Mahasamund: अवैध शराब बनाने और बेचने वालों के खिलाफ ग्रामीण, 19 गांवों के लोगों ने महापंचायत कर लिए ये निर्णय
लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद ग्रामीणों ने यह तय किया कि 19 गांव के लोग मिलकर कमेटी बनाएं और शराब बेचने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो।
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अवैध शराब बनाने और बेचने वालो के खिलाफ अब ग्रामीण लामबंद हो गए हैं। महासमुंद और बलौदाबाजार जिले के 19 गांव के लोगों ने आज महापंचायत की। ग्रामीण महुआ शराब बनाने और बेचने का विरोध कर रहे हैं। गांव-गांव में शराब की बिक्री से ग्रामीण परेशान हैं। आए दिन गांव में लड़ाई-झगड़ा, मारपीट, चोरी और लूट जैसी घटनाएं हो रही हैं।
कसडोल और पिथौरा क्षेत्र के 19 गांव के ग्रामीण और पंचायत प्रतिनिधि बडगांव में आज महापंचायत में शामिल हुए। इस बैठक में निर्णय लिया गया कि 19 गांव में न ही शराब बनाई जाएगी और न ही शराब की बिक्री होगी। शराब बनाने और बेचने वालो पर कार्रवाई के लिए कमेटी गठित की गयी है। ग्रामीणों का कहना है कि पिथौरा और कसडोल क्षेत्र के गांव में धड़ल्ले से महुआ शराब बनाई जा रही है।
पुलिस विभाग और आबकारी विभाग कार्रवाई करने में असफल हैं। कई बार शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद ग्रामीणों ने यह तय किया कि 19 गांव के लोग मिलकर कमेटी बनाएं और शराब बेचने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो। बैठक में यह निर्णय लिया गया हैं कि यदि इन 19 गांव में शराब बिक्री होती हैं तो 51 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही गांजा बेचने वालो पर 20 हजार का जुर्माना लगाया जाएगा। महासमुंद के राजडेरा,जमहर, गोढबहाल, अर्जुनी., छिबर्रा, कोचर्रा, भिथिडीही, मुढ़िपाहर, कोको भाटा, खुसरुपाली गांव शामिल हैं, जबकि बलौदाबाजार जिले के बढ़ गांव, चरोदा, देवगांव, अकलतरा, आमगांव, ढेबी, ढेबा, लोरीदखार, गबोद गांव के ग्रामीण आज शामिल हुए।