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IND vs SL: जडेजा ने किस तरह टेस्ट क्रिकेट में गेंदबाजी में बदली अपनी शैली? चेतेश्वर पुजारा ने दिया ये जवाब
Tue, 04 Aug 2026 03:51 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Tue, 04 Aug 2026 03:51 PM IST
सार
भारतीय टीम के अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज से मैदान पर वापसी के लिए तैयार हैं। इससे पहले उनके साथ लंबे समय तक खेले चेतेश्वर पुजारा ने बताया है कि किस तरह जडेजा ने अपने शैली में बदलाव किया और वह लाल गेंद प्रारूप के ऐसे गेंदबाज बने जो विकेट की तलाश में रहता है।
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रवींद्र जडेजा
- फोटो : PTI
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विस्तार
पूर्व भारतीय बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा का मानना है कि रवींद्र जडेजा ने एक रक्षात्मक गेंदबाज से ऐसे गेंदबाज के रूप में ढलकर अपने खेल में बड़ा सुधार किया है, जो हाल के वर्षों में लगातार विकेट की तलाश में रहता है। जडेजा लाल गेंद के क्रिकेट में अपनी सटीकता के साथ-साथ अधिक आक्रामक दृष्टिकोण अपनाकर भारत के प्रमुख मैच विजेताओं में से एक हैं। विकेट लेने के अलावा उन्होंने बल्ले से भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिससे वे लाल गेंद क्रिकेट में दुनिया के बेहतरीन ऑलराउंडरों में शुमार हो गए हैं।
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पुजारा ने बताया कि तरह जडेजा ने शैली में किया बदलाव
श्रीलंका के खिलाफ 15 अगस्त से शुरू होने वाली भारत की टेस्ट सीरीज से पहले पुजारा ने कहा, पहले जब जडेजा गेंदबाजी करते थे, तो उनकी मानसिकता विशेषकर लाल गेंद के क्रिकेट में ज्यादा रन न देने की होती थी। यदि पिच से थोड़ी भी मदद मिलती थी, तब वे विकेट लेने की कोशिश करते थे। लेकिन यदि विकेट गेंदबाजों के अनुकूल नहीं होता था, तो उनका पूरा ध्यान रन रोकने पर होता था।
श्रीलंका के खिलाफ 15 अगस्त से शुरू होने वाली भारत की टेस्ट सीरीज से पहले पुजारा ने कहा, पहले जब जडेजा गेंदबाजी करते थे, तो उनकी मानसिकता विशेषकर लाल गेंद के क्रिकेट में ज्यादा रन न देने की होती थी। यदि पिच से थोड़ी भी मदद मिलती थी, तब वे विकेट लेने की कोशिश करते थे। लेकिन यदि विकेट गेंदबाजों के अनुकूल नहीं होता था, तो उनका पूरा ध्यान रन रोकने पर होता था।
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भारतीय जर्सी में वापसी लौटेंगे जडेजा
जडेजा के टेस्ट करियर में 89 मैचों में 25.12 के शानदार औसत से 348 विकेट दर्ज हैं। जडेजा पिछले कुछ समय से टीम से बाहर चल रहे थे, लेकिन वह श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज के जरिये मैदान पर वापसी करते नजर आएंगे। अनुभवी ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन के संन्यास के बाद जडेजा की इस बेहतर आक्रामक मानसिकता ने उन्हें टेस्ट क्रिकेट में बड़ी जिम्मेदारी उठाने में भी मदद की है।
जडेजा के टेस्ट करियर में 89 मैचों में 25.12 के शानदार औसत से 348 विकेट दर्ज हैं। जडेजा पिछले कुछ समय से टीम से बाहर चल रहे थे, लेकिन वह श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज के जरिये मैदान पर वापसी करते नजर आएंगे। अनुभवी ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन के संन्यास के बाद जडेजा की इस बेहतर आक्रामक मानसिकता ने उन्हें टेस्ट क्रिकेट में बड़ी जिम्मेदारी उठाने में भी मदद की है।
पुजारा ने आगे बताया कि अब उन्होंने अपनी ताकत को समझ लिया है और उसी के अनुसार गेंदबाजी कर रहे हैं। हर मैच में वे गेंद को स्टंप की सीध में रखकर बल्लेबाज को आउट करने का प्रयास करते हैं। पुजारा के मुताबिक, जडेजा में सबसे बड़ा सुधार उनकी मानसिकता में आया है, जहां यह अनुभवी खिलाड़ी केवल रन गति रोकने के बजाय हर गेंद पर बल्लेबाज को आउट करने की फिराक में रहता है। पुजारा ने जियोस्टार से कहा, जडेजा के इस आक्रामक रुख ने उन्हें एक गेंदबाज के रूप में सक्रिय रूप से सोचने और अपनी विविधताओं का अधिक प्रभावी ढंग से उपयोग करने में सक्षम बनाया है। पहले उनकी मानसिकता थोड़ी रक्षात्मक थी, लेकिन अब वे विकेट लेने के उद्देश्य से हर गेंद फेंकते हैं। इससे खिलाड़ी अपने खेल के बारे में थोड़ा अधिक सोचता है, क्रीज का बेहतर इस्तेमाल करता है। यह मानसिक बदलाव खेल के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।