IPL 2022 Playoff Race: क्या प्लेऑफ में पहुंच पाएगी मुंबई और चेन्नई की टीम? जानें किसके पास कितने मौके और क्या हैं समीकरण
मुंबई इंडियंस आईपीएल 2022 में लगातार सात मैच हारकर शर्मनाक रिकॉर्ड अपने नाम कर चुकी है। पांच बार की चैंपियन मुंबई के लिए आईपीएल का 15वां सीजन बेहद निराशाजनक रहा है। रोहित शर्मा की अगुआई में टीम शुरू के सभी सात मैच हार चुकी है और उसे अभी भी पहली जीत की तलाश है। चेन्नई के खिलाफ गुरुवार को भी उसे जीते हुए मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा।
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मुंबई इंडियंस आईपीएल 2022 में लगातार सात मैच हारकर शर्मनाक रिकॉर्ड अपने नाम कर चुकी है। पांच बार की चैंपियन मुंबई के लिए आईपीएल का 15वां सीजन बेहद निराशाजनक रहा है। रोहित शर्मा की अगुआई में टीम शुरू के सभी सात मैच हार चुकी है और उसे अभी भी पहली जीत की तलाश है। चेन्नई के खिलाफ गुरुवार को भी उसे जीते हुए मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। मुंबई के अलावा चेन्नई की स्थिति भी अधिक ठीक नहीं है और उसे सात मैच में दो जीत ही नसीब है। आईपीएल इतिहास की दो सबसे सफल टीमें इस वक्त अंक तालिका में आखिरी दो पायदान पर काबिज हैं। ऐसे में मुंबई के लिए आगे की राह बेहद कठिन होने वाली है तो वहीं चेन्नई के लिए भी चीजें आसान नहीं होंगी। आइए जानते हैं दोनों के प्लेऑफ में पहुंचने के समीकरणों और स्थिति के बारे में...
मुंबई के लिए प्लेऑफ की राह मुश्किल
मु्ंबई की टीम लगातार सात मुकाबले हारकर प्लेऑफ की दौड़ से लगभग बाहर हो गई है। उसके अब नॉकआउट स्टेज में पहुंचने की उम्मीद ना के बराबर है। अगर वे अपने बाकी के सात मैच जीत भी जाते हैं तो भी उन्हें इसका अधिकर फायदा नहीं होगा। उन्हें प्लेऑफ की रेस में पहुंचने के लिए सबसे पहले सभी मैच जीतने होंगे और वह भी बड़े अंतर से क्योंकि उनका रनरेट इस वक्त निगेटिव में है।
मु्ंबई अगर बाकी के सातों मैच जीत जाती है तो क्या होगा?
मुंबई की टीम अगर अपने बाकी के सभी मुकाबले बड़े अंतर से जीत भी जाती है तो भी उसे दूसरे टीमों के प्रदर्शन के भरोसे रहना होगा। सभी मैच जीतने की स्थिति में मुंबई के 14 अंक हो जाएंगे, लेकिन इस सीजन में 10 टीमें होने की वजह से यह प्लेऑफ के लिए काफी नहीं होगा। हालांकि वह अपनी जीत से बाकी टीमों की उम्मीदों को झटका दे सकती है।
चेन्नई के लिए भी नॉकआउट स्टेज में पहुंचने की राह कठिन
चार बार की चैंपियन चेन्नई ने अभी तक सात में दो मुकाबले जीते हैं और चार अंकों के साथ नौवें स्थान पर है। उसका रनरेट भी मुंबई की तरह ही निगेटिव में है। ऐसे में उसे बाकी के सात मैचों में कम से कम छह मुकाबले जीतने होंगे और वह भी बड़े अंतर से। टीम को अंकों के साथ-साथ अपना रन रेट भी सुधारना होगा।
चेन्नई के सभी मैच जीतने की स्थिति में क्या होगा समीकरण
रवींद्र जडेजा की कप्तानी वाली सीएसके अगर अपने बाकी के सभी सातों मैच जीत जाती है तो उस स्थिति में उसके 18 अंक हो जाएंगे और तब प्लेऑफ के लिए उसकी राह आसान हो सकती है। हालांकि, मौजूदा स्थिति और बाकी की टीमों के प्रदर्शन को देखते हुए चेन्नई के लिए जीत बेहद कठिन होगी। 10 टीमों के साथ खेली जा रही लीग में प्लेऑफ के लिए काफी संघर्ष देखने को मिलेगा क्योंकि अभी टूर्नामेंट में काफी मुकाबले खेले जाने हैं।