IND 1st Inning
353/4 (90.3 ov)
Dhruv Jurel 14(17)*
Devdutt Padikkal 165 (227)
Day 2 - Session 2, India elected to bat
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Virat Kohli: गावस्कर ने कोहली का उदाहरण देकर युवा खिलाड़ियों को क्या दी सलाह? विराट की मानसिकता को जमकर सराहा
Mon, 19 Jan 2026 02:35 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Mon, 19 Jan 2026 02:35 PM IST
सार
भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर विराट कोहली के प्रदर्शन से काफी प्रभावित हैं। गावस्कर ने युवा खिलाड़ियों को कोहली की मानसिकता से सीखने की सलाह दी है।
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गावस्कर और कोहली
- फोटो : ANI/PTI
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विस्तार
भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली इस समय शानदार फॉर्म में चल रहे हैं और उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे वनडे में शतक लगातार इसका सबूत भी दिया है। कोहली की इस पारी को देखकर दिग्गज भारतीय बल्लेबाज सुनील गावस्कर भी काफी प्रभावित हुए और उन्होंने युवा खिलाड़ियों को कोहली से सीखने की सलाह दे डाली। कोहली की शतकीय पारी भी हालांकि, भारत को सीरीज बचाने में सफल नहीं रही और टीम ने 1-2 के अंतर से सीरीज गंवाई।
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कोहली ने खेली शतकीय पारी
गावस्कर ने कहा कि कोहली की तकनीक के बजाय उनकी मानसिकता ही उन्हें इस प्रारूप के सबसे सुसंगत बल्लेबाजों में से एक बनाती है। कोहली ने इंदौर में 108 गेंदों पर 124 रन बनाए, लेकिन भारतीय टीम 338 रनों के लक्ष्य का पीछा नहीं कर सकी और उसे 41 रन से हार का सामना करना पड़ा। कोहली के खेलने के तरीके का विश्लेषण करते हुए गावस्कर ने बताया कि यह स्टार बल्लेबाज इस बात से प्रभावित नहीं होता कि लोग उससे किस तरह खेलने की उम्मीद करते हैं।
गावस्कर ने कहा कि कोहली की तकनीक के बजाय उनकी मानसिकता ही उन्हें इस प्रारूप के सबसे सुसंगत बल्लेबाजों में से एक बनाती है। कोहली ने इंदौर में 108 गेंदों पर 124 रन बनाए, लेकिन भारतीय टीम 338 रनों के लक्ष्य का पीछा नहीं कर सकी और उसे 41 रन से हार का सामना करना पड़ा। कोहली के खेलने के तरीके का विश्लेषण करते हुए गावस्कर ने बताया कि यह स्टार बल्लेबाज इस बात से प्रभावित नहीं होता कि लोग उससे किस तरह खेलने की उम्मीद करते हैं।
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गावस्कर ने बताया क्यों भारत लक्ष्य का पीछे करने में असफल रहा
गावस्कर ने कहा, विराट कोहली को पूरा सहयोग नहीं मिलने के कारण भारत के लिए चीजें मुश्किल हो गई। कोहली को बहुत कम सहयोग मिला। इस सीरीज में भारत के लिए असली समस्या अच्छी शुरुआत न कर पाना रही है। कहा भी जाता है कि अच्छी शुरुआत का मतलब आधा काम हो गया। भारत की शुरुआत कभी अच्छी नहीं रही और यही उसकी हार के मुख्य कारणों में से एक है कि वह बड़े स्कोर का पीछा करने में सक्षम नहीं था।
गावस्कर ने कहा, जब आप केएल राहुल जैसे शानदार फॉर्म में चल रहे खिलाड़ी को खो देते हैं और आपके पास नीतीश कुमार रेड्डी हैं, जिन्होंने 53 रन की इस पारी से पहले अपनी क्षमता का सही प्रदर्शन नहीं किया था और फिर हर्षित राणा हैं, जिनसे आप कभी भी पूरी तरह से आश्वस्त नहीं हो सकते कि वह कैसा प्रदर्शन करेंगे तो लक्ष्य तक पहुंचना बड़ी चुनौती बन जाती है। भारत को ठीक इसी स्थिति का सामना करना पड़ा।
गावस्कर ने कहा, विराट कोहली को पूरा सहयोग नहीं मिलने के कारण भारत के लिए चीजें मुश्किल हो गई। कोहली को बहुत कम सहयोग मिला। इस सीरीज में भारत के लिए असली समस्या अच्छी शुरुआत न कर पाना रही है। कहा भी जाता है कि अच्छी शुरुआत का मतलब आधा काम हो गया। भारत की शुरुआत कभी अच्छी नहीं रही और यही उसकी हार के मुख्य कारणों में से एक है कि वह बड़े स्कोर का पीछा करने में सक्षम नहीं था।
गावस्कर ने कहा, जब आप केएल राहुल जैसे शानदार फॉर्म में चल रहे खिलाड़ी को खो देते हैं और आपके पास नीतीश कुमार रेड्डी हैं, जिन्होंने 53 रन की इस पारी से पहले अपनी क्षमता का सही प्रदर्शन नहीं किया था और फिर हर्षित राणा हैं, जिनसे आप कभी भी पूरी तरह से आश्वस्त नहीं हो सकते कि वह कैसा प्रदर्शन करेंगे तो लक्ष्य तक पहुंचना बड़ी चुनौती बन जाती है। भारत को ठीक इसी स्थिति का सामना करना पड़ा।
आखिरी तक प्रयास के लिए कोहली को सराहा
गावस्कर ने आखिर तक प्रयास करने के लिए कोहली की प्रशंसा की और दूसरों से उनकी मानसिकता और निरंतरता का अनुकरण करने को कहा। उन्होंने कहा, उनकी विशेषता यह है कि वे किसी छवि से बंधे नहीं हैं। कई बल्लेबाज और गेंदबाज यह सोचते हैं कि लोग उनके बारे में कैसा सोचते हैं और उन्हें लगता है कि उन्हें अपनी क्षमता पर खरा उतरना होगा। विराट ऐसे नहीं हैं। कोहली अपने काम के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं और वह काम है रन बनाना। कभी-कभी इसका मतलब होता है संभलकर खेलना और फिर खुलकर खेलना। कभी-कभी इसका मतलब जल्दी आक्रामक अंदाज अपनाना या फिर परिस्थितियों के अनुसार स्ट्राइक रोटेट करना होता है। कोहली इस बारे में नहीं सोचते कि उनसे किस तरह से खेलने की उम्मीद की जाती है।
गावस्कर ने आखिर तक प्रयास करने के लिए कोहली की प्रशंसा की और दूसरों से उनकी मानसिकता और निरंतरता का अनुकरण करने को कहा। उन्होंने कहा, उनकी विशेषता यह है कि वे किसी छवि से बंधे नहीं हैं। कई बल्लेबाज और गेंदबाज यह सोचते हैं कि लोग उनके बारे में कैसा सोचते हैं और उन्हें लगता है कि उन्हें अपनी क्षमता पर खरा उतरना होगा। विराट ऐसे नहीं हैं। कोहली अपने काम के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं और वह काम है रन बनाना। कभी-कभी इसका मतलब होता है संभलकर खेलना और फिर खुलकर खेलना। कभी-कभी इसका मतलब जल्दी आक्रामक अंदाज अपनाना या फिर परिस्थितियों के अनुसार स्ट्राइक रोटेट करना होता है। कोहली इस बारे में नहीं सोचते कि उनसे किस तरह से खेलने की उम्मीद की जाती है।
उन्होंने कहा, उनका स्वभाव ही सबसे अहम है। वह यह नहीं सोचते कि मुझसे छक्का मारने की उम्मीद की जाती है। वह परिस्थिति के अनुसार खेलते हैं। वह कभी हार नहीं मानते। उन्होंने आखिर तक प्रयास किया। युवाओं को उनसे यही सबक लेना चाहिए कि वे किसी तरह की छवि में बंधकर नहीं रहें और परिस्थिति के अनुसार खेलें। ऐसा करने पर आप अधिक सफल और निरंतर अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी बन जाओगे।