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छत्तीसगढ़: कांकेर में सुरक्षाबलों को मिली बड़ी सफलता, महिला नक्सली कमांडर रूपी ढेर
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 13 Apr 2026 10:37 AM IST
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महिला नक्सली रूपी का फाइल फोटो
- फोटो : IANS
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कांकेर जिले के छोटेबेठिया-परतापुर थाना क्षेत्र के सीमावर्ती इलाके में स्थित माचपल्ली-आरामझोरा-हिडूर क्षेत्र के जंगलों में आज सुबह हुई मुठभेड़ में जवानों ने एक महिला नक्सली को मार गिराया। वहीं, इस घटना के बाद जवानों ने इलाके में सर्च अभियान भी शुरू कर दिया है।
मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक कांकेर निखिल राखेचा ने बताया कि जिला कांकेर के छोटेबेठिया-परतापुर थाना क्षेत्र के सीमावर्ती इलाके में स्थित माचपल्ली-आरामझोरा-हिडूर क्षेत्र के जंगलों में नक्सलियों की सूचना मिली। जिसके आधार पर पुलिस बल द्वारा एक सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। सर्च अभियान के दौरान पुलिस बल और नक्सलियों के बीच माचपल्ली इलाके में मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ के बाद सर्चिंग में सुरक्षा बलों द्वारा एक महिला नक्सली कैडर का शव बरामद किया गया।
मुठभेड़ में मारी गई नक्सली कैडर की पहचान महिला नक्सली कमांडर एसीएम रूपी के रूप में हुई है। नक्सली रूपी डीकेएसजेडसी सदस्य विजय रेड्डी की पत्नी थी। जिसकी वर्ष 2025 में जिला मानपुर-मोहला में एक मुठभेड़ के बाद शव बरामद किया गया था। रूपी बस्तर क्षेत्र में सक्रिय अंतिम तेलुगू नक्सली कैडर थी। मुठभेड़ स्थल की सर्चिंग के दौरान एक पिस्टल हथियार, गोला बारूद तथा अन्य सामग्री बरामद की गई है। आसपास के क्षेत्र में पुलिस बल तथा अन्य सुरक्षा बलों द्वारा सर्च ऑपरेशन जारी है।
आईजी बस्तर रेंज सुन्दरराज पट्टलिंगम ने कहा कि नक्सली कैडरों के सामने आत्मसमर्पण और पुनर्वास का अवसर देते हुए शासन की ओर से लगातार अपील की जाती रही है। जिसके प्रभाव से विगत महीनों में काफी बड़ी संख्या में नक्सली कैडरों ने पुनर्वास का मार्ग अपनाया है। किंतु रूपी जैसे कुछ कैडरों ने पुनर्वास के मार्ग को छोड़कर हिंसात्मक रास्ता अपनाया। जिसका परिणाम आज उनके अंत के रूप में सामने आया है।
आईजी बस्तर ने शेष बचे कुछ नक्सली कैडरों से अपील की कि उनके पास अब बहुत सीमित समय शेष है। वे सभी हिंसा के मार्ग को त्यागें और समाज की मुख्यधारा में लौटकर एक शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की शुरुआत करें।
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मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक कांकेर निखिल राखेचा ने बताया कि जिला कांकेर के छोटेबेठिया-परतापुर थाना क्षेत्र के सीमावर्ती इलाके में स्थित माचपल्ली-आरामझोरा-हिडूर क्षेत्र के जंगलों में नक्सलियों की सूचना मिली। जिसके आधार पर पुलिस बल द्वारा एक सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। सर्च अभियान के दौरान पुलिस बल और नक्सलियों के बीच माचपल्ली इलाके में मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ के बाद सर्चिंग में सुरक्षा बलों द्वारा एक महिला नक्सली कैडर का शव बरामद किया गया।
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मुठभेड़ में मारी गई नक्सली कैडर की पहचान महिला नक्सली कमांडर एसीएम रूपी के रूप में हुई है। नक्सली रूपी डीकेएसजेडसी सदस्य विजय रेड्डी की पत्नी थी। जिसकी वर्ष 2025 में जिला मानपुर-मोहला में एक मुठभेड़ के बाद शव बरामद किया गया था। रूपी बस्तर क्षेत्र में सक्रिय अंतिम तेलुगू नक्सली कैडर थी। मुठभेड़ स्थल की सर्चिंग के दौरान एक पिस्टल हथियार, गोला बारूद तथा अन्य सामग्री बरामद की गई है। आसपास के क्षेत्र में पुलिस बल तथा अन्य सुरक्षा बलों द्वारा सर्च ऑपरेशन जारी है।
आईजी बस्तर रेंज सुन्दरराज पट्टलिंगम ने कहा कि नक्सली कैडरों के सामने आत्मसमर्पण और पुनर्वास का अवसर देते हुए शासन की ओर से लगातार अपील की जाती रही है। जिसके प्रभाव से विगत महीनों में काफी बड़ी संख्या में नक्सली कैडरों ने पुनर्वास का मार्ग अपनाया है। किंतु रूपी जैसे कुछ कैडरों ने पुनर्वास के मार्ग को छोड़कर हिंसात्मक रास्ता अपनाया। जिसका परिणाम आज उनके अंत के रूप में सामने आया है।
आईजी बस्तर ने शेष बचे कुछ नक्सली कैडरों से अपील की कि उनके पास अब बहुत सीमित समय शेष है। वे सभी हिंसा के मार्ग को त्यागें और समाज की मुख्यधारा में लौटकर एक शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की शुरुआत करें।