Mahasamund: 15 नवंबर से शुरू होने जा रही धान खरीदी, प्रशासन ने तैयारियां की तेज; कलेक्टर ने सभी को दिए निर्देश
कलेक्टर ने कहा कि धान आवक से पहले ही नमी का टोकन कटे हुये किसानों के द्वारा लाए गए धान को फड़ में अंदर लाने एवं गुणवत्ता परीक्षण कर लें। जिसके बाद ही फड़ में धान अंदर लें। किसी भी स्थिति में समितियों में 05 बजे के बाद धान की खरीदी ना हो।
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जिले की 130 समितियों के 182 धान खरीदी केंद्रों में 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू होने जा रही है। इसे लेकर प्रशासन की तैयारी जोरों पर है। समिति प्रबंधकों और ऑपरेटरों की हड़ताल के बाद धान खरीदी प्रभावित होने के कयास लगाए जा रहे थे। लेकिन सरकार के दिशा-निर्देशों के बाद, जिला प्रशासन ने खरीदी को लेकर वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में इसकी तैयारी शुरू कर दी है। गुरुवार को कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने वन विभाग के प्रशिक्षण हॉल मे जिले के समस्त समिति प्रबंधक, केंद्र प्रभारी, नए पुराने डाटा एंट्री ऑपरेटर और सुपरवाइजर की बैठक लेकर आवश्यक निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि धान आवक से पहले ही नमी का टोकन कटे हुये किसानों के द्वारा लाए गए धान को फड़ में अंदर लाने एवं गुणवत्ता परीक्षण कर लें। जिसके बाद ही फड़ में धान अंदर लें। किसी भी स्थिति में समितियों में 05 बजे के बाद धान की खरीदी ना हो। फड़ में रखे रिजेक्टेड या अधिक नमी वाले धान को 05 बजे के पहले उठा लिया जाए, ताकि उसी दिन स्टेकिंग कर ली जाए। किसानों को जारी टोकन के आधार पर धान खरीदी के लिए उपार्जन केन्द्र में किसान उपस्थित होने के उपरान्त ही किसानों को नया एवं पुराना बारदाना उपलब्ध कराया जाना है। किसी भी स्थिति में किसानों को बारदाना खरीदी के पूर्व उपलब्ध नहीं कराया जाए। टोकन रजिस्टर, धान आवक रजिस्टर, बारदाना वितरण रजिस्टर, धान खरीदी रजिस्टर, तौल कांटा रजिस्टर, स्टेक रजिस्टर, धान जावक रजिस्टर, निरीक्षण पंजी आदि रखें।