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भारत का बढ़ा सिरदर्द: किस तरह वैभव की प्लेइंग-11 में बन सकती है जगह? टीम प्रबंधन को लेने होंगे कड़े फैसले
Mon, 29 Jun 2026 04:37 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Mon, 29 Jun 2026 04:37 PM IST
सार
आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में मिली हार के बाद भारतीय टीम प्रबंधन का सिरदर्द बढ़ गया है। एक सवाल जो सभी क्रिकेट प्रशंसकों के मन में उठ रहे हैं कि वह यह कि किस तरह वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग-11 में शामिल किया जाए। टीम चयन जितना आसान लग रहा है, उतना ही कठिन है, लेकिन वैभव को एकादश में जगह मिलना असंभव भी नजर नहीं आता। इसके लिए कुछ कड़े फैसले लेने की जरूरत है जो टीम के थिंक-टैंक को इंग्लैंड दौरे पर लेने होंगे।
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वैभव सूर्यवंशी
- फोटो : PTI
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विस्तार
भारत जब आयरलैंड दौरे पर आ रहा था तो टीम के सामने सबसे बड़ी समस्या यह थी कि नई बल्लेबाजी सनसनी वैभव सूर्यवंशी को एक सेट हो चुकी टी20 टीम के प्लेइंग-11 में किस तरह फिट किया जाए। लेकिन आयरलैंड से मिली दो अप्रत्याशित हार के बाद अब इसका सिर्फ एक ही साफ जवाब नजर आता है, वो यह कि हर हाल में इस युवा बल्लेबाजी लिए जगह बनाई जाए।
प्रशंसक इस 15 साल के युवा खिलाड़ी को मैदान पर देखने की उम्मीद में अंतरराष्ट्रीय मैच शुरू होने से कम से कम तीन घंटे पहले ही स्टेडियम के गेट पर कतार लगाने को तैयार बैठे हैं। हालांकि, भारतीय टीम प्रबंधन ने लगातार प्रक्रिया का पालन करने पर जोर दिया है। मगर आयरलैंड से हारने के बाद अब निश्चित रूप से इस प्रक्रिया की समीक्षा करने का समय आ गया है।
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प्रशंसक इस 15 साल के युवा खिलाड़ी को मैदान पर देखने की उम्मीद में अंतरराष्ट्रीय मैच शुरू होने से कम से कम तीन घंटे पहले ही स्टेडियम के गेट पर कतार लगाने को तैयार बैठे हैं। हालांकि, भारतीय टीम प्रबंधन ने लगातार प्रक्रिया का पालन करने पर जोर दिया है। मगर आयरलैंड से हारने के बाद अब निश्चित रूप से इस प्रक्रिया की समीक्षा करने का समय आ गया है।
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क्यों नहीं मिल पा रही सूर्यवंशी को जगह?
वैभव को प्लेइंग इलेवन में इसलिए जगह नहीं मिल पा रही थी क्योंकि संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा की भारत की ओपनिंग जोड़ी ने टी20 विश्व कप में शानदार प्रदर्शन किया था। यही कारण था कि वे राष्ट्रीय टीम की अगली सीरीज में खेलने के पूरे हकदार थे। लेकिन अब लगता है कि सूर्यवंशी को अंतिम एकादश में जगह देनी ही होगी। ऐसा तभी नहीं होगा जब मुख्य कोच गौतम गंभीर की अगुआई वाले टीम प्रबंधन को यह लगता हो कि सैमसन और अभिषेक की जोड़ी का कोई सानी नहीं है।
वैभव को प्लेइंग इलेवन में इसलिए जगह नहीं मिल पा रही थी क्योंकि संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा की भारत की ओपनिंग जोड़ी ने टी20 विश्व कप में शानदार प्रदर्शन किया था। यही कारण था कि वे राष्ट्रीय टीम की अगली सीरीज में खेलने के पूरे हकदार थे। लेकिन अब लगता है कि सूर्यवंशी को अंतिम एकादश में जगह देनी ही होगी। ऐसा तभी नहीं होगा जब मुख्य कोच गौतम गंभीर की अगुआई वाले टीम प्रबंधन को यह लगता हो कि सैमसन और अभिषेक की जोड़ी का कोई सानी नहीं है।
गौतम गंभीर और श्रेयस अय्यर
- फोटो : IANS
इंग्लैंड दौरे पर कप्तानी और थिंक-टैंक की असली परीक्षा
टीम चयन कभी भी उतना सीधा नहीं होता जितना दिखता है, लेकिन टीम इंडिया के थिंक-टैंक को एक जुलाई से इंग्लैंड के खिलाफ शुरू हो रही पांच मैचों की टी20 सीरीज में एक व्यावहारिक समाधान ढूंढना ही होगा। पिछले कुछ सीजन के गर्मियों के रिकॉर्ड को देखें तो वहां की पिचें थोड़ी सपाट होने की उम्मीद है। आयरलैंड के खिलाफ हार के बाद भारत के लिए इंग्लैंड दौरा आसान नहीं रहने वाला है, विशेषकर नए टी20 कप्तान श्रेयस अय्यर की कप्तानी की असली परीक्षा भी इसी दौरे पर होनी है।
टीम चयन कभी भी उतना सीधा नहीं होता जितना दिखता है, लेकिन टीम इंडिया के थिंक-टैंक को एक जुलाई से इंग्लैंड के खिलाफ शुरू हो रही पांच मैचों की टी20 सीरीज में एक व्यावहारिक समाधान ढूंढना ही होगा। पिछले कुछ सीजन के गर्मियों के रिकॉर्ड को देखें तो वहां की पिचें थोड़ी सपाट होने की उम्मीद है। आयरलैंड के खिलाफ हार के बाद भारत के लिए इंग्लैंड दौरा आसान नहीं रहने वाला है, विशेषकर नए टी20 कप्तान श्रेयस अय्यर की कप्तानी की असली परीक्षा भी इसी दौरे पर होनी है।
सैमसन, अभिषेक और ईशान
- फोटो : PTI
वैभव को मौका देने के लिए बदलेगा बल्लेबाजी क्रम?
अगर टीम प्रबंधन सैमसन-अभिषेक की जोड़ी को नहीं बदलना चाहता, तो ईशान किशन समेत बाकी बल्लेबाजों को एक स्थान नीचे आना होगा। बिना सैमसन और अभिषेक को प्लेइंग-11 से बाहर किए भी वैभव को एकादश में शामिल किया जा सकता है, लेकिन इस स्थिति में बल्लेबाजी क्रम बदलना होगा। आइए जानते हैं कि किस तरह वैभव की एकादश में जगह बन सकती है...
अगर टीम प्रबंधन सैमसन-अभिषेक की जोड़ी को नहीं बदलना चाहता, तो ईशान किशन समेत बाकी बल्लेबाजों को एक स्थान नीचे आना होगा। बिना सैमसन और अभिषेक को प्लेइंग-11 से बाहर किए भी वैभव को एकादश में शामिल किया जा सकता है, लेकिन इस स्थिति में बल्लेबाजी क्रम बदलना होगा। आइए जानते हैं कि किस तरह वैभव की एकादश में जगह बन सकती है...
- ओपनिंग में संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा ही उतरें।
- नंबर तीन पर वैभव सूर्यवंशी को उतारा जा सकता है।
- इस स्थिति में चौथे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए ईशान किशन उतरें।
- पांचवें नंबर पर कप्तान श्रेयस आएं और फिर छठे स्थान पर तिलक वर्मा को भेजा जाए।
- ऑलराउंडर शिवम दुबे सातवें नंबर पर और अक्षर पटेल को आठवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए भेजा जा सकता है।
- अगर शिवम दुबे सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करने आते हैं, तो उनसे चार ओवर गेंदबाजी करने की उम्मीद की जाएगी क्योंकि शीर्ष क्रम में केवल अभिषेक ही कामचलाऊ स्पिनर हैं।
- अगर ऐसा होता है तो सूर्यांश शेडगे को इंग्लैंड के खिलाफ पहले मैच में जगह नहीं मिलेगी।
दुबे का स्तर हार्दिक पांड्या जैसा नहीं हैं और टी20 टीम में वह ज्यादा से ज्यादा छठे गेंदबाज ही हो सकते हैं। असली समस्या यहीं से शुरू होती है। भारत के सभी टी20 बल्लेबाजों को आईपीएल में बड़े शॉट लगाना पसंद है, क्योंकि उन्हें पता होता है कि उनके पास एक इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में एक विकल्प मौजूद है। ऐसी स्थिति में जब वह मुश्किल पिच पर खेलते हैं तो उनके लिए समस्या पैदा हो जाती है। भारत जब इस तरह के मुश्किल विकेट पर खेलता है और वह आक्रामक रवैया बनाए रखकर अपने प्लान बी को नजरअंदाज करता है तो उसके बल्लेबाज अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं।
सैमसन को बाहर रखना भी हो सकता है विकल्प
अगर सैमसन और अभिषेक की सलामी जोड़ी बरकरार रखकर सूर्यवंशी को टीम में रखा जाता है और पांच विशेषज्ञ गेंदबाजों को भी बरकरार रखा जाता है तो ऐसे में किशन और तिलक वर्मा में से किसी को बाहर करना होगा। मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए सबसे तार्किक समाधान सैमसन को टीम से बाहर करना होगा। वह आयरलैंड के खिलाफ दोनों मैच में नहीं चल पाए थे। गेंदबाजों के लिए अनुकूल परिस्थितियों में वह लय में नजर नहीं आए। अगर टीम प्रबंधन को गेंदबाजी में संतुलन बनाए रखना है तो उसे सैमसन से बात करनी होगी। यह मुश्किल फैसला होगा लेकिन सूर्यवंशी को अंतिम एकादश में रखने के लिए कुछ कड़े फैसले तो लेने ही होंगे।
अगर सैमसन और अभिषेक की सलामी जोड़ी बरकरार रखकर सूर्यवंशी को टीम में रखा जाता है और पांच विशेषज्ञ गेंदबाजों को भी बरकरार रखा जाता है तो ऐसे में किशन और तिलक वर्मा में से किसी को बाहर करना होगा। मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए सबसे तार्किक समाधान सैमसन को टीम से बाहर करना होगा। वह आयरलैंड के खिलाफ दोनों मैच में नहीं चल पाए थे। गेंदबाजों के लिए अनुकूल परिस्थितियों में वह लय में नजर नहीं आए। अगर टीम प्रबंधन को गेंदबाजी में संतुलन बनाए रखना है तो उसे सैमसन से बात करनी होगी। यह मुश्किल फैसला होगा लेकिन सूर्यवंशी को अंतिम एकादश में रखने के लिए कुछ कड़े फैसले तो लेने ही होंगे।