Vaibhav Sooryavanshi: पूर्व कप्तान ने वैभव सूर्यवंशी की तारीफ में पढ़े कसीदे; सचिन से तुलना पर दिया बड़ा बयान
पूर्व भारतीय कप्तान कृष्णमाचारी श्रीकांत ने वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि सचिन तेंदुलकर से उनकी तुलना नहीं की जानी चाहिए और उन्हें भारतीय क्रिकेट का भविष्य बताया।
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भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और 1983 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य रहे कृष्णामाचारी श्रीकांत ने युवा बल्लेबाजी वैभव सूर्यवंशी की जमकर सराहना की है। उन्होंने प्रशंसकों और विशेषज्ञों से इस युवा खिलाड़ी के प्रदर्शन का जरूरत से ज्यादा विश्लेषण बंद करने का आग्रह किया है। श्रीकांत का मानना है कि यदि यह 15 वर्षीय खिलाड़ी अपनी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन करता है, तो वह सबसे लंबे प्रारूप यानी टेस्ट क्रिकेट को पुनर्जीवित कर सकता है।
आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के बाद वैभव सूर्यवंशी को पहली बार भारतीय टी20 टीम में जगह मिली है। उन्हें आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए चुना गया है, जिसमें आयरलैंड के खिलाफ दो और इंग्लैंड के खिलाफ पांच मुकाबले खेले जाएंगे। यह दौरा 26 जून से बेलफास्ट में शुरू होगा। श्रीकांत ने कहा कि वैभव में रन बनाने और विपक्षी गेंदबाजों पर हावी होने की जबरदस्त भूख है। उनके अनुसार, युवा बल्लेबाज में लंबे समय तक क्रीज पर टिककर खेलने की क्षमता भी मौजूद है।
उन्होंने कहा कि यदि वैभव टी20 से आगे बढ़कर वनडे और फिर टेस्ट क्रिकेट में सफल होते हैं, तो टेस्ट क्रिकेट को नई पहचान मिल सकती है। श्रीकांत का मानना है कि आज क्रिकेट को ऐसे खिलाड़ियों की जरूरत है, जिनके लिए लोग विशेष रूप से टीवी चालू करें। उन्होंने कहा कि वह खुद वैभव को देखने के लिए टीवी चालू करते हैं और युवा खिलाड़ी ने अपने आसपास एक अलग आभा बना ली है।
हाल ही में भारत ए टीम के श्रीलंका दौरे पर वैभव का प्रदर्शन साधारण रहा था। इस पर श्रीकांत ने कहा कि एक सीरीज के आधार पर किसी खिलाड़ी का आकलन नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने वैभव को सलाह देते हुए कहा कि लोगों की बातों की चिंता किए बिना अपने स्वाभाविक खेल पर ध्यान देना चाहिए। श्रीकांत ने कहा कि आईपीएल में वैभव का प्रदर्शन शानदार रहा और दूसरे ही सीजन में उन्होंने दुनिया के कई बड़े खिलाड़ियों को पीछे छोड़ते हुए पुरस्कार अपने नाम किए। पूर्व चयन समिति अध्यक्ष ने कहा कि वैभव के पास बेहतरीन शॉट खेलने की क्षमता, तेज नजर और शानदार रिफ्लेक्स हैं। उनके अनुसार, यह खिलाड़ी भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
भारतीय क्रिकेट का भविष्य हैं वैभव सूर्यवंशी
श्रीकांत ने कहा कि वैभव को पर्याप्त समय और प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह ऐसा खिलाड़ी है जो अकेले दम पर मैच जिता सकता है, इसलिए उसके साथ जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा बल्लेबाज को सही तरीके से तैयार करने की जरूरत है। अगर उसे पर्याप्त अवसर मिले और सही दिशा में मार्गदर्शन किया जाए तो वह भारतीय क्रिकेट के लिए असाधारण खिलाड़ी बन सकता है।
श्रीकांत ने भारतीय टीम के वरिष्ठ खिलाड़ियों के साथ वैभव को समय बिताने का मौका मिलने का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड सीरीज के दौरान यदि वह अंतिम एकादश में जगह नहीं बना पाते हैं तो भी टीम के साथ बने रहकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को समझ सकते हैं। उन्होंने कहा कि चाहे मुकाबला इंग्लैंड के खिलाफ हो या आयरलैंड के खिलाफ, वैभव को अपने स्वाभाविक खेल के साथ अवसर मिलने चाहिए और उन पर अतिरिक्त दबाव नहीं डाला जाना चाहिए।
सचिन और वैभव की तुलना पर क्या बोले श्रीकांत?
जब श्रीकांत से पूछा गया कि क्या उन्हें वैभव सूर्यवंशी में सचिन तेंदुलकर की झलक दिखाई देती है, तो उन्होंने दोनों खिलाड़ियों की तुलना करने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा "सचिन और सूर्यवंशी की तुलना नहीं करनी चाहिए। सचिन क्रिकेट के भगवान हैं और मेरी नजर में वैभव सूर्यवंशी भगवान के बेटे हैं। सचिन को अलग ही रहने दीजिए, उनके करीब कोई नहीं पहुंच सकता।"
वैभव की बल्लेबाजी की तारीफ करते हुए श्रीकांत ने कहा कि अंडर-19 क्रिकेट में उनका प्रदर्शन शानदार रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी शॉट खेलने की क्षमता, कलाई की गति, बल्ले की स्पीड और बल्लेबाजी शैली बेहद प्रभावशाली है। श्रीकांत ने यह भी कहा कि वैभव का मानसिक संतुलन काफी मजबूत दिखाई देता है। उन्होंने आईपीएल के एक मुकाबले का जिक्र करते हुए कहा कि कठिन परिस्थिति में भी युवा बल्लेबाज ने क्रीज पर टिककर रन बनाए थे।
विराट कोहली को मिलनी चाहिए थी शानदार विदाई
विराट कोहली को लेकर श्रीकांत ने कहा कि वह अलग स्तर के खिलाड़ी हैं। उनके अनुसार, कोहली का जुनून, आक्रामकता और प्रतिबद्धता उन्हें खास बनाती है। उन्होंने कहा कि टेस्ट क्रिकेट में विराट भारत के सर्वश्रेष्ठ कप्तानों में से एक रहे हैं। श्रीकांत ने कहा कि भारतीय क्रिकेट के लिए इतना योगदान देने वाले खिलाड़ी को टेस्ट क्रिकेट से शानदार विदाई मिलनी चाहिए थी। हालांकि ऐसा नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि विराट को अपने भविष्य का फैसला खुद करने देना चाहिए, जैसे सचिन तेंदुलकर ने किया था। श्रीकांत ने कोहली को "किंग ऑफ किंग्स" बताया।
रोहित शर्मा पर भी रखी अपनी राय
रोहित शर्मा को लेकर श्रीकांत ने कहा कि वह आधुनिक क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ वनडे बल्लेबाजों और सलामी बल्लेबाजों में से एक हैं। उन्होंने कहा कि यदि रोहित फिट रहते हैं और रन बनाते रहते हैं, तो उन्हें 2027 विश्व कप जरूर खेलना चाहिए।