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छत्तीसगढ़: सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली, कांकेर में माओवादी मल्लेश ने AK-47 के साथ किया आत्मसमर्पण
अमर उजाला नेटवर्क, कांकेर
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 25 Feb 2026 10:49 AM IST
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नक्सली मल्लेश
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नक्सलवाद की खोखली विचारधारा से त्रस्त होकर अब नक्सली संगठन कमजोर पड़ते जा रहे हैं। हाल के दिनों में कई बड़े नक्सली नेताओं ने या तो आत्मसमर्पण किया है या पुलिस मुठभेड़ों में मारे गए हैं। इसी क्रम में, तेलंगाना में 5 करोड़ के इनामी नक्सली ने अपने 16 साथियों के साथ आत्मसमर्पण किया है। वहीं, मंगलवार को कांकेर जिले के पखांजूर छोटेबेठिया में स्थित बीएसएफ 94वीं बटालियन में डीवीसीएम मल्लेश ने एके-47 राइफल के साथ आत्मसमर्पण कर दिया। मल्लेश कई नक्सली घटनाओं में वांछित था और उसकी तलाश लंबे समय से जारी थी।
जानकारी के अनुसार, डीवीसीएम रैंक का सक्रिय माओवादी मल्लेश कांकेर पुलिस और सीमा सुरक्षा बल के समक्ष उपस्थित हुआ और आत्मसमर्पण किया। बताया जा रहा है कि, वह लंबे समय से नक्सली संगठन में सक्रिय था।
कोई लीडन न होने के चलते नक्सल संगठन को मल्लेश के आत्मसमर्पण से एक बड़ा झटका लगा है। इससे यह साबित होता है कि अब नक्सली विचारधारा ने अपना प्रभाव खो दिया है और नक्सली मुख्यधारा में लौटकर सामान्य जीवन जीना चाहते हैं। इस तरह के आत्मसमर्पण नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण जीत को दर्शाते हैं।
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जानकारी के अनुसार, डीवीसीएम रैंक का सक्रिय माओवादी मल्लेश कांकेर पुलिस और सीमा सुरक्षा बल के समक्ष उपस्थित हुआ और आत्मसमर्पण किया। बताया जा रहा है कि, वह लंबे समय से नक्सली संगठन में सक्रिय था।
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कोई लीडन न होने के चलते नक्सल संगठन को मल्लेश के आत्मसमर्पण से एक बड़ा झटका लगा है। इससे यह साबित होता है कि अब नक्सली विचारधारा ने अपना प्रभाव खो दिया है और नक्सली मुख्यधारा में लौटकर सामान्य जीवन जीना चाहते हैं। इस तरह के आत्मसमर्पण नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण जीत को दर्शाते हैं।