अंतिम पारी में भी रिकॉर्ड बनाकर टेस्ट को अलविदा कह गए मैकुलम
न्यूजीलैंड के कप्तान और विस्फोटक बल्लेबाज ब्रैंडन मैकुलम ने आज टेस्ट करियर की अंतिम पारी खेल ली और मैच के तीसरे दिन उन्होंने अपनी अंतिम पारी में भी एक वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया।
क्राइस्टचर्च में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच के तीसरे दिन मैकुलम टीम की दूसरी पारी खेलने उतरे और 25 रन बनाकर आउट हो गए। अंतिम पारी में आठवीं गेंद पर अपना खाता खोलने के बाद उन्होंने लय हासिल कर लिया पर छोटी सी पारी ही खेल सके। लेकिन उनकी छोटी और हमेशा की तरह तेजतर्रार पारी ऑस्ट्रेलिया को दूसरे टेस्ट में पकड़ मजबूत करने से नहीं रोक सकी और टीम पर बड़ी हार का संकट बना हुआ है।
क्राइस्टचर्च में आए भूकंप की पांचवीं बरसी न्यूजीलैंड के खिलाड़ियों और स्टेडियम में मौजूद दर्शकों के लिए जज्बाती मौका बन गया था। ऐसे में कप्तान मैकुलम का 101वें टेस्ट में अलविदा कहना उन्हें और भावुक कर गया।
खेल के तीसरे दिन मेजबान टीम का स्कोर चार विकेट पर 121 रन था उसे पारी की हार से बचने के लिए 14 रनों की और जरूरत थी। केन विलियम्सन 45 रन पर और कोरी एंडरसन नौ रन बनाकर खेल रहे थे। ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी में 505 रन बनाकर 135 रनों की बढ़त ली थी।
अंतिम पारी में भी मैकुलम के बल्ले से निकला रिकॉर्ड
अपने अंतिम टेस्ट की दूसरी पारी में कप्तान ब्रैंडन मैकुलम जब मैदान पर उतरे तब न्यूजीलैंड ने 72 रनों पर तीन विकेट गंवा दिए थे और संकट में दिख रहा था। उन्होंने पहली पारी में मैकुलम ने महज 54 गेंदों पर टेस्ट क्रिकेट का सबसे तेज शतक लगाने का रिकॉर्ड बनाया था।
तीसरे दिन दूसरी पारी में उन्होंने जैश हेजलवुड पर छक्का जड़ा जो उनका रिकॉर्ड 107वां छक्का भी था लेकिन अगली गेंद पर फिर ऐसा करने के प्रयास में वह डेविड वार्नर के हाथों लपके गए। उन्होंने 27 गेंदों में 25 रन बनाए। छक्कों का यह रिकॉर्ड अभी लंबे समय के लिए कायम रहने वाला है क्योंकि बाकी बल्लेबाज उनके इस मुकाम से काफी पीछे चल रहे हैं।
टीम पर जिस तरह से हार का संकट दिख रहा है उससे मैकुलम को भले ही जीत के साथ विदाई ना मिले लेकिन उन्होंने कुछ रिकॉर्ड इस मैच से भी बना लिए। सबसे तेज टेस्ट शतक के साथ ही वह पहले ऐसे कप्तान बने जिन्होंने अपने अंतिम टेस्ट में शतक लगाया है।
टेस्ट बल्लेबाजी के अंतिम दिन 25 रनों की पारी के साथ ही उन्होंने अपने अंतिम (101 टेस्ट) मैच में कुल 170 रन बना लिए जो बतौर कप्तान किसी भी बल्लेबाज का अपने अंतिम मैच में सबसे ज्यादा रन बनाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड है। साथ ही अपने अंतिम मैच में सबसे ज्यादा 170 रन बनाकर टेस्ट करियर को अलविदा कहने वाले वह न्यूजीलैंड के पहले बल्लेबाज बन गए हैं।