IND Inning
62/1 (10.2 ov)
Virat Kohli 15(13)*
Rohit Sharma 11 (19)
England elected to bowl
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एजबेस्टन वनडे में आचार संहिता उल्लंघन: किस मामले में आईसीसी ने दी गुरनूर बरार को चेतावनी? मिला एक डिमेरिट अंक
Thu, 16 Jul 2026 04:30 PM IST
मयंक त्रिपाठी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, बर्मिंघम
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, बर्मिंघम
Published by: मयंक त्रिपाठी
Updated Thu, 16 Jul 2026 04:30 PM IST
सार
इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे में आचार संहिता के लेवल-1 उल्लंघन का दोषी पाए जाने पर भारतीय तेज गेंदबाज गुरनूर बरार को आईसीसी ने आधिकारिक चेतावनी और एक डिमेरिट अंक दिया है। बरार ने अपनी गलती स्वीकार कर ली, जिसके बाद बिना औपचारिक सुनवाई के मामला निपटा दिया गया।
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गुरनूर बरार
- फोटो : IANS
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विस्तार
भारत के युवा तेज गेंदबाज गुरनूर बरार को इंग्लैंड के खिलाफ एजबेस्टन में खेले गए पहले वनडे के दौरान आईसीसी आचार संहिता के लेवल-1 उल्लंघन का दोषी पाए जाने पर आधिकारिक चेतावनी के साथ एक डिमेरिट अंक दिया गया है।आईसीसी की ओर से जारी बयान के अनुसार, यह घटना 14 जुलाई को इंग्लैंड की पारी के आठवें ओवर में हुई। फील्डिंग के दौरान बरार ने गेंद उठाकर बल्लेबाज की दिशा में अनुचित और संभावित रूप से खतरनाक तरीके से फेंक दी, जिसे आचार संहिता का उल्लंघन माना गया।
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किस नियम का हुआ उल्लंघन?
बरार को खिलाड़ियों और खिलाड़ी सहायता कर्मियों के लिए निर्धारित आईसीसी आचार संहिता के अनुच्छेद 2.9 के उल्लंघन का दोषी पाया गया। यह नियम अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान किसी खिलाड़ी पर या उसके पास अनुचित या खतरनाक तरीके से गेंद फेंकने से संबंधित है।
बरार को खिलाड़ियों और खिलाड़ी सहायता कर्मियों के लिए निर्धारित आईसीसी आचार संहिता के अनुच्छेद 2.9 के उल्लंघन का दोषी पाया गया। यह नियम अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान किसी खिलाड़ी पर या उसके पास अनुचित या खतरनाक तरीके से गेंद फेंकने से संबंधित है।
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बरार ने स्वीकार की गलती
आईसीसी ने बताया कि गुरनूर बरार ने अपनी गलती स्वीकार कर ली और एमिरेट्स आईसीसी एलीट पैनल के मैच रेफरी रिची रिचर्डसन द्वारा प्रस्तावित सजा को भी मान लिया। इसके चलते मामले में औपचारिक सुनवाई की आवश्यकता नहीं पड़ी। यह पिछले 24 महीनों में बरार का पहला आचार संहिता उल्लंघन है, जिसके चलते उनके अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक डिमेरिट अंक जोड़ा गया है।
आईसीसी ने बताया कि गुरनूर बरार ने अपनी गलती स्वीकार कर ली और एमिरेट्स आईसीसी एलीट पैनल के मैच रेफरी रिची रिचर्डसन द्वारा प्रस्तावित सजा को भी मान लिया। इसके चलते मामले में औपचारिक सुनवाई की आवश्यकता नहीं पड़ी। यह पिछले 24 महीनों में बरार का पहला आचार संहिता उल्लंघन है, जिसके चलते उनके अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक डिमेरिट अंक जोड़ा गया है।
अंपायरों ने लगाया आरोप
बरार के खिलाफ आरोप ऑन-फील्ड अंपायर कुमार धर्मसेना और माइक बर्न्स, तीसरे अंपायर सैम नोगज्स्की तथा चौथे अंपायर रसेल वॉरेन ने लगाए थे।
बरार के खिलाफ आरोप ऑन-फील्ड अंपायर कुमार धर्मसेना और माइक बर्न्स, तीसरे अंपायर सैम नोगज्स्की तथा चौथे अंपायर रसेल वॉरेन ने लगाए थे।
लेवल-1 उल्लंघन में क्या होती है सजा?
आईसीसी के नियमों के अनुसार, लेवल-1 उल्लंघन के मामलों में खिलाड़ी को आधिकारिक चेतावनी या फटकार, मैच फीस का अधिकतम 50 प्रतिशत तक जुर्माना, एक या दो डिमेरिट पॉइंट दिए जा सकते हैं।
डिमेरिट अंक का नियम
आईसीसी की अनुशासनात्मक व्यवस्था के तहत यदि कोई खिलाड़ी 24 महीनों के भीतर चार या उससे अधिक डिमेरिट अंक हासिल कर लेता है, तो उन्हें सस्पेंशन अंक में बदल दिया जाता है। दो सस्पेंशन अंक मिलने पर खिलाड़ी को एक टेस्ट या दो वनडे अथवा दो टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए निलंबित किया जा सकता है। डिमेरिट अंक खिलाड़ी के रिकॉर्ड में 24 महीने तक बने रहते हैं, जिसके बाद वे स्वतः समाप्त हो जाते हैं।
आईसीसी के नियमों के अनुसार, लेवल-1 उल्लंघन के मामलों में खिलाड़ी को आधिकारिक चेतावनी या फटकार, मैच फीस का अधिकतम 50 प्रतिशत तक जुर्माना, एक या दो डिमेरिट पॉइंट दिए जा सकते हैं।
डिमेरिट अंक का नियम
आईसीसी की अनुशासनात्मक व्यवस्था के तहत यदि कोई खिलाड़ी 24 महीनों के भीतर चार या उससे अधिक डिमेरिट अंक हासिल कर लेता है, तो उन्हें सस्पेंशन अंक में बदल दिया जाता है। दो सस्पेंशन अंक मिलने पर खिलाड़ी को एक टेस्ट या दो वनडे अथवा दो टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए निलंबित किया जा सकता है। डिमेरिट अंक खिलाड़ी के रिकॉर्ड में 24 महीने तक बने रहते हैं, जिसके बाद वे स्वतः समाप्त हो जाते हैं।