फाइनल से पहले ऑस्ट्रेलिया को झटका, क्लार्क लेंगे संन्यास
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वर्ल्ड कप में खेलने हर खिलाड़ी का सपना होता है और वह चाहता है कि अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर अपनी टीम को वर्ल्ड चैंपियन तक बना दे लेकिन सैकड़ों खिलाड़ियों से महज 11-15 खिलाड़ी ही किस्मत वाले होते हैं जो अपनी टीम को अंत तक ले जाते हैं और चैंपियन का तमगा हासिल करते हैं।
इस बार खिताबी जंग 2 मेजबान टीमों ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच रविवार को खेला जाना है। दोनों टीमें इस महामुकाबले की तैयारियों में जुटी हैं। लेकिन यह फाइनल अब ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए बेहद खास होने वाला है क्योंकि उसके कप्तान माइकल क्लार्क ने ऐलान कर दिया है कि वह खिताबी मुकाबले के बाद वनडे क्रिकेट से संन्यास ले लेंगे। अब टीम उन्हें उनकी शानदार विदाई वर्ल्ड कप के साथ देना चाहेगी।
हर बार की तरह इस बार भी वर्ल्ड कप कई बड़े सितारों के क्रिकेट करियर का अंतिम पड़ाव बना। वर्ल्ड कप शुरू होने से पहले कई बड़ी टीमों के खिलाड़ियों जैसे पाकिस्तान के कप्तान मिस्बाह-उल-हक, अनुभवी बल्लेबाज यूनुस खान और शाहिद अफरीदी के अलावा श्रीलंका के महान बल्लेबाजों कुमार संगकारा और महेला जयवर्धने ने भी वनडे से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया था। लेकिन ये टीम खिताब के साथ अपने सुपर स्टार खिलाड़ियों को विदाई नहीं दे सका। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या कंगारू खिलाड़ी अपने कप्तान को खिताबी विदाई दे पाने में कामयाब होंगे।
जीत के साथ क्लार्क को विदाई देने का ऑस्ट्रेलिया पर दबाव
मेलबर्न में रविवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ वर्ल्ड कप फाइनल की पूर्वसंध्या पर ऑस्ट्रेलियाई कप्तान माइकल क्लार्क ने ऐलान कर दिया कि फाइनल मैच उनके वनडे करियर का अंतिम मैच होगा। इससे पहले पिछले वर्ल्ड कप में रिकी पोंटिंग ने वर्ल्ड कप में भारत के हाथों क्वार्टर फाइनल में मिली हार के बाद वनडे क्रिकेट से संन्यास ले लिया था।
2003 में अपने वनडे करियर की शुरुआत करने वाले 33 साल के क्लार्क ने मेलबर्न में प्रेस कांफ्रेंस में संन्यास की बात बताई। उनके संन्यास के साथ ही यह तय हो गया है कि ऑस्ट्रेलिया को अगले वर्ल्ड कप के लिए एक नए कप्तान को तैयार करना होगा। हालांकि इस रेस में स्टीवन स्मिथ का नाम सबसे आगे चल रहा है और वह अभी काफी युवा भी हैं। उन्होंने कहा, "कल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेरा अंतिम वनडे होगा। मैं सभी का बहुत ही शुक्रगुजार हूं। मुझे पता चला कि कल का मैच मेरे वनडे करियर का 245वां वनडे होगा जो मेरे करियर का अंतिम वनडे होगा। मेरे लिए देश का नेतृत्व करना एक सम्मान और गौरव की बात रही है। मैं सभी खिलाड़ियों का शुक्रिया अदा करता हूं, मुझे उनके साथ खेलने में काफी आनंद आया और मुझे इसके अलावा और कोई उम्मीद नहीं थी।"
वनडे से संन्यास लेने के बाद क्लार्क टेस्ट क्रिकेट खेलते रहेंगे। उन्होंने अब तक वनडे में 244 मैचों में 44.42 की औसत से 7907 रन बनाए हैं जिसमें 8 शतक और 57 अर्धशतक भी शामिल है। उन्होंने 73 मैचों में देश की अगुवाई की जिसमें टीम को 49 मैचों में जीत मिली। बल्लेबाज क्लार्क लंबे समय से चोट से परेशान रहे हैं और टीम से लगातार अंदर-बाहर भी होते रहे जिससे उनका प्रदर्शन भी गिरा।