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IND vs ZIM: इंग्लैंड में नहीं चला बल्ला, जिम्बाब्वे के खिलाफ दम दिखाने के लिए तैयार वैभव; आत्मविश्वास बरकरार
Wed, 22 Jul 2026 12:56 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, हरारे
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, हरारे
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Wed, 22 Jul 2026 12:56 PM IST
सार
भारतीय टीम के युवा सनसनी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी अब जिम्बाब्वे दौरे पर चमक बिखेरने के लिए तैयार हैं। वैभव ने बताया कि उनके लिए पिछले चार-पांच महीने काफी उतार चढ़ाव भरे हैं।
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वैभव सूर्यवंशी
- फोटो : BCCI
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विस्तार
भारतीय बल्लेबाजी के उभरते युवा सितारे वैभव सूर्यवंशी ने स्वीकार किया है कि पिछले चार महीनों में उनके करियर में कई उतार-चढ़ाव आए हैं। हालांकि, जिम्बाब्वे के खिलाफ गुरुवार से शुरू हो रही टी20 सीरीज से पहले वैभव का आत्मविश्वास पूरी तरह से बरकरार है। भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज होनी है जिसका पहला मैच गुरुवार को हरारे में खेला जाएगा।
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शानदार प्रदर्शन के दम पर भारतीय टीम में बनाई जगह
15 वर्षीय सूर्यवंशी ने आईपीएल में अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर भारत के आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे की टी20 टीम में जगह बनाई थी। बेलफास्ट में आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की सीरीज में उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में दूसरे टी20 में उन्होंने अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया। इसके साथ ही वह सचिन तेंदुलकर के लंबे समय से चले आ रहे रिकॉर्ड को तोड़कर भारत के लिए डेब्यू करने वाले सबसे युवा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बन गए।
इसके बाद वैभव ने अगले तीन मैच खेले, लेकिन वह केवल मामूली स्कोर ही बना सके। पांचवें और अंतिम टी20 में संजू सैमसन की वापसी के बाद उन्हें प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया गया। भारत यह सीरीज 0-4 से हार गया। महज तीन पारियों के बाद युवा सलामी बल्लेबाज को बाहर करने के टीम प्रबंधन के फैसले पर कई पूर्व क्रिकेटरों ने सवाल उठाए और आलोचना की। अंतिम मैच से बाहर किए जाने के बाद यह युवा खिलाड़ी भावुक नजर आया था। कम उम्र में ऐसी निराशाओं का सामना करने पर सूर्यवंशी ने बताया कि आसपास के लोगों से मिले समर्थन ने उन्हें आगे बढ़ने और ध्यान केंद्रित करने में मदद की।
15 वर्षीय सूर्यवंशी ने आईपीएल में अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर भारत के आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे की टी20 टीम में जगह बनाई थी। बेलफास्ट में आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की सीरीज में उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में दूसरे टी20 में उन्होंने अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया। इसके साथ ही वह सचिन तेंदुलकर के लंबे समय से चले आ रहे रिकॉर्ड को तोड़कर भारत के लिए डेब्यू करने वाले सबसे युवा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बन गए।
इसके बाद वैभव ने अगले तीन मैच खेले, लेकिन वह केवल मामूली स्कोर ही बना सके। पांचवें और अंतिम टी20 में संजू सैमसन की वापसी के बाद उन्हें प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया गया। भारत यह सीरीज 0-4 से हार गया। महज तीन पारियों के बाद युवा सलामी बल्लेबाज को बाहर करने के टीम प्रबंधन के फैसले पर कई पूर्व क्रिकेटरों ने सवाल उठाए और आलोचना की। अंतिम मैच से बाहर किए जाने के बाद यह युवा खिलाड़ी भावुक नजर आया था। कम उम्र में ऐसी निराशाओं का सामना करने पर सूर्यवंशी ने बताया कि आसपास के लोगों से मिले समर्थन ने उन्हें आगे बढ़ने और ध्यान केंद्रित करने में मदद की।
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वैभव बोले- प्रक्रिया का पालन करना जरूरी
सूर्यवंशी ने बीसीसीआई डॉट टीवी से कहा, हां, पिछले चार महीनों में कई उतार-चढ़ाव आए हैं। यह क्रिकेट का हिस्सा है और ऐसा होता रहेगा। लेकिन मुझे प्रक्रिया का पालन करना है और टीम के लिए अपना 100 प्रतिशत देना है। यह एक स्वाभाविक बात है कि मुझे जिस मार्गदर्शन या अभ्यास की आवश्यकता है, कोच मुझे वह उपलब्ध करा रहे हैं। बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूं और आत्मविश्वास भी है।
फरवरी में भारत के सफल अंडर-19 विश्व कप अभियान में सूर्यवंशी की अहम भूमिका रही थी। इसी मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में उन्होंने महज 80 गेंदों में 175 रनों की तूफानी पारी खेलकर भारत को चैंपियन बनाया था। इस मैदान की यादों को साझा करते हुए उन्होंने कहा, यह मेरे लिए एक बहुत ही यादगार मैदान है। सिर्फ चार महीने पहले हमने यहां अंडर-19 विश्व कप का फाइनल खेला और जीता था। भारत का प्रतिनिधित्व करना हर किसी का सपना होता है और यह एक बहुत खास पल है। जिस मैदान पर हमने इतिहास रचा था, वहां वापस आकर खेलना एक अलग ही अहसास होगा।
वैभव ने कहा कि अंडर-19 विश्व कप के दौरान हरारे में दो मैच खेलने के कारण उन्हें पिच और परिस्थितियों का अच्छा अंदाजा है। यदि उन्हें जिम्बाब्वे के खिलाफ खेलने का अवसर मिलता है, तो वह अपने पिछले अनुभवों और सीख का इस्तेमाल करते हुए टीम के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने की कोशिश करेंगे।
सूर्यवंशी ने बीसीसीआई डॉट टीवी से कहा, हां, पिछले चार महीनों में कई उतार-चढ़ाव आए हैं। यह क्रिकेट का हिस्सा है और ऐसा होता रहेगा। लेकिन मुझे प्रक्रिया का पालन करना है और टीम के लिए अपना 100 प्रतिशत देना है। यह एक स्वाभाविक बात है कि मुझे जिस मार्गदर्शन या अभ्यास की आवश्यकता है, कोच मुझे वह उपलब्ध करा रहे हैं। बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूं और आत्मविश्वास भी है।
फरवरी में भारत के सफल अंडर-19 विश्व कप अभियान में सूर्यवंशी की अहम भूमिका रही थी। इसी मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में उन्होंने महज 80 गेंदों में 175 रनों की तूफानी पारी खेलकर भारत को चैंपियन बनाया था। इस मैदान की यादों को साझा करते हुए उन्होंने कहा, यह मेरे लिए एक बहुत ही यादगार मैदान है। सिर्फ चार महीने पहले हमने यहां अंडर-19 विश्व कप का फाइनल खेला और जीता था। भारत का प्रतिनिधित्व करना हर किसी का सपना होता है और यह एक बहुत खास पल है। जिस मैदान पर हमने इतिहास रचा था, वहां वापस आकर खेलना एक अलग ही अहसास होगा।
वैभव ने कहा कि अंडर-19 विश्व कप के दौरान हरारे में दो मैच खेलने के कारण उन्हें पिच और परिस्थितियों का अच्छा अंदाजा है। यदि उन्हें जिम्बाब्वे के खिलाफ खेलने का अवसर मिलता है, तो वह अपने पिछले अनुभवों और सीख का इस्तेमाल करते हुए टीम के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने की कोशिश करेंगे।