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Sir Don Bradman: टेनिस रैकेट छोड़ थामा बल्ला, कैसे बने क्रिकेट के 'डॉन'? 25वीं पुण्यतिथि पर ब्रैडमैन की कहानी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Mayank Tripathi
Updated Wed, 25 Feb 2026 03:29 PM IST
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सार
सर डॉन ब्रैडमैन ने आज ही के दिन 2001 में दुनिया को अलविदा कहा था। उनकी 25वीं पुण्यतिथि पर आइये जानते हैं, कैसे वह महान क्रिकेटर बने।
सर डॉन ब्रैडमैन
- फोटो : ANI/ICC
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विस्तार
सर डॉन ब्रैडमैन... क्रिकेट की दुनिया का वो नाम, जिनके आगे रिकॉर्ड्स कम पड़ जाते हैं। 22 गज की पिच पर ब्रैडमैन ने वो सब कुछ हासिल किया, जिसका एक बल्लेबाज सपना देखता है। शतक और दोहरा शतक लगाना मानो ब्रैडमैन के बाएं हाथ का खेल हो। ब्रैडमैन का टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाजी औसत 99.94 का रहा।
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टेनिस से शुरू हुई दीवानगी, क्रिकेट पर रुकी
बचपन में डॉन ब्रैडमैन टेनिस के दीवाने थे। वह इस खेल में काफी अच्छा कर रहे थे। हालांकि, 10 साल की उम्र में ब्रैडमैन के पिता उन्हें पहली बार सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर लेकर गए, और इसके बाद तो मानो ब्रैडमैन को क्रिकेट के खेल से मोहब्बत सी हो गई। डॉन ब्रैडमैन ने बचपन से ही अपनी बल्लेबाजी पर काम करना शुरू कर दिया था। महज 20 साल की उम्र में उन्होंने 5 दिसंबर 1928 को इंग्लैंड के खिलाफ इंटरनेशनल क्रिकेट में अपना डेब्यू किया। करियर के पहले मैच में ब्रैडमैन कुछ खास कमाल नहीं दिखा सके और पहली पारी में 18 और दूसरी में महज एक रन बनाकर आउट हो गए। हालांकि, विश्व क्रिकेट को शायद इसकी भनक भी नहीं थी कि यह तूफान से पहले की शांति है।
बचपन में डॉन ब्रैडमैन टेनिस के दीवाने थे। वह इस खेल में काफी अच्छा कर रहे थे। हालांकि, 10 साल की उम्र में ब्रैडमैन के पिता उन्हें पहली बार सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर लेकर गए, और इसके बाद तो मानो ब्रैडमैन को क्रिकेट के खेल से मोहब्बत सी हो गई। डॉन ब्रैडमैन ने बचपन से ही अपनी बल्लेबाजी पर काम करना शुरू कर दिया था। महज 20 साल की उम्र में उन्होंने 5 दिसंबर 1928 को इंग्लैंड के खिलाफ इंटरनेशनल क्रिकेट में अपना डेब्यू किया। करियर के पहले मैच में ब्रैडमैन कुछ खास कमाल नहीं दिखा सके और पहली पारी में 18 और दूसरी में महज एक रन बनाकर आउट हो गए। हालांकि, विश्व क्रिकेट को शायद इसकी भनक भी नहीं थी कि यह तूफान से पहले की शांति है।
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आज भी कायम है यह रिकॉर्ड
1930 में इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई एशेज सीरीज में ब्रैडमैन ने अपनी काबिलियत का नमूना विश्व क्रिकेट के सामने पेश किया। इस सीरीज में खेली 7 पारियों में ब्रैडमैन ने कुल मिलाकर 974 रन बनाए। ब्रैडमैन का यह रिकॉर्ड आज तक कोई भी बल्लेबाज नहीं तोड़ सका है। 52 टेस्ट मैचों के अपने करियर में ब्रैडमैन ने 99.94 की औसत से खेलते हुए 6,996 रन बनाए। इस दौरान ऑस्ट्रेलिया के महानतम बल्लेबाज ने 29 शतक और 13 अर्धशतक जमाए। ब्रैडमैन ने अपने करियर में कुल 12 दोहरा शतक लगाए, जो एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है।
1930 में इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई एशेज सीरीज में ब्रैडमैन ने अपनी काबिलियत का नमूना विश्व क्रिकेट के सामने पेश किया। इस सीरीज में खेली 7 पारियों में ब्रैडमैन ने कुल मिलाकर 974 रन बनाए। ब्रैडमैन का यह रिकॉर्ड आज तक कोई भी बल्लेबाज नहीं तोड़ सका है। 52 टेस्ट मैचों के अपने करियर में ब्रैडमैन ने 99.94 की औसत से खेलते हुए 6,996 रन बनाए। इस दौरान ऑस्ट्रेलिया के महानतम बल्लेबाज ने 29 शतक और 13 अर्धशतक जमाए। ब्रैडमैन ने अपने करियर में कुल 12 दोहरा शतक लगाए, जो एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है।
2001 में दुनिया को कहा अलविदा
सर ब्रैडमैन अपने करियर में एक बार फिर स्टंप नहीं हुए। टेस्ट क्रिकेट में एक टीम के खिलाफ सर्वाधिक शतक लगाने का रिकॉर्ड भी ब्रैडमैन के नाम दर्ज है। उन्होंने अपने करियर के दौरान इंग्लैंड के खिलाफ कुल 19 शतक लगाए। दुनिया के बड़े से बड़े गेंदबाज डॉन ब्रैडमैन को आउट करने के लिए तरसते थे। साल 1932-33 में खेली गई बॉडीलाइन सीरीज में सिर्फ ब्रैडमैन को रन बनाने से रोकने के लिए इंग्लैंड के गेंदबाजों ने उनके शरीर को निशाना बनाया था। हालांकि, इसके बावजूद ब्रैडमैन इस सीरीज में 56 की औसत से रन बनाने में सफल रहे थे। हालांकि, इंग्लैंड सीरीज को 4-1 से अपने नाम करने में सफल रही थी। 27 अगस्त 1908 को ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स में जन्मे डॉन ब्रैडमैन 92 साल की उम्र में 25 फरवरी 2001 को दुनिया को अलविदा कह गए।
सर ब्रैडमैन अपने करियर में एक बार फिर स्टंप नहीं हुए। टेस्ट क्रिकेट में एक टीम के खिलाफ सर्वाधिक शतक लगाने का रिकॉर्ड भी ब्रैडमैन के नाम दर्ज है। उन्होंने अपने करियर के दौरान इंग्लैंड के खिलाफ कुल 19 शतक लगाए। दुनिया के बड़े से बड़े गेंदबाज डॉन ब्रैडमैन को आउट करने के लिए तरसते थे। साल 1932-33 में खेली गई बॉडीलाइन सीरीज में सिर्फ ब्रैडमैन को रन बनाने से रोकने के लिए इंग्लैंड के गेंदबाजों ने उनके शरीर को निशाना बनाया था। हालांकि, इसके बावजूद ब्रैडमैन इस सीरीज में 56 की औसत से रन बनाने में सफल रहे थे। हालांकि, इंग्लैंड सीरीज को 4-1 से अपने नाम करने में सफल रही थी। 27 अगस्त 1908 को ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स में जन्मे डॉन ब्रैडमैन 92 साल की उम्र में 25 फरवरी 2001 को दुनिया को अलविदा कह गए।