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Exclusive: 'ईसाई बन जाओ, नहीं तो नौकरी छोड़ दो'; सालेम स्कूल में धर्मांतरण का दबाव, पीड़ितों ने सुनाई आपबीती
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सार
Religious Conversion on Salem School Raipur: छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण का खेल जारी है। इस तरह के मामले लगातार आने के बाद भी थम नहीं रहे हैं।
ग्रॉफिक्स: अमर उजाला डिजिटल
- फोटो : Amar ujala digital
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विस्तार
Religious Conversion on Salem School Raipur: छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण का खेल जारी है। इस तरह के मामले लगातार आने के बाद भी थम नहीं रहे हैं। अब प्रदेश की राजधानी रायपुर के मोतीबाग स्थित सालेम इंग्लिश स्कूल में हिंदू कर्मचारियों पर धर्मांतरण करने का दबाव बनाने का आरोप लगा है। उन्हें हिंदू से ईसाई बनने के लिये दबाव डाला जा रहा है। सैलरी नहीं दी जा रही है। इतना ही नहीं पीएफ का पैसा भी रोक दिया गया है। इससे परेशान होकर पीड़ितों ने पुलिस प्रशासन का दरवाजा खटखटाया है। इस संबंध में सिविल लाइन थाना और आदिवासी थाना बूढ़ापारा में रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई है।
रायपुर में मचा हड़कंप
इस चौंकाने वाले मामले को लेकर रायपुर में हड़कंप मचा हुआ है। स्कूल प्रबंधन की कार्यशैली को लेकर लगातार विवाद गहराता जा रहा है। पीड़ित महिलाओं का आरोप है कि उन्हें सैलरी नहीं मिल रही है। पिछले दो वर्षों से स्कूल प्रबंधन ने उनका पीएफ का पैसा रोक दिया है। कहा जा रहा कि ईसाई बन जाओ नहीं, तो नौकरी छोड़ दो। जब वो अपनी सैलरी मांगती है, तो उन पर बाइबल पढ़ने और बार-बार धर्म बदलने के लिए दबाव डाला जा रहा है। हमें हमारा हक का पैसा नहीं मिल रहा है। ऐसा नहीं करने पर परेशान किया जाता है।
हिंदू रीति-रिवाज से पूजा पाठ करने पर भी रोक
इतना ही नहीं हिंदू रीति-रिवाज से पूजा पाठ करने, दीपक जलाने पर भी रोक लगाई जा रही है। कहा जा रहा है कि ईसाई पद्धति से पूजापाठ करो। हिंदू रीति-रिवाज छोड़ दो, तो समय से सैलरी और पीएफ मिलेगा।
जूदेव के निवास पर पहुंचीं पीड़ित महिलायें
सालेम स्कूल में आया-बाई का काम करने वाली कुछ महिलाएं अपनी शिकायत को लेकर घर वापसी अभियान से जुड़े प्रमुख प्रबल प्रताप सिंह जूदेव के निवास पर पहुंचीं और अपनी व्यथा सुनाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने महिलाओं को आश्वासन दिया है कि इस पूरे प्रकरण को संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के सामने उठाया जाएगा और निष्पक्ष जांच कराई जायेगी।
स्कूल प्रबंधन पर कई गंभीर आरोप
पीड़ित महिलाओं ने स्कूल की प्रभारी प्राचार्य रुपिका लॉरेंस और छत्तीसगढ़ डायसिस ऑफ बोर्ड एजुकेशन के वाइस प्रेसिडेंट नीतिन लॉरेंस पर कई गंभीर आरोप लगाये हैं। उनका आरोप है कि दोनों मिलकर शासन-प्रशासन को गुमराह कर रहे हैं। दूसरी ओर अमर उजाला से बातचीत में इन आरोपों को दोनों पदाधिकारियों ने सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि सारे आरोप मनगढ़ंत और बेबुनियाद हैं। ऐसे लोगों को नोटिस भेजा जा रहा है। मामले में एफआईआर भी दर्ज कराई जायेगी।
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रायपुर में मचा हड़कंप
इस चौंकाने वाले मामले को लेकर रायपुर में हड़कंप मचा हुआ है। स्कूल प्रबंधन की कार्यशैली को लेकर लगातार विवाद गहराता जा रहा है। पीड़ित महिलाओं का आरोप है कि उन्हें सैलरी नहीं मिल रही है। पिछले दो वर्षों से स्कूल प्रबंधन ने उनका पीएफ का पैसा रोक दिया है। कहा जा रहा कि ईसाई बन जाओ नहीं, तो नौकरी छोड़ दो। जब वो अपनी सैलरी मांगती है, तो उन पर बाइबल पढ़ने और बार-बार धर्म बदलने के लिए दबाव डाला जा रहा है। हमें हमारा हक का पैसा नहीं मिल रहा है। ऐसा नहीं करने पर परेशान किया जाता है।
हिंदू रीति-रिवाज से पूजा पाठ करने पर भी रोक
इतना ही नहीं हिंदू रीति-रिवाज से पूजा पाठ करने, दीपक जलाने पर भी रोक लगाई जा रही है। कहा जा रहा है कि ईसाई पद्धति से पूजापाठ करो। हिंदू रीति-रिवाज छोड़ दो, तो समय से सैलरी और पीएफ मिलेगा।
जूदेव के निवास पर पहुंचीं पीड़ित महिलायें
सालेम स्कूल में आया-बाई का काम करने वाली कुछ महिलाएं अपनी शिकायत को लेकर घर वापसी अभियान से जुड़े प्रमुख प्रबल प्रताप सिंह जूदेव के निवास पर पहुंचीं और अपनी व्यथा सुनाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने महिलाओं को आश्वासन दिया है कि इस पूरे प्रकरण को संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के सामने उठाया जाएगा और निष्पक्ष जांच कराई जायेगी।
स्कूल प्रबंधन पर कई गंभीर आरोप
पीड़ित महिलाओं ने स्कूल की प्रभारी प्राचार्य रुपिका लॉरेंस और छत्तीसगढ़ डायसिस ऑफ बोर्ड एजुकेशन के वाइस प्रेसिडेंट नीतिन लॉरेंस पर कई गंभीर आरोप लगाये हैं। उनका आरोप है कि दोनों मिलकर शासन-प्रशासन को गुमराह कर रहे हैं। दूसरी ओर अमर उजाला से बातचीत में इन आरोपों को दोनों पदाधिकारियों ने सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि सारे आरोप मनगढ़ंत और बेबुनियाद हैं। ऐसे लोगों को नोटिस भेजा जा रहा है। मामले में एफआईआर भी दर्ज कराई जायेगी।