{"_id":"6a8484c75edc14f2f20b0990","slug":"ayushmanchirayu-cards-will-be-made-for-the-remaining-192-lakh-eligible-beneficiaries-in-the-district-jhajjar-news-c-195-1-nnl1001-138816-2026-08-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले के 1.92 लाख शेष पात्रों के बनाए जाएंगे आयुष्मान\/चिरायु कार्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले के 1.92 लाख शेष पात्रों के बनाए जाएंगे आयुष्मान/चिरायु कार्ड
विज्ञापन
18jjrp04- सिविल अस्पताल में आयुष्मान कार्ड पर इलाज के लिए पहुंचे मरीज व उनके परिजन। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झज्जर। जिले में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और चिरायु हरियाणा योजना के तहत एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सभी पात्र परिवारों तक योजना का लाभ पहुंचना है। इसका लक्ष्य शेष पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान/चिरायु कार्ड बनवाकर उन्हें स्वास्थ्य सुरक्षा से जोड़ना है।
यह अभियान 14 सितंबर तक जारी रहेगा। जिले में अब तक 4 लाख 78 हजार 870 आयुष्मान/चिरायु कार्ड बनाए जा चुके हैं। अभी लगभग 1 लाख 92 हजार पात्र लाभार्थियों के कार्ड बनने बाकी हैं। इन लाभार्थियों की सूची संबंधित सीएचसी, पीएचसी और यूपीएचसी को उपलब्ध कराई गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर पात्र लाभार्थियों तक पहुंच बना रही है।
सिविल सर्जन मंजू कादियान ने बताया कि अभियान को सफल बनाने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसमें स्वास्थ्य विभाग की टीमें, आयुष्मान मित्र, आशा कार्यकर्ता और एएनएम सहयोग कर रहे हैं। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, कॉमन सर्विस सेंटर संचालक और स्थानीय प्रशासन भी इसमें शामिल हैं। ग्राम और वार्ड स्तर पर लंबित लाभार्थियों की सूची के आधार पर पात्र व्यक्तियों से व्यक्तिगत संपर्क किया जा रहा है। अधिक जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर-14555 पर संपर्क किया जा सकता है।
विज्ञापन
इंसेट
कार्ड बनवाने की प्रक्रिया
पात्र लाभार्थी अपने परिवार पहचान पत्र, आधार कार्ड और आधार से लिंक मोबाइल नंबर के साथ कार्ड बनवा सकते हैं। वे अपने निकटतम कॉमन सर्विस सेंटर पर जा सकते हैं। आयुष्मान भारत योजना के पैनल में शामिल अस्पताल अथवा पीएमजेएवाई मोबाइल ऐप के माध्यम से भी ई-केवाईसी कराई जा सकती है। आयुष्मान/चिरायु कार्ड बनने के बाद पात्र परिवारों को कैशलेस उपचार की सुविधा मिलती है। यह सुविधा योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में उपलब्ध है।
विज्ञापन
यह अभियान 14 सितंबर तक जारी रहेगा। जिले में अब तक 4 लाख 78 हजार 870 आयुष्मान/चिरायु कार्ड बनाए जा चुके हैं। अभी लगभग 1 लाख 92 हजार पात्र लाभार्थियों के कार्ड बनने बाकी हैं। इन लाभार्थियों की सूची संबंधित सीएचसी, पीएचसी और यूपीएचसी को उपलब्ध कराई गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर पात्र लाभार्थियों तक पहुंच बना रही है।
विज्ञापन
सिविल सर्जन मंजू कादियान ने बताया कि अभियान को सफल बनाने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसमें स्वास्थ्य विभाग की टीमें, आयुष्मान मित्र, आशा कार्यकर्ता और एएनएम सहयोग कर रहे हैं। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, कॉमन सर्विस सेंटर संचालक और स्थानीय प्रशासन भी इसमें शामिल हैं। ग्राम और वार्ड स्तर पर लंबित लाभार्थियों की सूची के आधार पर पात्र व्यक्तियों से व्यक्तिगत संपर्क किया जा रहा है। अधिक जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर-14555 पर संपर्क किया जा सकता है।
विज्ञापन
इंसेट
कार्ड बनवाने की प्रक्रिया
पात्र लाभार्थी अपने परिवार पहचान पत्र, आधार कार्ड और आधार से लिंक मोबाइल नंबर के साथ कार्ड बनवा सकते हैं। वे अपने निकटतम कॉमन सर्विस सेंटर पर जा सकते हैं। आयुष्मान भारत योजना के पैनल में शामिल अस्पताल अथवा पीएमजेएवाई मोबाइल ऐप के माध्यम से भी ई-केवाईसी कराई जा सकती है। आयुष्मान/चिरायु कार्ड बनने के बाद पात्र परिवारों को कैशलेस उपचार की सुविधा मिलती है। यह सुविधा योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में उपलब्ध है।