CG News: पहले घर से बाहर निकलना था मुश्किल, लोग क्या-क्या न कहते थे; 'द टी एक्सप्रेस' बनी दिव्यागों का सहारा
'The Tea Express' in Raipur: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस कोर्ट स्थित स्टॉल 'द टी एक्सप्रेस' दिव्यांग के चेहरे पर मुस्कान बिखेर रही है। उन्हें सशक्त बना रही है। उनके सपनों को पंख लगा रही है।
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'The Tea Express' in Raipur: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस कोर्ट स्थित स्टॉल 'द टी एक्सप्रेस' दिव्यांग के चेहरे पर मुस्कान बिखेर रही है। उन्हें सशक्त बना रही है। उनके सपनों को पंख लगा रही है। शांति नगर की दिव्यांग उद्यमी गिरजा जलचत्री ने रायपुर में डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस कोर्ट के पास अपने स्टॉल 'द टी एक्सप्रेस' के जरिए दूसरे दिव्यांग लोगों को सशक्त बना रही हैं।
#WATCH | Raipur, Chhattisgarh | Employee of 'The Tea Express', Surekha Sonkar says, "... I am 80% disabled and I work in the canteen of the District Council Court... Earlier, even stepping out of the house was difficult, but after connecting with Girja Didi, my confidence… https://t.co/6MeOhI2qtP pic.twitter.com/D3PBrowOtk
— ANI (@ANI) July 2, 2026विज्ञापन
एडवोकेट रंजीश झा कहते हैं कि यह पहल सरकार और हमारे एडवोकेट्स एसोसिएशन ने दिव्यांग लोगों के लिए की है... यहाँ बहुत अच्छी व्यवस्था है और ये लोग अपने मेहमानों के साथ सेवा और प्यार से पेश आते हैं। यह एक बहुत अच्छी पहल है।"
#WATCH | Raipur, Chhattisgarh: A specially-abled entrepreneur Girja Jalchatri from Shanti Nagar is empowering other specially-abled individuals through her stall 'The Tea Express' located near the District and Sessions Court, Raipur.
Most of the employees working here are… pic.twitter.com/Q6RJdxvGly — ANI (@ANI) July 2, 2026
'द टी एक्सप्रेस' की एम्प्लॉई सुरेखा सोनकर कहती हैं कि मैं 80% दिव्यांग हूँ और डिस्ट्रिक्ट काउंसिल कोर्ट की कैंटीन में काम करती हूँ। पहले घर से बाहर निकलना भी मुश्किल था, लेकिन गिरजा दीदी से जुड़ने के बाद मेरा कॉन्फिडेंस बढ़ा। हमने दिव्यांग साथियों को ट्राइसाइकिल, मेडिकल सर्टिफिकेट और सरकारी स्कीम का फायदा दिलाने में मदद की। आज मैं सेल्फ-रिलायंस हूँ और किसी पर डिपेंडेंट नहीं हूं। "
#WATCH | Raipur, Chhattisgarh: Advocate Ranjeesh Jha says, "This initiative has been taken by the government and our advocates' association for specially-abled people... There is very good arrangement here, and these people treat their guests with a sense of service and love...… https://t.co/6MeOhI2qtP pic.twitter.com/9JSF9l3Jwq
— ANI (@ANI) July 2, 2026
स्पेशली-एबल्ड एंटरप्रेन्योर गिरजा जलचत्री कहती हैं कि एक समय था जब मुझे नहीं लगता था कि दिव्यांग लोग जिंदगी में कुछ हासिल कर सकते हैं। मुझमें सेल्फ-कॉन्फिडेंस की कमी थी। मुझे हमेशा लगता था कि लोग मुझे देखकर हंसेंगे या मेरा मजाक उड़ाएंगे, लेकिन बैरन बाजार में विमेंस पॉलिटेक्निक कॉलेज में कंप्यूटर कोर्स के दौरान दूसरे दिव्यांग साथियों को देखकर मेरा कॉन्फिडेंस बढ़ा। मैं समर्थ चैरिटेबल ट्रस्ट से जुड़ी और दिव्यांग लोगों को सरकारी स्कीम और रोजी-रोटी से जोड़ने का काम शुरू किया। आज हमारी टीम में 10 मेंबर हैं, जिनमें से दो नॉन-डिसेबल्ड हैं और बाकी दिव्यांग कैटेगरी से हैं।"