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Usman Khawaja: उस्मान ख्वाजा ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का एलान किया, एशेज में सिडनी टेस्ट होगा आखिरी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, सिडनी
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Fri, 02 Jan 2026 09:31 AM IST
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सार
उस्मान ख्वाजा ने सिडनी में खेले जाने वाले पांचवें एशेज टेस्ट के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी है। 15 साल के उतार-चढ़ाव भरे करियर में उन्होंने न सिर्फ रन बनाए, बल्कि सामाजिक स्तर पर भी अहम भूमिका निभाई। एससीजी में उनका आखिरी टेस्ट एक भावुक और ऐतिहासिक विदाई बनने जा रहा है।
उस्मान ख्वाजा
- फोटो : ANI
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विस्तार
87 टेस्ट, 6206 रन, 43.39 औसत, 16 शतक...यही उस्मान ख्वाजा का टेस्ट करियर है, और अब इस शानदार सफर का आखिरी पड़ाव सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (SCG) पर आने वाला है। ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज बाएं हाथ के बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा ने पुष्टि कर दी है कि इंग्लैंड के खिलाफ सिडनी में खेला जाने वाला पांचवां एशेज टेस्ट उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का 88वां टेस्ट होगा और उनका अंतिम अंतरराष्ट्रीय मुकाबला होगा।
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सिडनी में भावुक एलान
शुक्रवार सुबह एससीजी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उस्मान ख्वाजा ने अपने संन्यास की घोषणा की। इस दौरान उनके माता-पिता, पत्नी रेचल और दोनों बच्चे भी मौजूद थे। ख्वाजा ने बताया कि उन्होंने यह फैसला अपने साथियों को ट्रेनिंग से ठीक पहले ही बताया था। ख्वाजा ने कहा, 'मैंने जैसे ही टीम को बताया, मैं खुद को संभाल नहीं पाया। मुझे नहीं लगा था कि मैं रोऊंगा, लेकिन आंसू निकल आए। इससे पता चलता है कि यह सफर मेरे लिए कितना मायने रखता है।'
शुक्रवार सुबह एससीजी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उस्मान ख्वाजा ने अपने संन्यास की घोषणा की। इस दौरान उनके माता-पिता, पत्नी रेचल और दोनों बच्चे भी मौजूद थे। ख्वाजा ने बताया कि उन्होंने यह फैसला अपने साथियों को ट्रेनिंग से ठीक पहले ही बताया था। ख्वाजा ने कहा, 'मैंने जैसे ही टीम को बताया, मैं खुद को संभाल नहीं पाया। मुझे नहीं लगा था कि मैं रोऊंगा, लेकिन आंसू निकल आए। इससे पता चलता है कि यह सफर मेरे लिए कितना मायने रखता है।'
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उस्मान ख्वाजा
- फोटो : @cricketcomau
15 साल का उतार-चढ़ाव भरा सफर
उस्मान ख्वाजा का अंतरराष्ट्रीय करियर 15 साल लंबा रहा, लेकिन यह सफर आसान नहीं था। 2011 में टेस्ट डेब्यू करने वाले ख्वाजा को कई बार टीम से बाहर किया गया। उन्हें ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट इतिहास के सबसे ज्यादा ड्रॉप किए गए खिलाड़ियों में गिना जाता है। उन्होंने खुद कहा, 'मेरा सफर बाकी खिलाड़ियों से अलग रहा। बहुत भावनाएं थीं, जो आज बाहर आईं।'
उस्मान ख्वाजा का अंतरराष्ट्रीय करियर 15 साल लंबा रहा, लेकिन यह सफर आसान नहीं था। 2011 में टेस्ट डेब्यू करने वाले ख्वाजा को कई बार टीम से बाहर किया गया। उन्हें ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट इतिहास के सबसे ज्यादा ड्रॉप किए गए खिलाड़ियों में गिना जाता है। उन्होंने खुद कहा, 'मेरा सफर बाकी खिलाड़ियों से अलग रहा। बहुत भावनाएं थीं, जो आज बाहर आईं।'
लंबे फॉर्मेट में अपने करियर का अंत वह ऑस्ट्रेलिया के उन चुनिंदा 18 बल्लेबाजों में शामिल होकर कर रहे हैं, जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 15 से अधिक शतक लगाए हैं। उनके नाम फिलहाल 16 टेस्ट शतक दर्ज हैं। इसके अलावा, वह सीमित ओवरों के क्रिकेट में भी 49 मैच खेल चुके हैं और उनके नाम दो वनडे शतक हैं।
पाकिस्तान से सिडनी तक की कहानी
इस्लामाबाद में जन्मे उस्मान ख्वाजा बचपन में अपने परिवार के साथ ऑस्ट्रेलिया आ गए थे। सिडनी में बड़े हुए ख्वाजा ने एससीजी में मैच देखते हुए क्रिकेट के सपने देखे और बाद में यहीं अपना फर्स्ट क्लास और टेस्ट डेब्यू किया। एक भावुक पल में उन्होंने कहा, 'मैं पाकिस्तान से आने वाला एक गर्वित कलर्ड (Coloured) मुस्लिम लड़का हूं, जिसे कहा गया था कि वह कभी ऑस्ट्रेलिया के लिए नहीं खेलेगा और आज मैं यहां हूं।'
24 वर्ष की उम्र में टेस्ट डेब्यू करने वाले उस्मान ख्वाजा ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के एक उथल-पुथल भरे दौर में उम्मीद की किरण बनकर उभरे थे। 2010-11 एशेज सीरीज के आखिरी, औपचारिक मुकाबले में उन्होंने चोटिल रिकी पोंटिंग की जगह नंबर-तीन पर बल्लेबाजी करते हुए 37 और 21 रन बनाए थे। उसी पारी से उनके करियर की शुरुआत हुई, लेकिन आगे का सफर आसान नहीं रहा।
इस्लामाबाद में जन्मे उस्मान ख्वाजा बचपन में अपने परिवार के साथ ऑस्ट्रेलिया आ गए थे। सिडनी में बड़े हुए ख्वाजा ने एससीजी में मैच देखते हुए क्रिकेट के सपने देखे और बाद में यहीं अपना फर्स्ट क्लास और टेस्ट डेब्यू किया। एक भावुक पल में उन्होंने कहा, 'मैं पाकिस्तान से आने वाला एक गर्वित कलर्ड (Coloured) मुस्लिम लड़का हूं, जिसे कहा गया था कि वह कभी ऑस्ट्रेलिया के लिए नहीं खेलेगा और आज मैं यहां हूं।'
24 वर्ष की उम्र में टेस्ट डेब्यू करने वाले उस्मान ख्वाजा ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के एक उथल-पुथल भरे दौर में उम्मीद की किरण बनकर उभरे थे। 2010-11 एशेज सीरीज के आखिरी, औपचारिक मुकाबले में उन्होंने चोटिल रिकी पोंटिंग की जगह नंबर-तीन पर बल्लेबाजी करते हुए 37 और 21 रन बनाए थे। उसी पारी से उनके करियर की शुरुआत हुई, लेकिन आगे का सफर आसान नहीं रहा।
उस्मान ख्वाजा
- फोटो : usman_khawajy
मैदान के बाहर भी मजबूत आवाज
ख्वाजा न सिर्फ रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे, बल्कि मैदान के बाहर भी उन्होंने गहरी छाप छोड़ी। ऑस्ट्रेलिया के पहले मुस्लिम टेस्ट क्रिकेटर के रूप में उन्होंने नस्लवाद के खिलाफ खुलकर आवाज उठाई और दक्षिण एशियाई मूल के खिलाड़ियों के लिए बेहतर अवसरों की वकालत की।
ख्वाजा न सिर्फ रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे, बल्कि मैदान के बाहर भी उन्होंने गहरी छाप छोड़ी। ऑस्ट्रेलिया के पहले मुस्लिम टेस्ट क्रिकेटर के रूप में उन्होंने नस्लवाद के खिलाफ खुलकर आवाज उठाई और दक्षिण एशियाई मूल के खिलाड़ियों के लिए बेहतर अवसरों की वकालत की।
बार-बार बाहर, फिर शानदार वापसी
2011 से 2015 के बीच ख्वाजा सिर्फ आठ टेस्ट ही खेल पाए। श्रीलंका, भारत, बांग्लादेश और एशेज दौरों में उन्हें बार-बार टीम से बाहर किया गया। एक समय उनका टेस्ट औसत गिरकर 25 के आसपास पहुंच गया, लेकिन 2015-16 घरेलू सीजन में चार शतक लगाकर उन्होंने दमदार वापसी की। 2018 में पाकिस्तान के खिलाफ दुबई टेस्ट में 141 रनों की नौ घंटे लंबी पारी ने उन्हें फिर साबित कर दिया।
2011 से 2015 के बीच ख्वाजा सिर्फ आठ टेस्ट ही खेल पाए। श्रीलंका, भारत, बांग्लादेश और एशेज दौरों में उन्हें बार-बार टीम से बाहर किया गया। एक समय उनका टेस्ट औसत गिरकर 25 के आसपास पहुंच गया, लेकिन 2015-16 घरेलू सीजन में चार शतक लगाकर उन्होंने दमदार वापसी की। 2018 में पाकिस्तान के खिलाफ दुबई टेस्ट में 141 रनों की नौ घंटे लंबी पारी ने उन्हें फिर साबित कर दिया।
सैंडपेपर विवाद के बाद जिम्मेदारी
सैंडपेपर कांड के बाद दुबई में पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए पहले टेस्ट में ख्वाजा ने सीनियर बल्लेबाज की भूमिका निभाई। उनकी 85 और 141 रनों की पारियां ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के लिए संजीवनी साबित हुईं।
सैंडपेपर कांड के बाद दुबई में पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए पहले टेस्ट में ख्वाजा ने सीनियर बल्लेबाज की भूमिका निभाई। उनकी 85 और 141 रनों की पारियां ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के लिए संजीवनी साबित हुईं।
उस्मान ख्वाजा
- फोटो : PTI
एशेज में सुनहरा दौर
2021-22 एशेज में एससीजी पर लगाए गए दो शतकों ने उनके करियर को नई दिशा दी। डेविड वॉर्नर के साथ ओपनिंग करते हुए वह ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी की रीढ़ बन गए। 2023 एशेज में एजबेस्टन में 141 और 65 रनों की मैराथन पारियां उनके करियर की सबसे यादगार उपलब्धियों में गिनी जाती हैं। सिडनी में वापसी से लेकर संन्यास की घोषणा तक के पिछले चार वर्षों में किसी भी ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ने टेस्ट क्रिकेट में उनसे ज्यादा रन नहीं बनाए हैं।
2021-22 एशेज में एससीजी पर लगाए गए दो शतकों ने उनके करियर को नई दिशा दी। डेविड वॉर्नर के साथ ओपनिंग करते हुए वह ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी की रीढ़ बन गए। 2023 एशेज में एजबेस्टन में 141 और 65 रनों की मैराथन पारियां उनके करियर की सबसे यादगार उपलब्धियों में गिनी जाती हैं। सिडनी में वापसी से लेकर संन्यास की घोषणा तक के पिछले चार वर्षों में किसी भी ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ने टेस्ट क्रिकेट में उनसे ज्यादा रन नहीं बनाए हैं।
आखिरी चमक और विदाई
हाल के 18 महीनों में रन कम हुए, लेकिन फरवरी में गॉल में श्रीलंका के खिलाफ 232 रनों की पारी उनके करियर की सर्वश्रेष्ठ रही। इस एशेज सीरीज में भी चोट के बावजूद उन्होंने अहम योगदान देकर ऑस्ट्रेलिया को ट्रॉफी जिताने में भूमिका निभाई। अपने संन्यास को लेकर ख्वाजा ने कहा, 'मैं बस यही चाहता हूं कि लोग मुझे एक विनम्र क्रिकेटर के तौर पर याद रखें, जो मैदान पर गया, लोगों का मनोरंजन किया और जिसे देखना दर्शकों को अच्छा लगा।'
पांचवें टेस्ट के लिए ऑस्ट्रेलिया टीम: स्टीव स्मिथ (कप्तान), स्कॉट बोलैंड, एलेक्स कैरी, ब्रेंडन डॉगेट, कैमरन ग्रीन, ट्रैविस हेड, जोश इंग्लिस, उस्मान ख्वाजा, मार्नस लाबुशेन, टॉड मर्फी, माइकल नेसर, झाय रिचर्डसन, मिचेल स्टार्क, जेक वेदराल्ड, ब्यू वेबस्टर।
पांचवें टेस्ट के लिए इंग्लैंड टीम: बेन स्टोक्स (कप्तान), हैरी ब्रूक (उपकप्तान), शोएब बशीर, जैकब बेथेल, ब्राइडन कार्स, जैक क्राउली, बेन डकेट, मैथ्यू फिशर, विल जैक्स, ओली पोप, मैथ्यू पॉट्स, जो रूट, जेमी स्मिथ (विकेटकीपर), जोश टंग।
हाल के 18 महीनों में रन कम हुए, लेकिन फरवरी में गॉल में श्रीलंका के खिलाफ 232 रनों की पारी उनके करियर की सर्वश्रेष्ठ रही। इस एशेज सीरीज में भी चोट के बावजूद उन्होंने अहम योगदान देकर ऑस्ट्रेलिया को ट्रॉफी जिताने में भूमिका निभाई। अपने संन्यास को लेकर ख्वाजा ने कहा, 'मैं बस यही चाहता हूं कि लोग मुझे एक विनम्र क्रिकेटर के तौर पर याद रखें, जो मैदान पर गया, लोगों का मनोरंजन किया और जिसे देखना दर्शकों को अच्छा लगा।'
एशेज 2025/26 के नतीजे (अब तक)
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पहला टेस्ट: ऑस्ट्रेलिया ने आठ विकेट से जीत दर्ज की
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दूसरा टेस्ट: ऑस्ट्रेलिया ने आठ विकेट से जीत दर्ज की
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तीसरा टेस्ट: ऑस्ट्रेलिया ने 82 रन से जीत हासिल की
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चौथा टेस्ट: इंग्लैंड ने चार विकेट से जीत दर्ज की
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पांचवां टेस्ट: 4-8 जनवरी, एससीजी, सिडनी
पांचवें टेस्ट के लिए ऑस्ट्रेलिया टीम: स्टीव स्मिथ (कप्तान), स्कॉट बोलैंड, एलेक्स कैरी, ब्रेंडन डॉगेट, कैमरन ग्रीन, ट्रैविस हेड, जोश इंग्लिस, उस्मान ख्वाजा, मार्नस लाबुशेन, टॉड मर्फी, माइकल नेसर, झाय रिचर्डसन, मिचेल स्टार्क, जेक वेदराल्ड, ब्यू वेबस्टर।
पांचवें टेस्ट के लिए इंग्लैंड टीम: बेन स्टोक्स (कप्तान), हैरी ब्रूक (उपकप्तान), शोएब बशीर, जैकब बेथेल, ब्राइडन कार्स, जैक क्राउली, बेन डकेट, मैथ्यू फिशर, विल जैक्स, ओली पोप, मैथ्यू पॉट्स, जो रूट, जेमी स्मिथ (विकेटकीपर), जोश टंग।