{"_id":"68c6ac693ef8ca0d4a0c849a","slug":"voter-list-will-be-specially-revised-blo-and-supervisor-got-training-in-kabirdham-2025-09-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"कबीरधाम: मतदाता सूची का होगा विशेष गहन पुनरीक्षण, बीएलओ और सुपरवाइजर को मिला प्रशिक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कबीरधाम: मतदाता सूची का होगा विशेष गहन पुनरीक्षण, बीएलओ और सुपरवाइजर को मिला प्रशिक्षण
अमर उजाला नेटवर्क, कबीरधाम
Published by: अमन कोशले
Updated Sun, 14 Sep 2025 05:22 PM IST
विज्ञापन
सार
कबीरधाम में निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण-2025 (एसआईआर) की तैयारी शुरू हो गई है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर 2003 और 2025 की मतदाता सूचियों का मिलान किया जाएगा।
मतदाता सूची का होगा विशेष गहन पुनरीक्षण, बीएलओ व सुपरवाइजर को मिला प्रशिक्षण
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
कबीरधाम में निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण-2025 (एसआईआर) की तैयारी शुरू हो गई है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर 2003 और 2025 की मतदाता सूचियों का मिलान किया जाएगा। इसके लिए स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में बीएलओ, सुपरवाइजर और ईआरओ को प्रशिक्षण दिया गया।
कलेक्टर गोपाल वर्मा ने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता लोकतंत्र की मजबूती का आधार है, इसलिए इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही की गुंजाइश नहीं है। उन्होंने अधिकारियों-कर्मचारियों से इसे सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ जिम्मेदारीपूर्वक संपन्न करने को कहा। कार्य में तेजी और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए हर 10 बीएलओ पर सुपरवाइजर की निगरानी रहेगी।
इस मौके पर कलेक्टर गोपाल वर्मा ने बताया कि निर्वाचक नामावली का विशेष गहन पुनरीक्षण निर्वाचन आयोग का अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य है। मतदाता सूची का सही और शुद्ध होना लोकतंत्र की मजबूती का आधार है। इसलिए इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने कहा कि बीएलओ, सुपरवाइजर और ईआरओ को निर्वाचन कार्य को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता मानकर गंभीरता से करना चाहिए। निर्वाचन आयोग की विश्वसनीयता इस कार्य की सफलता पर टिकी है। इसलिए प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी अपने कर्तव्यों का पालन जिम्मेदारी के साथ करें। कलेक्टर ने प्रशिक्षणार्थियों से कहा कि यदि किसी स्तर पर किसी भी प्रकार का संशय उत्पन्न होता है तो तुरंत अपने उच्च अधिकारियों से समन्वय कर उसका निराकरण करें।
इस तरह होगा काम
छत्तीसगढ़ में निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण-2025 (एसआईआर) संपन्न कराया जाना है। इसके तहत वर्ष 2003 के (एसआईआर) की मतदाता सूची व वर्ष 2025 के मतदाता सूची के मिलान किया जाएगा। प्रशिक्षण में बताया गया कि बीएलओ 2003 की मतदाता सूची व 2025 के मतदाता सूची एक साथ सामने रखें। 2003 के प्रत्येक मतदाता का नाम क्रमवार 2025 की मतदाता सूची में खोजें नाम मिल जाने पर 2003 की मतदाता सूची में निशान (√) लगाएं। संबंधित मतदाता का नाम 2025 की मतदाता सूची में मिला है, वहां "A" का निशान लगाएं। यदि मतदाता का नाम 2025 कि मतदाता सूची में है, लेकिन2003 कि मतदाता सूची में नहीं है। लेकिन उनके माता या पिता में से किसी एक का नाम भी 2003 की मतदाता सूची में है तो 2025 की मतदाता सूची में उसे "B" का निशान लगा कर चिन्हांकित किया जाए। कुल मिलान हुए मतदाताओं की संख्या A और B का योग होगा।
बीएलओ की निगरानी सुपरवाइजर करेंगे
प्रशिक्षण में बताया गया कि वर्ष 2003 में उन मतदाताओं का नाम नहीं रहा होगा, जिनकी उम्र 18 वर्ष से कम रही होगी, यदि कोई व्यक्ति उस समय 17 वर्ष का रहा होगा तो आज 2025 में उसकी उम्र लगभग 35 वर्ष होगी, ऐसी स्थिति में 2025 की मतदाता सूची में ऐसे मतदाता जिनकी उम्र 35 या इससे कम दर्ज है निश्चित रूप से 2003 की मतदाता सूची में नहीं होंगे। शुरुआत में ही 2025 के मतदाता सूची में 35 से कम वर्ष के मतदाताओं को चिन्हित कर लें तो इससे मिलान की जरूरत नहीं है। इसके अतिरिक्त, कम संख्या वाले मतदान केंद्रों (500 से 700 मतदाता) के बीएलओ जल्दी कार्य समाप्त कर अन्य अधिक मतदाता वाले केंद्रों में सहयोग करेंगे। प्रत्येक 10 बीएलओ की निगरानी उनके सुपरवाइजर करेंगे, जिससे कार्य की गति और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।
Trending Videos
कलेक्टर गोपाल वर्मा ने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता लोकतंत्र की मजबूती का आधार है, इसलिए इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही की गुंजाइश नहीं है। उन्होंने अधिकारियों-कर्मचारियों से इसे सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ जिम्मेदारीपूर्वक संपन्न करने को कहा। कार्य में तेजी और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए हर 10 बीएलओ पर सुपरवाइजर की निगरानी रहेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस मौके पर कलेक्टर गोपाल वर्मा ने बताया कि निर्वाचक नामावली का विशेष गहन पुनरीक्षण निर्वाचन आयोग का अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य है। मतदाता सूची का सही और शुद्ध होना लोकतंत्र की मजबूती का आधार है। इसलिए इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने कहा कि बीएलओ, सुपरवाइजर और ईआरओ को निर्वाचन कार्य को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता मानकर गंभीरता से करना चाहिए। निर्वाचन आयोग की विश्वसनीयता इस कार्य की सफलता पर टिकी है। इसलिए प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी अपने कर्तव्यों का पालन जिम्मेदारी के साथ करें। कलेक्टर ने प्रशिक्षणार्थियों से कहा कि यदि किसी स्तर पर किसी भी प्रकार का संशय उत्पन्न होता है तो तुरंत अपने उच्च अधिकारियों से समन्वय कर उसका निराकरण करें।
इस तरह होगा काम
छत्तीसगढ़ में निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण-2025 (एसआईआर) संपन्न कराया जाना है। इसके तहत वर्ष 2003 के (एसआईआर) की मतदाता सूची व वर्ष 2025 के मतदाता सूची के मिलान किया जाएगा। प्रशिक्षण में बताया गया कि बीएलओ 2003 की मतदाता सूची व 2025 के मतदाता सूची एक साथ सामने रखें। 2003 के प्रत्येक मतदाता का नाम क्रमवार 2025 की मतदाता सूची में खोजें नाम मिल जाने पर 2003 की मतदाता सूची में निशान (√) लगाएं। संबंधित मतदाता का नाम 2025 की मतदाता सूची में मिला है, वहां "A" का निशान लगाएं। यदि मतदाता का नाम 2025 कि मतदाता सूची में है, लेकिन2003 कि मतदाता सूची में नहीं है। लेकिन उनके माता या पिता में से किसी एक का नाम भी 2003 की मतदाता सूची में है तो 2025 की मतदाता सूची में उसे "B" का निशान लगा कर चिन्हांकित किया जाए। कुल मिलान हुए मतदाताओं की संख्या A और B का योग होगा।
बीएलओ की निगरानी सुपरवाइजर करेंगे
प्रशिक्षण में बताया गया कि वर्ष 2003 में उन मतदाताओं का नाम नहीं रहा होगा, जिनकी उम्र 18 वर्ष से कम रही होगी, यदि कोई व्यक्ति उस समय 17 वर्ष का रहा होगा तो आज 2025 में उसकी उम्र लगभग 35 वर्ष होगी, ऐसी स्थिति में 2025 की मतदाता सूची में ऐसे मतदाता जिनकी उम्र 35 या इससे कम दर्ज है निश्चित रूप से 2003 की मतदाता सूची में नहीं होंगे। शुरुआत में ही 2025 के मतदाता सूची में 35 से कम वर्ष के मतदाताओं को चिन्हित कर लें तो इससे मिलान की जरूरत नहीं है। इसके अतिरिक्त, कम संख्या वाले मतदान केंद्रों (500 से 700 मतदाता) के बीएलओ जल्दी कार्य समाप्त कर अन्य अधिक मतदाता वाले केंद्रों में सहयोग करेंगे। प्रत्येक 10 बीएलओ की निगरानी उनके सुपरवाइजर करेंगे, जिससे कार्य की गति और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।