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शाह की डेडलाइन से कुछ घंटों पहले सरेंडर: AK-47 के साथ थाने पहुंचे दो नक्सली; कुल सात नक्सलियों का समर्पण
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 31 Mar 2026 01:17 PM IST
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सार
देश के गृह मंत्री अमित शाह ने बीते सोमवार को संसद में नक्सल मुक्त भारत की घोषणा की। वहीं केंद्रीय गृह मंत्री की समय सीमा के अंतिम दिन 31 मार्च को कांकेर और दंतेवाड़ा में कुल सात नक्सलियों ने हथियार छोड़कर मुख्यधारा में वापसी की।
समर्पण करने आये नक्सली।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
केंद्रीय गृहमंत्री की समय सीमा के अंतिम दिन 31 मार्च को कांकेर जिले में दो नक्सलियों ने समर्पण किया। इसके अतिरिक्त, दंतेवाड़ा जिले में भी पांच नक्सलियों ने हथियार छोड़कर मुख्यधारा में वापसी की है। दंतेवाड़ा में पांच नक्सलियो ने 40 हथियार भी जमा करवाये हैं। यह घटनाक्रम बस्तर में नक्सल विरोधी अभियानों की सफलता को दर्शाता है।
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कांकेर पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने बताया कि पिछले सात दिनों में कुल 11 नक्सली कैडरों ने हिंसा का मार्ग त्यागने का निर्णय लिया था। इसी क्रम में 31 मार्च को पीपीसीएम शंकर और पीएम हिडमा डोडी ने भी मुख्यधारा में शामिल होने का फैसला किया।
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शासन की पुनर्वास नीति के तहत एक कैडर ने एके 47 के साथ आत्मसमर्पण किया है। समर्पण करने वाले नक्सलियों ने बताया कि इलाके में सक्रिय अन्य नक्सली कैडरों से भी चर्चा हुई है। वे भी मुख्यधारा में शामिल होने की बात कह रहे हैं, और उन्हें लाने के प्रयास जारी हैं। पुलिस प्रशासन इन प्रयासों को सफल बनाने के लिए लगातार काम कर रहा है। यह समर्पण अभियान क्षेत्र में शांति स्थापित करने में सहायक होगा।
पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुंदरराज पट्टलिंगम ने पिछले तीन दिनों में मुख्यधारा में शामिल होने के लिए आगे आए इन सभी 11 नक्सली कैडरों के निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने शेष बचे कुछ नक्सली कैडरों से एक बार फिर हिंसा त्यागकर मुख्यधारा में शामिल होने की अपील दोहराई। पुलिस महानिरीक्षक ने कहा कि नक्सली कैडरों के पास आत्मसमर्पण और पुनर्वास का विकल्प चुनने के लिए अब केवल कुछ ही घंटे शेष हैं। उन्हें इस अवसर का उपयोग करके अपने हिंसक अतीत को त्यागना चाहिए।
उन्हें सामान्य, शांतिपूर्ण और सम्मानजनक जीवन अपनाना चाहिए। 25 मार्च से 31 मार्च तक मुख्यधारा में शामिल होने वाले इन सभी 11 नक्सली कैडरों ने पुनर्वास का मार्ग चुना है। उनकी सामाजिक मुख्यधारा में पुनः एकीकरण की कार्रवाई पूरी प्रक्रिया होने के बाद आयोजित की जाएगी। दंतेवाड़ा में पांच नक्सलियों ने भी मुख्यधारा में शामिल होकर नक्सलियों की खोखली विचारधारा को त्याग दिया है। दो जिलों कांकेर और दंतेवाड़ा में कुल सात नक्सलियों ने सरेंडर किया।