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Raipur News: 10 किलो गांजा तस्करी मामले में यूपी के आरोपी को 10 साल की सजा, 1 लाख का जुर्माना भी
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Wed, 24 Jun 2026 04:14 PM IST
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सार
गांजा तस्करी के एक मामले में विशेष एनडीपीएस न्यायालय ने उत्तर प्रदेश के एक आरोपी को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास और एक लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत रायपुर पुलिस को बड़ी कानूनी सफलता मिली है। गांजा तस्करी के एक मामले में विशेष एनडीपीएस न्यायालय ने उत्तर प्रदेश के एक आरोपी को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास और एक लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
यह मामला थाना गंज में वर्ष 2025 में दर्ज किया गया था। पुलिस के अनुसार, 29 जनवरी 2025 को एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स, एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा गंज थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने नमस्ते चौक के पास कार्रवाई करते हुए आरोपी अंकित जाटव (27 वर्ष) को गिरफ्तार किया था।
तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से उसके बैग में रखे 10.230 किलोग्राम गांजा को जब्त किया गया था। बरामद मादक पदार्थ की अनुमानित बाजार कीमत करीब 2 लाख 4 हजार 600 रुपये आंकी गई थी। इस मामले में थाना गंज में अपराध क्रमांक 24/2025 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के अंतर्गत मामला दर्ज कर आरोपी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की गई थी।
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मामले की सुनवाई विशेष एनडीपीएस न्यायालय, रायपुर में हुई। अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों के बयान और जांच के दौरान जुटाए गए तथ्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी अंकित जाटव को दोषी करार दिया। न्यायालय ने आरोपी को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाने के साथ ही 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना जमा नहीं करने की स्थिति में आरोपी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
वैज्ञानिक तरीके से जुटाए गए साक्ष्य
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की विवेचना के दौरान वैज्ञानिक और विधिसम्मत तरीके से साक्ष्य एकत्र किए गए, जिन्हें न्यायालय के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। इसी के आधार पर अभियोजन पक्ष आरोपी को दोषसिद्ध कराने में सफल रहा। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने कहा कि अवैध मादक पदार्थों के कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। न्यायालय का यह फैसला नशे के अवैध कारोबार में शामिल लोगों के लिए स्पष्ट संदेश है कि ऐसे अपराधों में संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला थाना गंज में वर्ष 2025 में दर्ज किया गया था। पुलिस के अनुसार, 29 जनवरी 2025 को एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स, एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा गंज थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने नमस्ते चौक के पास कार्रवाई करते हुए आरोपी अंकित जाटव (27 वर्ष) को गिरफ्तार किया था।
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तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से उसके बैग में रखे 10.230 किलोग्राम गांजा को जब्त किया गया था। बरामद मादक पदार्थ की अनुमानित बाजार कीमत करीब 2 लाख 4 हजार 600 रुपये आंकी गई थी। इस मामले में थाना गंज में अपराध क्रमांक 24/2025 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के अंतर्गत मामला दर्ज कर आरोपी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की गई थी।
मामले की सुनवाई विशेष एनडीपीएस न्यायालय, रायपुर में हुई। अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों के बयान और जांच के दौरान जुटाए गए तथ्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी अंकित जाटव को दोषी करार दिया। न्यायालय ने आरोपी को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाने के साथ ही 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना जमा नहीं करने की स्थिति में आरोपी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
वैज्ञानिक तरीके से जुटाए गए साक्ष्य
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की विवेचना के दौरान वैज्ञानिक और विधिसम्मत तरीके से साक्ष्य एकत्र किए गए, जिन्हें न्यायालय के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। इसी के आधार पर अभियोजन पक्ष आरोपी को दोषसिद्ध कराने में सफल रहा। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने कहा कि अवैध मादक पदार्थों के कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। न्यायालय का यह फैसला नशे के अवैध कारोबार में शामिल लोगों के लिए स्पष्ट संदेश है कि ऐसे अपराधों में संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।