Ratlam: रणथंभौर एक्सप्रेस के कोच से निकला धुआं, यात्रियों में मची अफरातफरी; 20 मिनट तक खड़ी रही ट्रेन
रतलाम जिले के लूणी-रीछा स्टेशन के पास रणथंभौर सुपरफास्ट एक्सप्रेस के जनरल कोच के पहियों से धुआं निकलने पर यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। चालक ने ट्रेन रोक दी। कई यात्री नीचे उतर गए। तकनीकी जांच के बाद ट्रेन रवाना की गई, कोई हताहत नहीं हुआ।
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दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर रतलाम जिले में कोटा मंडल के अंतर्गत आने वाले लूणी-रीछा रेलवे स्टेशन के पास इंदौर से जोधपुर जा रही रणथंभौर सुपरफास्ट एक्सप्रेस के एक जनरल कोच के पहियों से अचानक धुआं निकलने लगा। धुआं उठता देख यात्रियों में हड़कंप मच गया। चालक ने सतर्कता दिखाते हुए ट्रेन रोक दी, जिसके बाद कई यात्री घबराकर नीचे उतर गए। कुछ देर बाद दूसरी पटरी से एक मेमू ट्रेन भी गुजरी। यदि यह ट्रेन यात्रियों के नीचे उतरने के दौरान आती, तो बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
पहियों से धुआं निकलते ही मची अफरातफरी
यात्रियों के अनुसार, गुरुवार सुबह इंदौर से जोधपुर जा रही ट्रेन संख्या 12465 रणथंभौर सुपरफास्ट एक्सप्रेस सुबह करीब 9:27 बजे आलोट क्षेत्र स्थित लूणी-रीछा रेलवे स्टेशन के पास पहुंची थी। तभी इंजन के पीछे लगे जनरल कोच के पहियों से धुआं निकलता दिखाई दिया। धुआं देखकर कुछ यात्रियों ने ट्रेन में आग लगने की आशंका जताई और शोर मचाने लगे।
स्थिति को देखते हुए चालक ने तत्काल ट्रेन रोक दी। ट्रेन रुकते ही कई यात्री अपना सामान लेकर नीचे उतर गए और सुरक्षित स्थान की ओर भागने लगे। घटना के संबंध में कोटा रेल मंडल की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि यात्रियों का कहना है कि चालक और गार्ड के बीच हुई चर्चा में ब्रेक चिपकने के कारण घर्षण से धुआं निकलने की बात सामने आई थी। वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
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रेलवे की तकनीकी टीम ने मौके पर पहुंचकर कोच की जांच की। लगभग 20 मिनट तक ट्रेन मौके पर खड़ी रही, जिसके बाद उसे आगे के लिए रवाना कर दिया गया। इस घटना के कारण अवध एक्सप्रेस समेत अन्य ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित हुआ।
टल गया बड़ा हादसा
गौरतलब है कि 14 जून को मुरैना जिले में ट्रेन में आग लगने की अफवाह के बाद कई यात्री घबराकर नीचे उतर गए थे। कुछ यात्री दूसरी रेलवे लाइन पर पहुंच गए थे, जहां दूसरी ट्रेन की चपेट में आने से चार लोगों की मौत हो गई थी। लूणी-रीछा रेलवे स्टेशन के पास रणथंभौर एक्सप्रेस से धुआं निकलने के बाद भी कई यात्री दूसरी पटरी तक पहुंच गए थे। करीब 20 मिनट बाद उसी पटरी से एक मेमू ट्रेन गुजरी।यदि मेमू ट्रेन यात्रियों के नीचे उतरने के दौरान पहुंच जाती, तो बड़ा हादसा हो सकता था। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।
