SDO सूर्यकांत सोनी ने बताया कि वन विभाग प्रशिक्षित टीमों से रेस्क्यू कराकर सर्पों को जंगल में छोड़ रहा है। नोवा नेचर के जितेंद्र सारथी ने कहा कि रेस्क्यू ही मानव और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा का रास्ता है। कार्यक्रम के अंत में वन विभाग और नोवा नेचर ने अपील की - * साँप बचेंगे, तभी प्रकृति का संतुलन बचेगा। भय नहीं, संरक्षण अपनाएं।

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16 जुलाई को विश्व सर्प दिवस के अवसर पर नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी की वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम कोरबा ने आमजन से सर्पों के साथ सह-अस्तित्व और संरक्षण का आग्रह किया है।