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पश्चिम बंगाल: 10 काम जो सबसे पहले करना चाहेगी बंगाल की शुभेंदु सरकार, कुछ फैसलों से होगा देश पर असर

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सार

भाजपा के शीर्ष नेताओं में प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री शाह और यूपी के मुख्यमंत्री योगी के हर भाषण में घुसपैठ और भ्रष्टाचार मुख्य मुद्दा था।

10 things that the Shubhendu government of Bengal would like to do first
शुभेंदु अधिकारी बने पश्चिम बंगाल के सीएम - फोटो : ANI
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विस्तार

ममता बनर्जी अपनी पराजय के लिए भले ही एसआईआर को वजह बता रही हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर सत्ता विरोधी लहर थी। पराजय के बाद टीएमसी के नेता ही अब विफलताओं व कमियों को गिना रहे हैं। भाजपा भी इन विफलताओं व कमियों को भांपते हुए 10 कार्य जिन्हें प्राथमिकता के आधार पर जितना जल्द हो सके करना चाहेगी।

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भाजपा के शीर्ष नेताओं में प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री शाह और यूपी के मुख्यमंत्री योगी के हर भाषण में घुसपैठ और भ्रष्टाचार मुख्य मुद्दा था। ऐसे में घुसपैठियों को रोकने के लिये और भ्रष्टाचार मुक्त पारदर्शी सरकार देना पहली प्राथमिकता होगी। कानून व्यवस्था को भी मजबूत व विश्वसनीय बनाना प्राथमिकता होगी। प्राथमिकता के आधार पर 10 कार्यों पर एक नजर डालते हैं।
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01. बांग्लादेश से आने वाले घुसपैठियों पर रोक लगाना शुरू से ही भाजपा का एजेंडा रहा है। ऐसे में शुभेंदु सरकार पहला काम इसी मुद्दे पर करेगी। इसके लिए भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़बंदी मजबूत की जाएगी। घुसपैठियों को पहचान कर वापस भेजा जाएगा। बांग्लादेशी घुसपैठियों को शह देने वाले वालों पर सख्ती की जाएगी।

02. ममता बनर्जी के शासन में हुए भ्रष्टाचार, कट मनी, सिंडिकेट राज आदि को उजागर करने के लिए व्हाइट पेपर जारी किया जाएगा। भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेस के तहत भ्रष्ट नेताओं और अधिकारियों के खिलाफ जांच के आदेश दिए जाएंगे। साथ ही कट मनी संस्कृति को पूरी तरह खत्म किया जाएगा। 

03. राजनीतिक हिंसा को पूरी तरह समाप्त करना और पुलिस प्रशासन को दलीय राजनीति से मुक्त कर भयमुक्त व निष्पक्ष बनाना। राजनीतिक प्रतिशोध में मामलों पर रोक लगाना ताकि पुलिस प्रशासन पर आम जनता का विश्वास लौट सके।

04. संदेशखाली और आरजीकर सरीखा कांड भविष्य में न हो इसके लिए महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल बनाना और कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाना। लखी भंडार की जगह अन्नपूर्णा भंडार लागू करना। इस योजना के तहत हर महीने 1 से 5 तारीख के मध्य 3 हजार रुपये ट्रांसफर करेगी। साथ ही महिलाओं के लिए सरकारी नौकरियों में 33% आरक्षण भी दिया जाएगा। 

05. बेरोजगार युवाओं को 3 हजार रुपये का बेरोजगारी भत्ता देना। इसके साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए युवाओं को 15 हजार रुपये का फंड मिलेगा। वहीं भर्ती घोटालों से प्रभावित युवाओं को आयु सीमा में 5 साल की छूट दी जाएगी। युवाओं के लिए पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया शुरू करने और एक करोड़ नौकरियां देने के लक्ष्य पर भी काम होगा। 

06. औद्योगिकरण और रोजगार के लिए राज्य में बंद पड़े कल कारखानों को चालू कराना, नई इंडस्ट्री लाना और रोजगार के रास्ते खोलना प्राथमिकता होगी। सरकारी नौकरियों में रिक्त पदों को तेजी से भरना और पारदर्शिता लाना।

07. स्वास्थ्य सेवाओं का आधुनिकीकरण और सरकारी अस्पतालों में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और चिकित्सा सुविधाओं को दुरुस्त करना। राज्य सरकार के स्वास्थ्य साथी कार्ड पर विचार और आयुष्मान भारत कार्ड पर निर्णय लेना।

08. इन्फ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी के तहत ग्रामीण इलाकों में बेहतर सड़कें बनाना और मुख्य सड़कों से जोड़ना। पुरुलिया, मालदा, बालुरघाट जैसे हवाई अड्डों का परिचालन जितना जल्द हो सके सुनिश्चित करना। उत्तर बंगाल के विकास में रफ्तार लाना। खासकर, दार्जिलिंग हिल्स में गोरखा समुदाय की मांगों का स्थायी समाधान करना और उत्तर बंगाल में चार नए शहर विकसित करना।

09. डबल इंजिन सरकार आने के बाद किसानों को केंद्र का समर्थन दिलाना। कृषक बंधु योजना के अलावा पीएम-किसान सम्मान निधि जैसी केंद्रीय योजनाओं को पूर्ण रूप से लागू करना। जूट उद्योग को विशेष प्राथमिकता देना।

10. राज्य के सरकारी कर्मचारियों को लंबित 7वें वेतन आयोग का पूरा लाभ और भयमुक्त कामकाजी माहौल देना। भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में कहा था कि सत्ता संभालते ही 45 दिनों के अंदर राज्य में 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू किया जाएगा। इसके तहत कर्मचारियों पेंशनभोगियों की तनख्वाह बढ़ाई जाएगी और उन्हें  महंगाई भत्ते के बकाया का भुगतान किया जाएगा।

बहरहाल, प्राथमिकता के 10 कार्यों में शुभेंदु सरकार की नजर कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य, शिक्षा, विकास और औद्योगीकरण पर रहने की उम्मीद है। खजाना खाली है लेकिन डबल इंजिन सरकार बनने के बाद राज्य सरकार, केंद्र सरकार से उम्मीद तो कर ही सकती है।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw।co।in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।

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