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मुंडाखेड़ा गांव में प्रवासी मजदूरों से मारपीट, बंधक बनाने का आरोप

Amar Ujala Bureau Updated Tue, 18 Aug 2026 08:00 PM IST
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Allegations of migrant workers being beaten and held captive in Mundakheda village.
फोटो नंबर 73: मारपीट और घटना की जानकारी देते पीड़ित श्रमिक। (स्रोत पीड़ित)
संवाद न्यूज एजेंसी
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बादली। थाना क्षेत्र के मुंडाखेड़ा गांव में प्रवासी मजदूरों से मारपीट और बंधक बनाने का मामला सामने आया है। चोरी का आरोप लगाकर मजदूरों को कमरे में बंद कर लाठी-डंडों से पीटा गया।
पीड़ित वीरश कुमार जाटव, मुकेश कुमार जाटव और रजनीश कुमार ने 15 अगस्त को मारपीट का आरोप लगाया। उन्होंने जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल की भी शिकायत की है। ये मजदूर उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले के निवासी हैं। वे बादली क्षेत्र में घरों में पेंट करने का काम करते हैं। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया।
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पुलिस उपायुक्त और सहायक पुलिस आयुक्त ने दोनों पक्षों से पूछताछ कर बयान दर्ज किए हैं। पुलिस वायरल वीडियो और अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। मजदूरों ने 16 अगस्त को एक पुलिसकर्मी पर थाने में दुर्व्यवहार और मारपीट का आरोप लगाया। उन्होंने पुलिसकर्मी पर जातिसूचक शब्दों के प्रयोग का भी आरोप लगाया है। पीड़ितों ने पुलिसकर्मी की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। भीम सेना प्रमुख नवाब सतपाल तंवर ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने दोषियों पर कार्रवाई न होने पर झज्जर में बड़े प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
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वर्जन
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी और एसीपी स्तर के अधिकारियों ने दोनों पक्षों से पूछताछ की। अधिकारियों ने घटनाक्रम, मारपीट के आरोप और चोरी के आरोपों से संबंधित जानकारी जुटाई। जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।- प्रदीप खत्री, एसीपी बहादुरगढ़।
वीडियो वायरल होने के बाद गरमाया मामला
संवाद न्यूज़ एजेंसी
बादली। थाना क्षेत्र के मुंडाखेड़ा गांव में प्रवासी मजदूरों के साथ मारपीट कर उन्हें बंधक बनाने के आरोपों का मामला सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हलचल मच गई। घटना की जानकारी से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आया। आरोप है कि चोरी का आरोप लगाकर कुछ मजदूरों को कमरे में बंद किया गया और उनके साथ लाठी-डंडों से मारपीट की गई। पीड़ित पक्ष ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने के भी गंभीर आरोप लगाए हैं।
मामला सामने आने के बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल और पूरे प्रकरण की जानकारी ली। डीसीपी और एसीपी ने दोनों पक्षों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए। पुलिस द्वारा वायरल वीडियो और घटनाक्रम से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच की जा रही है।
पीड़ित वीरश कुमार जाटव, मुकेश कुमार जाटव और रजनीश कुमार ने आरोप लगाया कि चोरी का आरोप लगाकर उन्हें 15 अगस्त को कमरे में बंद किया गया और लाठी-डंडों से मारपीट की गई। उन्होंने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने के भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार वे उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले के रहने वाले हैं और बादली क्षेत्र में मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। वे मुंडाखेड़ा गांव में घरों में पेंट करने का काम करते रहे हैं। वहीं दूसरे पक्ष की ओर से मजदूरों पर चोरी के आरोप लगाए जाने की बात सामने आई है। पुलिस अब दोनों पक्षों के आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है।

वीडियो वायरल होने से गरमाया मामला:
घटना से संबंधित वीडियो मजदूरों के द्वारा सोशल मीडिया पर वायरल किए के बाद मामला तेजी से चर्चा में आया। वीडियो में कुछ मजदूरों ने आप बीती बताते हुए मदद की गुहार लगाई है। वीडियो में मजदूरों ने थूक चटवाने की गंभीर बात भी कही है।

पुलिसकर्मी पर भी थाने में बुलाकर मारपीट का आरोप:
वीरश, मुकेश और रजनीश का कहना है कि घटना के अगले दिन 16 अगस्त को एक पुलिसकर्मी ने उन्हें थाने में बुलाया। वहां भी उनके साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की गई। मजदूरों का कहना है कि पुलिसकर्मी ने उनके साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग भी किया। पीड़ितों ने एक पुलिसकर्मी की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने पर उसके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग उठाई है।

नवाब सतपाल तंवर ने दी प्रदर्शन की चेतावनी:
गुरुग्राम से भीम सेना प्रमुख नवाब सतपाल तंवर ने मुंडाखेड़ा प्रकरण को गंभीर बताते हुए मुख्यमंत्री और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पीड़ित मजदूरों के साथ हुई मारपीट, जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल और पुलिसकर्मी पर लगाए गए आरोपों की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। तंवर ने चेतावनी दी कि यदि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो झज्जर में बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा।



वर्जन
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी और एसीपी स्तर के अधिकारियों ने दोनों पक्षों से पूछताछ की। अधिकारियों ने घटनाक्रम, मारपीट के आरोप और चोरी के आरोपों से संबंधित जानकारी जुटाई। जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।- प्रदीप खत्री, एसीपी बहादुरगढ़।
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