{"_id":"696a2ce1ae588b8cad0fc7af","slug":"raigarh-elder-brother-beats-younger-brother-to-death-with-a-stick-court-sentences-accused-to-life-imprisonment-raigarh-news-c-1-1-noi1486-3848312-2026-01-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"छत्तीसगढ़ : रायगढ़ में भाई की हत्या के आरोपी बड़े भाई को आजीवन कारावास, मामूली विवाद में की थी निर्मम हत्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छत्तीसगढ़ : रायगढ़ में भाई की हत्या के आरोपी बड़े भाई को आजीवन कारावास, मामूली विवाद में की थी निर्मम हत्या
अमर उजाला नेटवर्क, रायगढ़
Published by: रायगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 16 Jan 2026 07:59 PM IST
विज्ञापन
सार
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में मामूली कहासुनी के बाद बड़े भाई ने अपने ही छोटे भाई की डंडे से पीट-पीटकर निर्मम हत्या कर दी। इस जघन्य अपराध के मामले में सत्र न्यायालय के विद्वान न्यायाधीश जितेन्द्र कुमार जैन ने आरोपी सुनील कुमार दास को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
छोटे भाई के हत्यारे बड़े भाई को आजीवन कारावास की सजा
विज्ञापन
विस्तार
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में मामूली कहासुनी के बाद बड़े भाई ने अपने ही छोटे भाई की डंडे से पीट-पीटकर निर्मम हत्या कर दी। इस जघन्य अपराध के मामले में सत्र न्यायालय के विद्वान न्यायाधीश जितेन्द्र कुमार जैन ने आरोपी सुनील कुमार दास को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने उस पर 50 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है, जिसे अदा न करने पर उसे एक दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
Trending Videos
घटना का विवरण
अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह घटना 14 मार्च 2025 की होली की रात लगभग आठ बजे हुई। आरोपी सुनील कुमार दास और उसका भाई निर्मल दास बस्ती से घूमकर घर लौटे थे। घर पहुंचने पर किसी बात को लेकर दोनों भाइयों के बीच विवाद हो गया। कहासुनी इतनी बढ़ गई कि सुनील कुमार ने गुस्से में आकर अपने भाई निर्मल के सिर पर डंडे से ताबड़तोड़ वार कर दिए। इन गंभीर चोटों के कारण निर्मल दास की मौके पर ही मौत हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिसिया कार्रवाई और न्यायालय का फैसला
घटना के बाद परिजनों ने तुरंत जूटमिल थाने में इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने आरोपी सुनील कुमार दास के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 (1) के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। विस्तृत विवेचना पूरी करने के बाद पुलिस ने न्यायालय में चालान पेश किया।
सत्र न्यायालय के न्यायाधीश जितेन्द्र कुमार जैन ने मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी सुनील कुमार दास को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 के तहत दोषी पाया। न्यायाधीश ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा से दंडित करते हुए 50 रुपये का अर्थदंड भी लगाया। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक पीएन गुप्ता ने पैरवी की।