{"_id":"695691721131b39cb1071b1b","slug":"jason-gillespie-revealed-why-he-quit-as-pakistan-test-team-coach-after-just-eight-months-2026-01-01","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Jason Gillespie: 'मुझे अपमानित किया गया', जेसन गिलेस्पी का खुलासा; बताया किस कारण पाकिस्तान का कोच पद छोड़ा","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"क्रिकेट न्यूज़","slug":"cricket-news"}}
Jason Gillespie: 'मुझे अपमानित किया गया', जेसन गिलेस्पी का खुलासा; बताया किस कारण पाकिस्तान का कोच पद छोड़ा
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Thu, 01 Jan 2026 08:53 PM IST
विज्ञापन
सार
पाकिस्तान टेस्ट टीम के पूर्व जेसन गिलेस्पी ने इस बारे में खुलकर बात की है कि उन्होंने किन कारणों के चलते महज आठ महीने में अपना पद छोड़ दिया था।
जेसन गिलेस्पी
- फोटो : @TheRealPCB
विज्ञापन
विस्तार
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व खिलाड़ी और पाकिस्तान के पूर्व मुख्य कोच जेसन गिलेस्पी ने खुलासा करते हुए बताया है कि उन्होंने किस कारण पाकिस्तान की पुरुष टेस्ट टीम का कोच पद छोड़ा था। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज को अप्रैल 2024 में मुख्य कोच नियुक्त किया गया था, लेकिन दक्षिण अफ्रीका में पाकिस्तान की टेस्ट सीरीज के बाद उन्होंने महज आठ महीने बाद ही इस्तीफा दे दिया था। गिलेस्पी ने कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने कई ऐसे फैसले लिए जिनसे उन्हें अपमानित महसूस हुआ।
Trending Videos
गिलेस्पी ने फैंस के साथ किया संवाद
गिलेस्पी ने एक्स पर फैंस के साथ सवाल-जवाब के रूप में संवाद किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि पीसीबी ने सहायक कोच टिम नीलसन को बर्खास्त करने से पहले उनसे कोई संवाद नहीं किया, जिसे उन्होंने अस्वीकार्य कदम बताया। एक प्रशंसक ने गिलेस्पी से पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) के बारे में उनकी राय पूछी, जिस पर उन्होंने जवाब दिया, 'यह एक शानदार प्रतियोगिता है।' फिर एक अन्य प्रशंसक ने सवाल किया कि अगर उन्हें पीएसएल पसंद है तो उन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट क्यों छोड़ दिया? गिलेस्पी ने पाकिस्तान क्रिकेट के साथ अपने समय के अनुभवों के बारे में खुलकर बात की।
गिलेस्पी ने एक्स पर फैंस के साथ सवाल-जवाब के रूप में संवाद किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि पीसीबी ने सहायक कोच टिम नीलसन को बर्खास्त करने से पहले उनसे कोई संवाद नहीं किया, जिसे उन्होंने अस्वीकार्य कदम बताया। एक प्रशंसक ने गिलेस्पी से पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) के बारे में उनकी राय पूछी, जिस पर उन्होंने जवाब दिया, 'यह एक शानदार प्रतियोगिता है।' फिर एक अन्य प्रशंसक ने सवाल किया कि अगर उन्हें पीएसएल पसंद है तो उन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट क्यों छोड़ दिया? गिलेस्पी ने पाकिस्तान क्रिकेट के साथ अपने समय के अनुभवों के बारे में खुलकर बात की।
विज्ञापन
विज्ञापन
गिलेस्पी ने लिखा, मैं पाकिस्तान टेस्ट टीम का कोच था। पीसीबी ने बिना मुझसे कोई बातचीत किए हमारे सीनियर असिस्टेंट कोच को बर्खास्त कर दिया। मुख्य कोच के तौर पर मुझे यह स्थिति बिल्कुल अस्वीकार्य लगी। इसके अलावा भी कई अन्य मुद्दे थे जिनसे मुझे बेहद अपमानित महसूस हुआ।
गिलेस्पी की कप्तानी में पाकिस्तान का प्रदर्शन
गिलेस्पी को पाकिस्तान टीम में सुधार लाने का जिम्मा सौंपा गया था जो लाल गेंद के क्रिकेट में निरंतरता के लिए संघर्ष कर रही थी। उनके कार्यकाल की शुरुआत मुश्किल भरी रही क्योंकि सितंबर में घरेलू टेस्ट सीरीज में बांग्लादेश से पाकिस्तान को 0-2 से हार का सामना करना पड़ा। इस निराशाजनक परिणाम ने बल्लेबाजी और टीम के समग्र सामंजस्य में लगातार बनी हुई समस्याओं को उजागर किया। हालांकि, साल के अंत में टीम के प्रदर्शन में सुधार हुआ जब अक्तूबर में गिलेस्पी की देखरेख में इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू मैदान पर 2-1 से यादगार सीरीज जीत हासिल हुई। मैदान पर मिले-जुले परिणामों के बावजू, गिलेस्पी और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के बीच संबंध लगातार तनावपूर्ण होते गए, खासकर चयन अधिकार और कोचिंग स्टाफ के फैसलों को लेकर जिसके चलते अंततः उन्होंने पद छोड़ने का फैसला किया।
गिलेस्पी को पाकिस्तान टीम में सुधार लाने का जिम्मा सौंपा गया था जो लाल गेंद के क्रिकेट में निरंतरता के लिए संघर्ष कर रही थी। उनके कार्यकाल की शुरुआत मुश्किल भरी रही क्योंकि सितंबर में घरेलू टेस्ट सीरीज में बांग्लादेश से पाकिस्तान को 0-2 से हार का सामना करना पड़ा। इस निराशाजनक परिणाम ने बल्लेबाजी और टीम के समग्र सामंजस्य में लगातार बनी हुई समस्याओं को उजागर किया। हालांकि, साल के अंत में टीम के प्रदर्शन में सुधार हुआ जब अक्तूबर में गिलेस्पी की देखरेख में इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू मैदान पर 2-1 से यादगार सीरीज जीत हासिल हुई। मैदान पर मिले-जुले परिणामों के बावजू, गिलेस्पी और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के बीच संबंध लगातार तनावपूर्ण होते गए, खासकर चयन अधिकार और कोचिंग स्टाफ के फैसलों को लेकर जिसके चलते अंततः उन्होंने पद छोड़ने का फैसला किया।