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Raipur News: रेलवे स्टेशन पर नहीं थी स्थायी मेडिकल सुविधा, साड़ियों के घेरे में कराया गया प्रसव, नवजात की मौत
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Sat, 20 Jun 2026 04:32 PM IST
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सार
सिकंदराबाद-रक्सौल एक्सप्रेस में सफर कर रही गर्भवती महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद प्लेटफॉर्म पर ही आपातकालीन स्थिति में प्रसव कराना पड़ा। हालांकि समय से पहले जन्मे नवजात को बचाया नहीं जा सका।
रायपुर जंक्शन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजधानी के रायपुर रेलवे स्टेशन पर शनिवार को मानवीय संवेदनाओं और स्वास्थ्य व्यवस्था की कमी की तस्वीर एक साथ देखने को मिली। सिकंदराबाद-रक्सौल एक्सप्रेस में सफर कर रही गर्भवती महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद प्लेटफॉर्म पर ही आपातकालीन स्थिति में प्रसव कराना पड़ा। हालांकि समय से पहले जन्मे नवजात को बचाया नहीं जा सका।
जानकारी के मुताबिक, बिहार के दरभंगा निवासी लक्ष्मी देवी ट्रेन संख्या 17005 सिकंदराबाद-रक्सौल एक्सप्रेस के जनरल कोच में यात्रा कर रही थीं। दुर्ग स्टेशन पार करने के बाद उन्हें तेज प्रसव पीड़ा होने लगी। सहयात्रियों ने तत्काल इसकी सूचना टीटीई को दी, जिसके बाद रायपुर स्टेशन पर मेडिकल अलर्ट जारी किया गया।
ट्रेन के रायपुर पहुंचते ही महिला की हालत गंभीर हो चुकी थी। स्टेशन पर स्थायी डॉक्टर की व्यवस्था नहीं होने के कारण यात्रियों और सफाईकर्मियों ने साड़ियों और चादरों की मदद से अस्थायी घेरा बनाकर गोपनीयता सुनिश्चित की। इसके बाद बुलाए गए ऑन-कॉल डॉक्टर ने प्लेटफॉर्म पर ही प्रसव कराया। हालांकि नवजात का जन्म समय से पहले होने के कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। घटना के बाद महिला को आगे के उपचार के लिए चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया।
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घटना ने एक बार फिर रायपुर रेलवे स्टेशन की चिकित्सा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, रेलवे प्रशासन पिछले एक वर्ष में तीन बार डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी कर चुका है, लेकिन निर्धारित शर्तों और एमबीबीएस डिग्री की अनिवार्यता के चलते एक भी आवेदन प्राप्त नहीं हुआ।
रायपुर रेल मंडल के अधिकारियों का कहना है कि रेलवे स्टेशनों पर स्थायी डॉक्टरों की तैनाती का कोई अनिवार्य प्रावधान नहीं है। जरूरत पड़ने पर रेलवे अस्पताल से मेडिकल टीम बुलाई जाती है। लेकिन ऐसे मामलों में कुछ मिनटों की देरी भी गंभीर परिणाम ला सकती है।
जानकारी के मुताबिक, बिहार के दरभंगा निवासी लक्ष्मी देवी ट्रेन संख्या 17005 सिकंदराबाद-रक्सौल एक्सप्रेस के जनरल कोच में यात्रा कर रही थीं। दुर्ग स्टेशन पार करने के बाद उन्हें तेज प्रसव पीड़ा होने लगी। सहयात्रियों ने तत्काल इसकी सूचना टीटीई को दी, जिसके बाद रायपुर स्टेशन पर मेडिकल अलर्ट जारी किया गया।
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ट्रेन के रायपुर पहुंचते ही महिला की हालत गंभीर हो चुकी थी। स्टेशन पर स्थायी डॉक्टर की व्यवस्था नहीं होने के कारण यात्रियों और सफाईकर्मियों ने साड़ियों और चादरों की मदद से अस्थायी घेरा बनाकर गोपनीयता सुनिश्चित की। इसके बाद बुलाए गए ऑन-कॉल डॉक्टर ने प्लेटफॉर्म पर ही प्रसव कराया। हालांकि नवजात का जन्म समय से पहले होने के कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। घटना के बाद महिला को आगे के उपचार के लिए चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया।
घटना ने एक बार फिर रायपुर रेलवे स्टेशन की चिकित्सा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, रेलवे प्रशासन पिछले एक वर्ष में तीन बार डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी कर चुका है, लेकिन निर्धारित शर्तों और एमबीबीएस डिग्री की अनिवार्यता के चलते एक भी आवेदन प्राप्त नहीं हुआ।
रायपुर रेल मंडल के अधिकारियों का कहना है कि रेलवे स्टेशनों पर स्थायी डॉक्टरों की तैनाती का कोई अनिवार्य प्रावधान नहीं है। जरूरत पड़ने पर रेलवे अस्पताल से मेडिकल टीम बुलाई जाती है। लेकिन ऐसे मामलों में कुछ मिनटों की देरी भी गंभीर परिणाम ला सकती है।