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फाइनल मैच के दौरान होगा 37 साल पुराने विवाद का भी साया
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sun, 29 Mar 2015 08:05 AM IST
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वर्ल्ड कप फाइनल में जब ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की टीमें आमने-सामने होंगी तो 1981 का वो फाइनल सभी के जेहन में होगा जिससे दोनों टीमों के रिश्ते बिगड़ गए थे।
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मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच होने वाले रविवार को वर्ल्ड कप फाइनल में क्या होगा यह कोई नहीं जानता, लेकिन इन दोनों देशों के बीच प्रतिद्वंद्विता पुरानी है।
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जब भी इन पड़ोसी दोनों देशों के बीच मुकाबले का जिक्र होता है तो 1981 में एमसीजी पर दोनों देशों के बीच हुई वनडे भिड़ंत को आज भी याद किया जाता है।
1981 में एमसीजी पर दोनों देशों के बीच वनडे सीरीज का तीसरा फाइनल था और इस मैच का समापन काफी विवादित हुआ।
न्यूजीलैंड को अंतिम गेंद पर टाई के लिए 6 रन की दरकार थी लेकिन ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ग्रेग चैपल ने अपने छोटे भाई ट्रेवर को अंडरआर्म गेंदबाजी करने को कहा। ट्रेवर ने चैपल के कहेअनुसार अंडरआर्म गेंदबाजी की। उस समय न्यूजीलैंड के पुछल्ले बल्लेबाज ब्रायन मैकेंजी स्ट्राइक पर थे।
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ट्रेवर की इस गेंदबाजी पर ब्रायन काफी झल्ला गए और निराशा में अपना बैट फेंक दिया। ग्रेग चैपल के इस फैसले की काफी आलोचना हुई। न्यूजीलैंड के तत्कालीन प्रधानमंत्री रोबर्ट मुलडॉन ने इस गेंदबाजी को कायरतापूर्ण करार दिया था।
मैच के बाद ट्रेवर चैपल ने कहा था कि उन्होंने सोचा कि अंडरआर्म गेंदबाजी उस समय एक अच्छा आइडिया था। हालांकि यह खेल भावना के खिलाफ था।