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Supreme Court: शीर्ष अदालत खेल निकायों के प्रबंधन पर नाखुश, क्रिकेट संघ में पूर्व खिलाड़ियों को लेने पर जोर
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Tue, 03 Feb 2026 10:37 PM IST
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सार
सुप्रीम कोर्ट ने खेल प्रबंधन में पूर्व खिलाड़ियों की जगह गैर पेशेवर लोगों की नियुक्ति पर तीखी टिप्पणी की है। शीर्ष अदालत इस बात से नाखुश है कि खेल निकायों में खेल की जानकारी रखने वालों के बजाए गैर पेशेवर लोगों को लिया जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : ANI
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने खेल संस्थानों में गैर पेशेवर पूर्व खिलाड़ियों को स्थान नहीं मिलने पर उसके प्रबंधन को लेकर गहरी नाखुशी जताई है। शीर्ष अदालत ने कहा कि क्रिकेट संघों में पूर्व क्रिकेटरों को ही रखा जाना चाहिए न कि उन्हें, जिन्हें बल्ला भी ठीक से पकड़ना नहीं आता। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ ने बॉम्बे हाईकोर्ट के उस आदेश में दखल देने से इनकार कर दिया, जिसमें महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन (एमसीए) के चुनावों पर रोक लगा दी गई थी।
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एमसीए की सदस्यता में बढोतरी पर सवाल उठाए
ये चुनाव छह जनवरी को होने वाले थे। हाईकोर्ट ने भाई भाई-भतीजावाद और पक्षपात के आरोपों के कारण यह रोक लगाई गई थी। पीठ ने हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ एमसीए की याचिका सहित कई अन्य याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। सुनवाई के दौरान, सीजेआई ने महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन की सदस्यता में अचानक हुई बढ़ोतरी पर सवाल उठाया। रिकॉर्ड की ओर इशारा करते हुए सीजेआई ने कहा कि 1986 और 2023 के बीच एसोसिएशन के 164 सदस्य थे, लेकिन उसके तुरंत बाद नए सदस्यों की संख्या में भारी वृद्धि हुई।
ये चुनाव छह जनवरी को होने वाले थे। हाईकोर्ट ने भाई भाई-भतीजावाद और पक्षपात के आरोपों के कारण यह रोक लगाई गई थी। पीठ ने हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ एमसीए की याचिका सहित कई अन्य याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। सुनवाई के दौरान, सीजेआई ने महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन की सदस्यता में अचानक हुई बढ़ोतरी पर सवाल उठाया। रिकॉर्ड की ओर इशारा करते हुए सीजेआई ने कहा कि 1986 और 2023 के बीच एसोसिएशन के 164 सदस्य थे, लेकिन उसके तुरंत बाद नए सदस्यों की संख्या में भारी वृद्धि हुई।
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एमसीए और एनसीपी (शरद पवार) के विधायक रोहित पवार सहित अन्य याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि एक सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता वाली समिति ने इस प्रक्रिया को देखा था, जिसमें 48 सदस्यों को खारिज कर दिया गया था और दूसरों को शामिल किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चैरिटी कमिश्नर ने कैबिनेट से सलाह किए बिना एक प्रशासक नियुक्त किया गया था। सीजेआई सूर्यकांत ने इस बात पर बल दिया कि अगर एसोसिएशन अपनी सदस्यता 300 तक बढ़ाना चाहती है, तो वे सीटें मशहूर, पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के लिए आरक्षित होनी चाहिए थीं। सीजेआई ने कहा, यह एक ऐसा देश है, जहां बेहतरीन क्रिकेटर हैं, जो रिटायर हो चुके हैं और अपने क्षेत्र में बेहतरीन थे। लेकिन आप किसे ला रहे हैं? जिन्हें खेल के बारे में कुछ पता नहीं है... जिन्हें बल्ला पकड़ना भी नहीं आता। जो कुछ हो रहा है, उस पर हमें अपनी भावनाएं खुलकर व्यक्त करने पर मजबूर न करें।
खेल संघ खिलाड़ियों से हैं, न कि प्रशासकों की वजह से
सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि खेल संघ एथलीटों की वजह से हैं, न कि प्रशासकों के कारण। उन्होंने कहा, क्रिकेट (अधिकारियों) की वजह से नहीं क्रिकेटरों की वजह से है। हॉकी एसोसिएशन हॉकी खिलाड़ियों की वजह से जाना जाता है। कम से कम इतना सम्मान तो उन्हें दिया जाना चाहिए।
सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि खेल संघ एथलीटों की वजह से हैं, न कि प्रशासकों के कारण। उन्होंने कहा, क्रिकेट (अधिकारियों) की वजह से नहीं क्रिकेटरों की वजह से है। हॉकी एसोसिएशन हॉकी खिलाड़ियों की वजह से जाना जाता है। कम से कम इतना सम्मान तो उन्हें दिया जाना चाहिए।
केदार जाधव ने हाईकोर्ट का रुख किया था
यह कानूनी लड़ाई पूर्व भारतीय क्रिकेटर और भाजपा नेता केदार जाधव ने शुरू की थी। उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि कि लगभग 401 सदस्यों को अचानक जोड़कर मतदाता सूची में धांधली की जा रही है। याचिका के अनुसार, नए शामिल किए गए कई लोग एनसीपी (शरद पवार) विधायक रोहित पवार के रिश्तेदार या बिजनेस पार्टनर हैं। पीठ ने याचिकाकर्ताओं को अपनी याचिकाएं वापस लेने की अनुमति दी और उन्हें सभी दलीलें बॉम्बे हाईकोर्ट के सामने रखने का निर्देश दिया। पीठ ने हाईकोर्ट को दलीलों पर विचार करने और मामले का जल्द फैसला करने को कहा। हाईकोर्ट इस पर बुधवार को सुनवाई करेगा।
यह कानूनी लड़ाई पूर्व भारतीय क्रिकेटर और भाजपा नेता केदार जाधव ने शुरू की थी। उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि कि लगभग 401 सदस्यों को अचानक जोड़कर मतदाता सूची में धांधली की जा रही है। याचिका के अनुसार, नए शामिल किए गए कई लोग एनसीपी (शरद पवार) विधायक रोहित पवार के रिश्तेदार या बिजनेस पार्टनर हैं। पीठ ने याचिकाकर्ताओं को अपनी याचिकाएं वापस लेने की अनुमति दी और उन्हें सभी दलीलें बॉम्बे हाईकोर्ट के सामने रखने का निर्देश दिया। पीठ ने हाईकोर्ट को दलीलों पर विचार करने और मामले का जल्द फैसला करने को कहा। हाईकोर्ट इस पर बुधवार को सुनवाई करेगा।
