चौथे टी-20 में भारत की जीत में भले ही सूर्य चमके, लेकिन शार्दुल ठाकुर मुकाबले के अनसंग हीरो रहे। भारत जब एक वक्त मैच से बाहर था, तब उन्होंने लगातार दो गेंद में दो विकेट चटकाए। फिर सांस थाम देने वाले आखिरी ओवर में भी नब्ज पर कंट्रोल रखा और अपनी टीम की जीत सुनिश्चित की।
आखिरी ओवर का रोमांच: बेहद दबाव में थे शार्दुल ठाकुर, हीरो से बन सकते थे विलेन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी का निमंत्रण मिलने पर 8 विकेट पर 185 रन बनाए, जोकि इस सीरीज का भारतीय टीम का श्रेष्ठ स्कोर रहा। इंग्लैंड की टीम जेसन रॉय (40) और बेन स्टोक्स (46) की पारियों के बावजूद अंतिम ओवरों में रोमांच के बीच 8 विकेट पर 177 रन ही बना पाई। पांच मैचों की सीरीज 2-2 से बराबरी पर आ गई है।
अगर भारतीय टीम यह मैच हार जाती तो सीरीज उसके हाथ से निकल जाती। शार्दुल ने 42 रन देकर तीन विकेट लिए। हार्दिक पांड्या और राहुल चाहर के खाते में 35 रन देकर दो विकेट आए। लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड 14 ओवर में तीन विकेट पर 118 रन बना चुका था। अंतिम छह ओवर में उसे 68 रन चाहिए थे। चाहर ने 15वें ओवर में बेयरस्टो (25) को आउट कर विकेट पर स्टोक्स के साथ उनकी 65 रन की साझेदारी को तोड़ा।
शार्दुल ने दिया दोहरा झटका
'पालघर एक्सप्रेस' ठाकुर ने 17वें ओवर में स्टोक्स को कैच कराकर भारत को बड़ी राहत दी। अगली ही गेंद पर उन्होंने विरोधी इयोन मॉर्गन (04) को आउट कर इंग्लैंड को दोहरा झटका दिया। यह ओवर टर्निंग प्वाइंट रहा, जिसमें सात रन गए और दो विकेट मिले। सैम करन (03) को पांड्या ने बोल्ड कर दिया।
अंतिम ओवर का रोमांच
अंतिम ओवर में इंग्लैंड को 23 रन की जरूरत थी। पहली गेंद पर एक रन गया। दूसरी गेंद पर चौका और तीसरा गेंद पर छक्का लगा। अगली दो गेंदें ठाकुर ने वाइड फेंकी। अब तीन गेंदों पर दस रन चाहिए थे। चौथी गेंद पर आर्चर ने एक रन लिया। पांचवीं गेंद पर जॉर्डन (12) ने लॉन्ग ऑफ पर कैच दे दिया। अंतिम गेंद पर रन नहीं बना।