Garfield Sobers: क्रिकेट जगत ने सर गैरी सोबर्स को नम आंखों से दी विदाई, गावस्कर से लेकर हरभजन-रहाणे क्या बोले?
दुनिया के महानतम ऑलराउंडरों में शुमार सर गारफील्ड सोबर्स के निधन से क्रिकेट जगत शोक में डूब गया है। भारत के महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने उन्हें क्रिकेट का "सबसे चमकदार हीरा" बताते हुए भावुक श्रद्धांजलि दी। बीसीसीआई, वेस्टइंडीज क्रिकेट, इंग्लैंड क्रिकेट समेत हरभजन सिंह, ईशांत शर्मा और अजिंक्य रहाणे ने भी सोबर्स को याद करते हुए कहा कि उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।
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क्रिकेट इतिहास के सबसे महान ऑलराउंडरों में गिने जाने वाले सर गारफील्ड 'गैरी' सोबर्स के निधन से पूरी क्रिकेट बिरादरी शोक में डूब गई है। वेस्टइंडीज के इस महान खिलाड़ी के निधन पर भारत के महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर, बीसीसीआई, वेस्टइंडीज क्रिकेट, इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड और कई वर्तमान और पूर्व खिलाड़ियों ने भावुक श्रद्धांजलि अर्पित की है। गावस्कर ने उन्हें ऐसा क्रिकेटर बताया, जिसकी बराबरी शायद कभी कोई नहीं कर पाएगा।
गावस्कर बोले- क्रिकेट ने अपना सबसे चमकदार हीरा खो दिया
भारत के पहले 10 हजार टेस्ट रन बनाने वाले बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा, 'बहुत भारी मन से मुझे यह खबर मिली कि महानतम क्रिकेटर सर गारफील्ड सोबर्स अब हमारे बीच नहीं रहे। क्रिकेट से प्यार करने वाले हर व्यक्ति के लिए सर गैरी सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं थे, बल्कि इस बात की सबसे बड़ी मिसाल थे कि एक क्रिकेटर कितना महान हो सकता है। आज हम ऑलराउंडरों की बात करते हैं, लेकिन सर गैरी पांच अलग-अलग भूमिकाओं में माहिर थे। वह सपने जैसी बल्लेबाजी करते थे, नई गेंद से तेज-मध्यम गेंदबाजी कर सकते थे, बाएं हाथ की स्पिन और रिस्ट स्पिन दोनों डालते थे और शॉर्ट लेग व स्लिप में चीते जैसी फील्डिंग करते थे। मैदान पर उनका अंदाज और व्यक्तित्व अद्भुत था।'
गावस्कर ने आगे कहा, 'जब भी भारत का मुकाबला वेस्टइंडीज से होता था, सर गैरी का मैदान पर होना ही रोमांच पैदा कर देता था। वह मैच आपसे दूर ले जा रहे होते थे, लेकिन फिर भी आप उनकी प्रतिभा की तारीफ किए बिना नहीं रह सकते थे। उनका 365 रन का रिकॉर्ड दशकों तक अटूट रहा और एक ओवर में छह छक्कों का कारनामा क्रिकेट की लोककथाओं का हिस्सा बन गया। मैदान के बाहर भी वह बेहद सज्जन, ज्ञान बांटने वाले और खेल की परंपराओं का सम्मान करने वाले इंसान थे।'
अंत में गावस्कर ने लिखा, 'आज क्रिकेट ने अपना सबसे चमकदार हीरा खो दिया है। स्टेडियम पहले से कुछ ज्यादा शांत हो गए हैं और यह खेल उनके बिना पहले से अधिक गरीब हो गया है। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार, दोस्तों और दुनिया भर के उन सभी क्रिकेट प्रेमियों के साथ हैं जो इस अपूरणीय क्षति का शोक मना रहे हैं। शांति से विश्राम करें सर गैरी, आपके जैसा दूसरा कभी नहीं होगा।'
16 साल की उम्र में शुरुआत, 365 रन और छह छक्कों से रचा इतिहास
बारबाडोस में जन्मे सोबर्स ने 1953 में केवल 16 वर्ष की उम्र में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया और अगले ही वर्ष वेस्टइंडीज की टेस्ट टीम में जगह बना ली। 1958 में पाकिस्तान के खिलाफ नाबाद 365 रन बनाकर उन्होंने टेस्ट क्रिकेट का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर बनाया, जिसे 1994 में ब्रायन लारा ने तोड़ा।
सोबर्स के नाम 1968 में प्रथम श्रेणी क्रिकेट के एक ओवर में लगातार छह छक्के लगाने का ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी दर्ज है। उन्होंने वेस्टइंडीज के लिए 93 टेस्ट मैचों में 8032 रन बनाए और 235 विकेट लिए। 5000 से अधिक टेस्ट रन बनाने वाले बल्लेबाजों में उनका औसत आज भी सर्वश्रेष्ठ में गिना जाता है।
बीसीसीआई से लेकर इंग्लैंड क्रिकेट तक ने जताया शोक
सोबर्स के निधन पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने उन्हें खेल का सच्चा महानायक बताते हुए श्रद्धांजलि दी। बीसीसीआई ने लिखा, 'बीसीसीआई सर गारफील्ड सोबर्स के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करता है। वह क्रिकेट इतिहास के महानतम ऑलराउंडरों में से एक थे। कैरेबियाई क्रिकेट पर उनका प्रभाव और विश्व क्रिकेट में उनका योगदान हमेशा आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। हमारी संवेदनाएं उनके परिवार, मित्रों और वैश्विक क्रिकेट समुदाय के साथ हैं।'
वेस्टइंडीज क्रिकेट ने लिखा कि 'एक महान पारी समाप्त हो गई, लेकिन सर गारफील्ड सोबर्स हमेशा हमारे दिलों में रहेंगे।' इंग्लैंड क्रिकेट ने उन्हें याद करते हुए कहा, 'वह इस खेल को खेलने वाले सबसे महान खिलाड़ियों में से एक थे। सर गारफील्ड सोबर्स हमेशा हमारे दिलों में रहेंगे।'
- पूर्व भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह ने लिखा, 'क्रिकेट जगत ने अपना सबसे चमकदार नगीना खो दिया है। सर गैरी सोबर्स सिर्फ एक दिग्गज नहीं थे, बल्कि महानता की परिभाषा थे। उनकी प्रतिभा और विनम्रता ने कई पीढ़ियों को प्रेरित किया। उनकी विरासत हमेशा क्रिकेट प्रेमियों के दिलों में जीवित रहेगी।'
- तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा ने उन्हें ऐसा महान खिलाड़ी बताया जिसकी विरासत दुनिया भर के क्रिकेटरों को प्रेरित करती रहेगी। वहीं अजिंक्य रहाणे ने कहा, 'सर गारफील्ड सोबर्स के निधन की खबर बेहद दुखद है। वह खेल के ऐसे महानायक थे, जिनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों और क्रिकेट प्रशंसकों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी।'
- सर गैरी सोबर्स का जाना सिर्फ वेस्टइंडीज या किसी एक देश का नुकसान नहीं, बल्कि पूरे क्रिकेट जगत के लिए ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई शायद कभी नहीं हो सकेगी। उनकी उपलब्धियां, खेल भावना और बहुमुखी प्रतिभा उन्हें हमेशा क्रिकेट इतिहास के सबसे महान खिलाड़ियों में शामिल रखेंगी।