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कोलकाता में हादसा: तारातला में निर्माणाधीन गोदाम ढहा, पांच लोगों के मारे जाने की आशंका; कई लोग अभी भी फंसे
पीटीआई, कोलकाता
Published by: अमन तिवारी
Updated Wed, 24 Jun 2026 02:22 PM IST
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सार
पश्चिम कोलकाता के तारातला इलाके में बुधवार को एक निर्माणाधीन गोदाम ढह गया। हादसे में पांच लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है, जबकि कई लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है। राहत और बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है।
निर्माणाधीन गोदाम ढहा
- फोटो : IANS
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विस्तार
पश्चिम कोलकाता के तारातला इलाके में बुधवार दोपहर एक भयानक हादसा हो गया। यहां ट्रांसपोर्ट डिपो रोड पर एक तीन मंजिला निर्माणाधीन गोदाम अचानक गिर गया। इस हादसे में अब तक पांच लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, मलबे के नीचे अभी भी कई लोगों के दबे हो सकते हैं। पुलिस और प्रशासन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गई हैं। राहत और बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है। जानकारी मिली है कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी स्थिति का जायजा लेने के लिए घटनास्थल के लिए रवाना हो चुके हैं।
10 लोगों को निकाला गया बाहर
कोलकाता पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि अब तक 10 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। इन सभी को इलाज के लिए पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह हादसा दोपहर करीब 12 बजे ब्रेस ब्रिज के पास हुआ। चश्मदीदों ने बताया कि जब इमारत गिरी, तो मलबे के नीचे से लोगों के चीखने-चिल्लाने और मदद मांगने की आवाजें आ रही थीं। बचाव दल के सदस्य फंसे हुए लोगों को निकलने के प्रयास में जुटे हुए हैं।
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कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, हादसे के वक्त गोदाम की छत की ढलाई (कास्टिंग) का काम चल रहा था। इमारत की पहली और दूसरी मंजिल का ढांचा तैयार हो चुका था और ग्राउंड फ्लोर पर निर्माण कार्य जारी था। इस दौरान अचानक पूरी इमारत भरभरा कर गिर गई, जिससे लोहे के भारी बीम और कंक्रीट का बड़ा ढेर लग गया और वहां काम कर रहे मजदूर नीचे दब गए।
युद्ध स्तर पर बचाव कार्य
राहत और बचाव का काम बहुत तेजी से चल रहा है। कोलकाता पुलिस, आपदा प्रबंधन समूह (DMG), नागरिक सुरक्षा और दमकल विभाग की टीमें मौके पर तैनात हैं। सेना के अधिकारी भी बचाव कार्य में मदद कर रहे हैं। लोहे के बीम और कंक्रीट को काटने के लिए गैस कटर और वर्टिकल ड्रिलिंग मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। भारी मलबे को हटाने के लिए क्रेन और बड़ी मशीनें लगाई गई हैं।
घटिया सामग्री और अवैध निर्माण के आरोप
दमकल विभाग के एक अधिकारी ने आरोप लगाया कि गोदाम के निर्माण में घटिया दर्जे की सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा था। वहीं, स्थानीय लोगों ने शिकायत की है कि इस इलाके में पिछले काफी समय से बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण कार्य चल रहे हैं।
ये भी पढ़ें: High Court: कलकत्ता हाईकोर्ट ने खारिज की अभिषेक बनर्जी की अर्जी, याचिका पर जल्द सुनवाई की अपील की थी
मौके पर पहुंचे मंत्री और अधिकारी
हादसे की गंभीरता को देखते हुए शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल, कोलकाता नगर निगम आयुक्त स्मिता पांडे और मंत्री इंद्रनील खान घटनास्थल पर पहुंचे हैं। भाजपा नेता राकेश सिंह भी वहां मौजूद थे। मंत्री इंद्रनील खान ने कहा कि अभी हमारी पहली प्राथमिकता अधिक से अधिक लोगों की जान बचाना है। हादसे के कारणों और किसी भी तरह की अनियमितता की जांच बाद में की जाएगी।
मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर
राज्य सचिवालय ने इस घटना को लेकर कंट्रोल रूम नंबर जारी किए हैं। लोग जानकारी के लिए 1070, 8697981070, 033-22143526 और 033-22535185 पर संपर्क कर सकते हैं। प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
10 लोगों को निकाला गया बाहर
कोलकाता पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि अब तक 10 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। इन सभी को इलाज के लिए पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह हादसा दोपहर करीब 12 बजे ब्रेस ब्रिज के पास हुआ। चश्मदीदों ने बताया कि जब इमारत गिरी, तो मलबे के नीचे से लोगों के चीखने-चिल्लाने और मदद मांगने की आवाजें आ रही थीं। बचाव दल के सदस्य फंसे हुए लोगों को निकलने के प्रयास में जुटे हुए हैं।
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कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, हादसे के वक्त गोदाम की छत की ढलाई (कास्टिंग) का काम चल रहा था। इमारत की पहली और दूसरी मंजिल का ढांचा तैयार हो चुका था और ग्राउंड फ्लोर पर निर्माण कार्य जारी था। इस दौरान अचानक पूरी इमारत भरभरा कर गिर गई, जिससे लोहे के भारी बीम और कंक्रीट का बड़ा ढेर लग गया और वहां काम कर रहे मजदूर नीचे दब गए।
युद्ध स्तर पर बचाव कार्य
राहत और बचाव का काम बहुत तेजी से चल रहा है। कोलकाता पुलिस, आपदा प्रबंधन समूह (DMG), नागरिक सुरक्षा और दमकल विभाग की टीमें मौके पर तैनात हैं। सेना के अधिकारी भी बचाव कार्य में मदद कर रहे हैं। लोहे के बीम और कंक्रीट को काटने के लिए गैस कटर और वर्टिकल ड्रिलिंग मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। भारी मलबे को हटाने के लिए क्रेन और बड़ी मशीनें लगाई गई हैं।
घटिया सामग्री और अवैध निर्माण के आरोप
दमकल विभाग के एक अधिकारी ने आरोप लगाया कि गोदाम के निर्माण में घटिया दर्जे की सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा था। वहीं, स्थानीय लोगों ने शिकायत की है कि इस इलाके में पिछले काफी समय से बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण कार्य चल रहे हैं।
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मौके पर पहुंचे मंत्री और अधिकारी
हादसे की गंभीरता को देखते हुए शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल, कोलकाता नगर निगम आयुक्त स्मिता पांडे और मंत्री इंद्रनील खान घटनास्थल पर पहुंचे हैं। भाजपा नेता राकेश सिंह भी वहां मौजूद थे। मंत्री इंद्रनील खान ने कहा कि अभी हमारी पहली प्राथमिकता अधिक से अधिक लोगों की जान बचाना है। हादसे के कारणों और किसी भी तरह की अनियमितता की जांच बाद में की जाएगी।
मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर
राज्य सचिवालय ने इस घटना को लेकर कंट्रोल रूम नंबर जारी किए हैं। लोग जानकारी के लिए 1070, 8697981070, 033-22143526 और 033-22535185 पर संपर्क कर सकते हैं। प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।